मिडिल ईस्ट संकट पर कांग्रेस की राजनीति पर पीएम मोदी का बड़ा हमला

प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर चिंता जताई। कहा, "गल्फ में जो हो रहा है, उससे आप सभी का चिंतित होना स्वभाविक है। हमारे लाखों भाई-बहन वहां काम करते हैं। आज भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने का प्रयास कर रहा है और सभी मित्र देशों की सरकारें हमारे लोगों का ध्यान रख रही है।

PM Narendra Modi in Ernakulam, Kerala
मिडिल ईस्ट तनाव पर पीएम मोदी ने जताई चिंता (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Mar 2026 04:14 PM
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PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को केरल के कोच्चि में अखिल केरल धीवरा सभा के स्वर्ण जयंती सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट और घरेलू राजनीति पर जोरदार हमला बोला। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह वैश्विक संकट के बीच सस्ती राजनीति कर रही है, जबकि भारत आत्मनिर्भर बनकर अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

मिडिल ईस्ट तनाव पर चिंता और कांग्रेस पर हमला

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा, "गल्फ में जो हो रहा है, उससे आप सभी का चिंतित होना स्वभाविक है। हमारे लाखों भाई-बहन वहां काम करते हैं। आज भारत हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने का प्रयास कर रहा है और सभी मित्र देशों की सरकारें हमारे लोगों का ध्यान रख रही हैं।"

इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। पीएम मोदी ने कहा, "कांग्रेस इतने बड़े वैश्विक संकट में राजनीति कर रही है। वह जानबूझकर उक्साने वाले बयान दे रही है ताकि हालात बिगड़ें। आज का भारत अपने नागरिकों को संकट में नहीं छोड़ता।" उन्होंने यह भी कहा कि ये लोग मिलकर मोदी को गाली दे रहे हैं और जल्द ही गाली देने का 'रील' बनाने का काम भी शुरू कर सकते हैं।

एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना

केरल की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय दलों पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ के नाम अलग हैं, लेकिन कारनामे एक जैसे हैं। दोनों भ्रष्टाचार और अपराध में साझीदार हैं, साथ ही विकास रोकने में भी इनका पार्टनरशिप है।

'केरल' से 'केरलम' बदलने की मंजूरी

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा, "मेरे मलयाली भाइयों और बहनों का लंबा इंतजार खत्म हुआ। आप सभी सालों से मांग कर रहे थे कि केरल का नाम बदलकर 'केरलम' कर दिया जाए। केंद्र में भाजपा-एनडीए की सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।"

करोड़ों के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और मछुआरा समुदाय की सराहना

प्रधानमंत्री ने केरल के एर्नाकुलम में लगभग 10,800 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें कोच्चि रिफाइनरी में नई इकाई की आधारशिला शामिल है, जिससे प्लास्टिक और मेडिकल उपकरणों के लिए कच्चा माल मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, मुंबई-कन्याकुमारी कॉरिडोर और कोझिकोड बाईपास का भी उद्घाटन किया गया, जिससे यात्रा का समय काफी कम होगा।

मछुआरा समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में इस समुदाय की अहम भूमिका है। उन्होंने 1999 की भीषण बाढ़ में मछुआरा समुदाय द्वारा लोगों को बचाने के साहसिक कार्य को याद किया और बताया कि सरकार 'ब्लू इकॉनमी' को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत केरल को 1,400 करोड़ रुपये की राशि दी गई है, जिससे मछली पालन क्षेत्र को बूस्ट मिलेगा।PM Modi

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महिला किसान वर्ष 2026: सीएम फडणवीस ने किसानों को किया सम्मानित

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के विभिन्न विभागों से आईं प्रगतिशील महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन महिलाओं ने पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़कर आधुनिक तकनीक और प्रबंधन के जरिए अपनी आय में वृद्धि की है।

CM Devendra Fadnavis Honored Women Farmers
सीएम फडणवीस ने राज्य की 9 महिला किसानों को किया सम्मानित (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar11 Mar 2026 03:07 PM
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CM Devendra Fadnavis Honored Women Farmers: महाराष्ट्र में खेती की तकदीर और तस्वीर बदलने में महिलाओं की भूमिका अब केंद्र में आ गई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस और ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष 2026’ के उपलक्ष्य में मुंबई स्थित विधान भवन में ‘महिला किसानों का सशक्तिकरण’ विषय पर एक विशेष चर्चा सत्र का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और राज्य की उन महिलाओं को सम्मानित किया, जिन्होंने कृषि क्षेत्र में अपनी मेहनत से सफलता की नई इबारत लिखी है।

दिग्गज नेताओं ने की उपस्थिति

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे जैसे दिग्गज नेता मौजूद रहे। साथ ही, कृषि जगत की प्रख्यात हस्ती और MSSRF (एम. एस. स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन) की अध्यक्षा डॉ. सौम्या स्वामीनाथन की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।

सफलता की प्रेरक कहानियां

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के विभिन्न विभागों से आईं प्रगतिशील महिला किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इन महिलाओं ने पारंपरिक खेती की सीमाओं को तोड़कर आधुनिक तकनीक और प्रबंधन के जरिए अपनी आय में वृद्धि की है।

इन महिलाओं को मिला सम्मान

भूमिका शिर्के (कोंकण विभाग), स्वाती शिंगाडे (पुणे विभाग), अरुंधती पाटील (कोल्हापुर विभाग), वृंदावनी यादव (लातूर विभाग), गंगुबाई ठेंग (अमरावती विभाग), नेहा शेट्ये (रत्नागिरी जिला), मयुरी जाधव (रत्नागिरी जिला) इसके अलावा, मराठवाड़ा और विदर्भ में कार्यरत नागपुर के ‘मराठवऱ्हाड दूध उत्पादक संघ’ की रुपाली शिंदे और वर्षा चव्हाण को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।

महिलाओं को खेती का मालिकाना हक और तकनीकी प्रशिक्षण पर जोर

चर्चा के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि 2026 को ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ के रूप में मनाना भारत जैसी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने महिलाओं को खेती का मालिकाना हक और तकनीकी प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

महाराष्ट्र सरकार की ओर से यह संदेश स्पष्ट था कि राज्य की प्रगति में अब महिला किसानों की भागीदारी केवल श्रमिकों के रूप में नहीं, बल्कि निर्णय लेने वाले उद्यमियों के रूप में होगी। यह कार्यक्रम महिला सशक्तिकरण के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। CM Devendra Fadnavis Honored Women Farmers

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सुप्रीम कोर्ट ने 12 साल से कोमा में पड़े मरीज को दी इच्छामृत्यु की अनुमति

सुप्रीम कोर्ट आॅफ इंडिया ने इच्छामृत्यु से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 31 वर्षीय उस मरीज के लिए निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी, जो पिछले 12 वर्षों से कोमा की स्थिति में था।

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सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया ने इच्छामृत्यु से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar11 Mar 2026 02:12 PM
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Decision On Euthanasia : देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया ने इच्छामृत्यु से जुड़े एक अहम मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने 31 वर्षीय उस मरीज के लिए निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति दे दी, जो पिछले 12 वर्षों से कोमा की स्थिति में था। कोर्ट के इस आदेश के बाद मरीज को जीवित रखने के लिए लगाए गए कृत्रिम जीवन रक्षक उपकरण हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

2013 में हादसे के बाद कोमा में चला गया था मरीज

जानकारी के अनुसार हरीश राणा नाम के इस व्यक्ति को वर्ष 2013 में एक इमारत की चौथी मंजिल से गिरने के कारण सिर में गंभीर चोटें आई थीं। इस दुर्घटना के बाद से वह लगातार कोमा में था और उसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। लंबे समय से अस्पताल में इलाज के बावजूद डॉक्टरों ने उसके ठीक होने की संभावना बेहद कम बताई थी।

सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने दिया आदेश

यह फैसला न्यायमूर्ति जे.बी. परदीवाला और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने सुनाया। अदालत ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली को निर्देश दिया कि मरीज को उपशामक देखभाल इकाई में स्थानांतरित किया जाए, ताकि उपचार धीरे-धीरे बंद करने की प्रक्रिया सम्मानजनक ढंग से पूरी की जा सके।

मरीज की गरिमा बनाए रखने पर दिया जोर

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि उपचार बंद करने की प्रक्रिया पूरी तरह से व्यवस्थित और संवेदनशील तरीके से की जानी चाहिए, ताकि मरीज की गरिमा और सम्मान बना रहे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मरीज के माता-पिता से मिलने की इच्छा भी जताई थी और मामले की विस्तृत रिपोर्ट का अध्ययन किया था। मामले में गठित मेडिकल बोर्ड ने जांच के बाद बताया था कि मरीज के ठीक होने की संभावना लगभग न के बराबर है। अदालत ने 2023 में जारी दिशा-निदेर्शों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में प्राथमिक और द्वितीयक मेडिकल बोर्ड की राय लेना आवश्यक होता है। दोनों मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर ही अदालत ने यह निर्णय सुनाया।



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