Parliament News : राष्ट्रपति मुर्मू ने हिंदी में दिया पहला अभिभाषण, सदस्यों ने 64 मिनट में 180 बार थपथपाई मेज
President Murmu gave his first speech in Hindi, members thumped the table 180 times in 64 minutes
भारत
चेतना मंच
31 Jan 2023 10:33 PM
नई दिल्ली। देश की पहली आदिवासी राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को संसद के ऐतिहासिक केंद्रीय कक्ष में दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में अपना पहला अभिभाषण हिंदी में दिया। उन्होंने महिलाओं, पिछड़ों, समाज के विभिन्न वर्गों एवं देश के प्रमुख मुद्दों पर सरकार का मत रखा। उनके अभिभाषण में सरकार की 50 से अधिक उपलब्धियां गिनाये जाने पर सत्ता पक्ष के कई सदस्यों ने मेजें थपथपाकर उनका स्वागत किया।
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राष्ट्रपति मुर्मू के करीब 64 मिनट के पहले अभिभाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सदस्यों ने 180 से अधिक बार मेज थपथपायीं। इससे पहले राष्ट्रपति भवन से घुड़सवार दस्ते एवं अंगरक्षकों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने वाहन से संसद भवन पहुंचीं। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा एवं राज्यसभा के महासचिवों ने उनकी आगवानी की।
राष्ट्रपति के अभिभाषण से पहले राष्ट्रगान की धुन बजाई गयी। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने अपना अभिभाषण पढ़ा। बाद में उप राष्ट्रपति धनखड़ ने अभिभाषण के शुरुआती एवं अंतिम अंश का अंग्रेजी अनुवाद पढ़ा।
अभिभाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश, उच्च सदन के नेता पीयूष गोयल, भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित अनेक केंद्रीय मंत्री एवं सांसद मौजूद थे। राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी केंद्रीय कक्ष में अगली कतार में अकेले बैठी थीं।
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भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में हिस्सा लेने जम्मू कश्मीर गए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के कई अन्य सांसद अभिभाषण के अवसर पर संसद में उपस्थित नहीं हो सके, क्योंकि खराब मौसम के कारण श्रीनगर से उनकी उड़ानों में विलंब हो गया। विपक्षी दलों में द्रमुक के टीआर बालू, तृणमूल कांग्रेस के संदीप बंदोपाध्याय, डेरेक ओब्रायन, नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला आदि केंद्रीय कक्ष में अभिभाषण के दौरान मौजूद थे।
राष्ट्रपति ने जब स्वाधीनता सेनानी तथा ओडिया भाषा की सुप्रसिद्ध कवियत्री ‘उत्कल भारती’ कुंतला कुमारी साबत की ‘नारी-शक्ति’ नामक कविता का उल्लेख किया तब सदस्यों ने मेज थपथपायी। ओडिशा से आने वाली राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि इस कविता में 100 वर्ष पहले कुंतला कुमारी साबत ने यह उद्घोष किया था कि बसुंधरा-तले भारत-रमणी नुहे हीन नुहे दीन, अमर कीरति कोटि युगे केभें जगतुं नोहिब लीन। अर्थात भारत की नारी पृथ्वी पर किसी की तुलना में न तो हीन है, न दीन है। सम्पूर्ण जगत में उसकी अमर कीर्ति युगों-युगों तक कभी लुप्त नहीं होगी यानि सदैव बनी रहेगी।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान ‘नारी शक्ति’ और बेटियों के सशक्तिकरण की योजनाओं के उल्लेख पर सदस्यों ने 15 से अधिक बार मेज थपथपाकर स्वागत किया। उन्होंने अपने अभिभाषण में जब नये संसद भवन, केदारनाथ धाम, काशी विश्वनाथ धाम और महाकाल लोक के निर्माण के साथ साथ अयोध्या धाम के निर्माण का उल्लेख किया तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित सत्ता पक्ष के सदस्यों ने गर्मजोशी से मेज थपथपाकर इसका स्वागत किया।जब अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की आकांक्षा जागने, मूल सुविधाओं के इस वर्ग तक पहुंचने और इनके नए सपने देखने में सक्षम हो पाने का जिक्र किया तब सदस्यों ने कई बार मेज थपथपायी।
मुर्मू ने अपने संबोधन में सर्जिकल स्ट्राइक से लेकर आतंकवाद पर कठोर प्रहार करने, नियंत्रण रेखा (एनओसी) से लेकर वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) तक हर दुस्साहस का कड़ा जवाब देने, अनुच्छेद 370 को हटाने से लेकर तीन तलाक के खिलाफ कानून लाने के सरकार के कदम का जिक्र किया। प्रधानमंत्री सहित सत्ता पक्ष के सदस्यों ने इसका भी स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने केंद्रीय कक्ष में प्रवेश करते समय और अभिभाषण के बाद बाहर निकलते समय सदस्यों के अभिवादन का हाथ जोड़कर जवाब दिया।
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