
Pathan Boycott: शाहरुख खान 4 साल के अंतराल के बाद पठान मूवी से एक बार फिर दर्शकों के सामने हैं। शाहरुख खान की एक बड़ी फैन फॉलोइंग है जो उनकी हर रिलीज का इंतजार बेसब्री से करती है। लेकिन पठान की बात करें तो पठान फिल्म अपने रिलीज से कई महीनों पहले से ही विवादों में घिर गई थी।
फिल्म के बेशर्म रंग गाने ने हिंदू संगठनों का गुस्सा भड़का दिया था। दीपिका की भगवा बिकिनी विवाद की लपटों में आ गई थी ,जिसका असर देशभर में बॉयकॉट पठान कैंपेन के रूप में देखने को मिला।
जिस तरह से यह विवाद सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक फैल गया था और इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया था उससे तो यही लग रहा था कि फिल्म का रिलीज होना भी मुश्किल हो जाएगा लेकिन फिल्म न सिर्फ तय समय पर रिलीज हुई बल्कि फिल्म को बंपर ओपनिंग मिली है। दूसरी तरफ बजरंग दल जैसे हिंदूवादी संगठन अब भी फिल्म को सिनेमाघरों से उतारने पर आमादा है। देश के कई शहरों में फिल्म के विरोध में प्रदर्शन चल रहे हैं और सिनेमा घरों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है।
बिहार के भागलपुर में दीप प्रभा सिनेमा हॉल में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पठान का शो रुकवाने की कोशिश की। कुछ ऐसी कोशिश इंदौर में की गई, जहां सपना संगीता सिनेमा घर में जागरण मंच के कार्यकर्ताओं ने विरोध स्वरूप भगवा झंडे फहराए और हनुमान चालीसा का पाठ किया। आगरा में भी पठान फिल्म का विरोध कर रहे हैं हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं ने फिल्म के पोस्टरों पर स्याही फेंकी और पोस्टर फाड़ डाले।
"बेशर्म रंग" गाने को लेकर इतना विवाद हुआ था कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ से एक मुलाकात के दौरान कुछ फिल्मी कलाकारों ने योगी और मोदी जी से अनुरोध किया था कि वह बॉयकॉट बॉलीवुड ट्रेंड को रुकवाने में मदद करें, इतना ही नहीं प्रधानमंत्री मोदी ने भी बीजेपी कार्यकर्ताओं और नेताओं को फिल्मों से जुड़े विवादित बयान ना देने की सलाह दी थी। फिर भी फिल्म को लेकर उठे बवाल रुकने का नाम नहीं ले रहा था। इन सब विवादों के बाद ऐसा ही लग रहा था कि फिल्म का हश्र न जाने क्या होगा?
इन विवादों को देखते हुए ही शाहरुख खान ने फिल्म का प्रीमियर भी भारत में करने के बजाय दुबई में किया था और भारतीय मीडिया से भी दूरी बनाकर रखी थी ।
आज पठान फिल्म रिलीज हो गई है और उसे बंपर ओपनिंग भी मिली है। और फिल्म व्यवसाय से जुड़े लोगों का मानना है कि पहले ही दिन फिल्म 56 करोड़ तक का व्यवसाय कर सकती है ।
आज फिल्म की रिलीज के साथ इसके विरोध का सिलसिला भी जगह-जगह देश भर में देखा जा रहा है । फिल्मों के विरोध की पुरानी घटनाओं को देखें तो नकारात्मक प्रचार का पठान फिल्म को फायदा ही मिलेगा, जिस तरह की ओपनिंग हुई है और शाहरुख के चाहने वाले फिल्म को देखने जा रहे हैं उससे यह लगता है कि नकारात्मक प्रचार इन फिल्मों को फायदा ही पहुंचाता है। ऐसा ही कुछ संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत को लेकर भी हुआ था जहां करणी सेना और कुछ अन्य संगठनों ने विवाद खड़ा किया था और फिल्म को रोकने के लिए देशभर में प्रदर्शन किए थे लेकिन अगर इसके असर की बात करें तो इस विवाद के बाद संजय लीला भंसाली की एक औसत दर्जे की फिल्म भी बंपर कमाई कर गई थी । तो अब तक ये विवाद फिल्मो के लिए फायदे का सौदा ही साबित हुए हैं।
आज पहले दिन की बात करें तो ट्विटर पर एक तरफ किंग इज बैक ट्रेंड हो रहा है, तो दूसरी तरफ पठान का बहिष्कार भी ट्रेंड में नजर आया। यानी कि दोनों ही पक्ष पूरे जोर-शोर से एक दूसरे पर हावी होने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन गौरतलब है कि शाहरुख खान की एक बड़ी फैन फॉलोइंग है जो पहले दिन तो उनकी फिल्म को देखने जाती ही है फिल्म चाहे कैसी भी हो।