बिहार की भीषण बाढ़ में पप्पू यादव लगातार प्रभावित परिवारों की मदद कर रहे हैं और कई जगह 500-500 रुपये की नकद सहायता बांट रहे हैं। उनकी दरियादिली के बीच अब उनकी दौलत को लेकर भी चर्चा तेज है।

National News : बिहार इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में है। गंगा और दूसरी नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हैं। ऐसे समय में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं। सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में सामने आए वीडियो में वह बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर राहत सामग्री बांटते और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक मदद करते दिखाई दे रहे हैं। पटना के दियारा क्षेत्र से लेकर कटिहार, हाजीपुर-राघोपुर और दूसरे बाढ़ प्रभावित इलाकों तक पप्पू यादव के राहत अभियान की चर्चा हो रही है। कई जगहों पर उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं और परिवारों को 500-500 रुपये की नकद सहायता दी। इसके अलावा चूड़ा, चावल, आटा और दूसरी जरूरी खाद्य सामग्री भी बांटी गई। कुछ स्थानों पर महिलाओं को सैनिटरी पैड उपलब्ध कराने और नावों की व्यवस्था कराने की जानकारी भी सामने आई है। National News
बिहार की बाढ़ के बीच पप्पू यादव के राहत अभियान के कई वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। पटना के दीघा और एलसीटी घाट के आसपास बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात के दौरान उन्होंने जरूरतमंद लोगों को 500-500 रुपये की आर्थिक सहायता दी। साथ ही चूड़ा, आटा और चावल जैसी राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। कटिहार के कुरसेला क्षेत्र में भी पप्पू यादव बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने प्रभावित लोगों की समस्याएं सुनीं और राहत पहुंचाने का प्रयास किया। National News
पप्पू यादव की राजनीति में गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच सक्रिय रहने की छवि लंबे समय से चर्चा का विषय रही है। बाढ़ हो, किसी परिवार की आर्थिक परेशानी हो या इलाज से जुड़ी मदद की अपील उनके समर्थक अक्सर उनके ऐसे अभियानों को सोशल मीडिया पर साझा करते रहे हैं। हालांकि, किसी नेता की जनसेवा और उसकी निजी संपत्ति दो अलग-अलग विषय हैं। इसलिए यह सवाल कि राहत अभियान में खर्च होने वाला पैसा कहां से आता है, उसका जवाब राजनीतिक दावों से ज्यादा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध वित्तीय दस्तावेजों से तलाशना उचित है। National News
2024 के लोकसभा चुनाव में पूर्णिया सीट से चुनाव लड़ते समय पप्पू यादव ने चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति का विवरण दिया था। MyNeta पर उपलब्ध हलफनामा रिकॉर्ड के अनुसार उनकी कुल घोषित संपत्ति ₹12,08,84,682, यानी करीब 12.08 करोड़ रुपये थी। वहीं उनकी कुल देनदारियां ₹1,72,36,808, यानी करीब 1.72 करोड़ रुपये दर्ज थीं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये आंकड़े 2024 के चुनाव के समय दाखिल किए गए स्वघोषित हलफनामे के हैं। इन्हें सितंबर 2026 में उनकी मौजूदा संपत्ति का अंतिम आंकड़ा नहीं माना जा सकता। MyNeta भी इन आंकड़ों को चुनावी हलफनामे पर आधारित घोषित संपत्ति के रूप में प्रस्तुत करता है। National News
हलफनामे के अनुसार पप्पू यादव के नाम पर नकद राशि, बैंक जमा, बीमा और अन्य चल संपत्तियां दर्ज थीं। उनके नाम पर 2014 मॉडल की इनोवा कार भी दर्ज थी। इसके अलावा उनके पास करीब 204 ग्राम सोना घोषित किया गया था। हलफनामे में चल संपत्तियों के साथ परिवार की संपत्तियों का भी विवरण दिया गया है। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार कुल घोषित चल संपत्ति का मूल्य करीब 1.54 करोड़ रुपये था, जबकि कुल संपत्ति में अचल संपत्तियों का हिस्सा काफी बड़ा था। National News
2024 के चुनावी हलफनामे से जुड़ी रिपोर्टों के मुताबिक पप्पू यादव ने अपनी आय के स्रोत में पूर्व सांसद के रूप में मिलने वाली पेंशन का उल्लेख किया था। उनकी पत्नी रंजीत रंजन के लिए सांसद के रूप में मिलने वाला वेतन आय के स्रोत के तौर पर बताया गया था। यानी सार्वजनिक रिकॉर्ड में उनकी संपत्ति और आय से संबंधित जानकारी पूरी तरह अनुपलब्ध नहीं है। चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार को अपनी घोषित संपत्ति, देनदारी और आय से संबंधित विवरण सार्वजनिक करना होता है। National News
2024 के हलफनामे पर आधारित रिपोर्टों में पप्पू यादव और उनके परिवार की अचल संपत्तियों का विवरण भी सामने आया था। इनमें आवासीय और व्यावसायिक जमीन से जुड़ी संपत्तियां शामिल थीं। अमर उजाला की हलफनामा आधारित रिपोर्ट के अनुसार परिवार की कुल संपत्ति में अचल संपत्तियों का बड़ा हिस्सा था। यही कारण है कि जब पप्पू यादव सार्वजनिक मंचों पर बड़ी रकम के साथ राहत अभियान चलाते दिखाई देते हैं, तो उनके समर्थकों के साथ-साथ राजनीतिक विश्लेषकों के बीच भी उनकी आर्थिक क्षमता को लेकर चर्चा होती है। National News
बाढ़ राहत अभियान के दौरान पप्पू यादव का एक बयान भी सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्टों में चर्चा का विषय बना। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि उनके पास इतना पैसा है कि सरकार के पास भी नहीं होगा। उनका कहना था कि जब राहत सामग्री और राशन खत्म हो गया तो लोगों की जरूरत पूरी करने के लिए सीधे नकद सहायता देनी पड़ी। इस बयान को उनके राहत अभियान के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, इस तरह के राजनीतिक बयानों को उनकी वास्तविक संपत्ति का स्वतंत्र प्रमाण नहीं माना जा सकता। उनकी घोषित संपत्ति जानने के लिए चुनावी हलफनामा ही अधिक ठोस सार्वजनिक दस्तावेज है। National News
राहत वितरण के दौरान एक अन्य घटना भी सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक पटना में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री और नकद राशि बांटते समय पप्पू यादव के बैग से करीब एक लाख रुपये चोरी होने का आरोप सामने आया। यह मामला राहत वितरण के दौरान मौजूद भीड़ के बीच हुआ बताया गया। इस घटना को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में चोरी की बात पप्पू यादव की ओर से लगाए गए आरोप के रूप में सामने आती है। इसे किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। National News
पप्पू यादव की राजनीतिक यात्रा विवादों से अलग नहीं रही है, लेकिन इसके समानांतर गरीब और जरूरतमंद लोगों के बीच सक्रिय रहने की उनकी छवि भी बनी है। मौजूदा बाढ़ के दौरान उनका प्रभावित इलाकों में पहुंचना, लोगों से मिलना, राहत सामग्री देना और कुछ परिवारों को नकद सहायता उपलब्ध कराना इसी छवि को मजबूत करता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस अभियान को और व्यापक चर्चा दी है। हालांकि सोशल मीडिया पर मौजूद हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं होती, इसलिए राहत अभियान से जुड़े तथ्यों को उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और प्रत्यक्ष रिकॉर्ड के आधार पर ही देखना उचित होगा। National News
उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड के आधार पर सीधा जवाब यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव के समय पप्पू यादव ने करीब 12.08 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की थी और करीब 1.72 करोड़ रुपये की देनदारियां बताई थीं। लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना सही नहीं होगा कि बाढ़ राहत में उनके द्वारा खर्च की जा रही प्रत्येक राशि उसी घोषित संपत्ति से आ रही है। राहत अभियान में इस्तेमाल होने वाले धन के मौजूदा स्रोत की स्वतंत्र और पूर्ण जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। National News
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