आप भी करते हैं ऑनलाइन ऑर्डर तो हो जाए सावधान, बन सकते हैं 'पार्सल स्कैम' का शिकार
Parcel Scam
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:32 AM
Parcel Scam : अभी तक आपने ठगी के कई तरीके देखे होंगे।लेकिन आपने ऐसा फ्रॉड करने का तरीका नही सुना होगा। जिसमे साइबर ठगों ने आम जनता को ठगने के लिए एक नया तरीका खोज निकाला है। जिसे अपराध की भाषा में 'पार्सल स्कैम' नाम दिया गया है। इसमें कूरियर कंपनी और कूरियर बॉय का बिना उनको कुछ पता चले इस्तेमाल किया जा रहा है।
जहां एक तरफ तकनीकी युग मे नए-नए विकास हो रहे हैं, वही दूसरी तरफ ये विकास हमारे लिए कोई ना कोई नईं चुनौती भी ले कर आ रहा है। एक तरफ इस टेक्नोलाजी ने हमारे लिये कई सुविधाएँ दी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ स्कैमर लोगों के लिए ठगी करने के नये रास्ते भी खोल दिये हैं। जिन लोगों को इस बारें मे जानकारी नहीं होती है, वह आसानी से इस ठगी का शिकार बन जाते हैं। इसलिये आज हम आपको एक नयें तरह के स्कैम के बारे मे बताने जा रहें हैं। जिसके बारे मे आमजन को जानना बेहद जरुरी हैं। इस स्कैम का शिकार बहुत लोग हो रहें हैं। इस तरह के स्कैम को पार्सल स्कैम का नाम दिया गया है ।
क्या है पार्सल स्कैम?
जिस तरीके से देश मे टेक्नोलॉजी का विकास हुआ है। ठीक इसके समानांतर साइबर ठग भी हाईटेक हुए है। इस स्कैम मे कूरियर कंपनी और कूरियर बॉय का बिना उनको कुछ पता चले इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पार्सल स्कैम मे साइबर अपराधी आपका डाटा या जानकारी आपके आने वाले पार्सल के जरिये चुरा लेती हैं। इस तरह का फ्रॉड तब होता है जब आप अपने पार्सल का रैपर कूड़े मे या डस्टबिन मे फ़ेक देते हैं। आपकी ये जानकारी किसी अपराधिक तत्वों के हाथों मे लग जाती हैं। कई बार आपकी जानकारी पार्सल के जरिये कूरियर कंपनी या ई-कॉमर्स कंपनी के वेयर हाउस से भी चुरा लेते हैं। इसके बाद वे इस जानकारी का अलग-अलग तरीके से फ्रॉड के लिये यूज करते है । कई बार कूरियर कंपनी और कूरियर बॉय बनकर आपको कॉल करते हैं और बैंकिंग जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं।
पार्सल स्कैम से कैसे बचें?
पार्सल स्कैम से बचने के लिए आपको कई तरह की सावधानियां बरतनी होगी। इसके लिये ध्यान देने वाली बात यह है कि जब भी आप कोई समान ऑनलाइन ऑर्डर करतें हैं तो उस समान की डिलीवरी का मैसज अपके पास आना शुरु हो जाता हैं। आप उस ऑर्डर को ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकतें हैं। इसके साथ-साथ आप अपना पार्सल रिसीव करने के बाद उसका रैपर ऐसे ही मत फेकिए। उसके ऊपर लिखी जानकारी पूरी तरह से नष्ट करने के बाद ही उसे डस्टबिन मे डालें। किसी भी कीमत में अपनी निजी जानकारी जैसे बैंक डीटेल शेयर न करें।किसी भी लिंक पर क्लिक ना करे। इस तरह के पार्सल स्कैम के बारे में 155260 पर कॉल करके शिकायत करें या फिर cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत करें।