कांग्रेस नेता पवन खेड़ा एक नए विवाद में घिर गए हैं। असम पुलिस की टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

New Delhi/Guwahati : कांग्रेस नेता पवन खेड़ा एक नए विवाद में घिर गए हैं। असम पुलिस की टीम उनके दिल्ली स्थित आवास पर पहुंची, जिसके बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। यह कार्रवाई हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद हुई है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास विदेशी पासपोर्ट से जुड़ा मुद्दा है। खेड़ा ने इस मामले को सार्वजनिक मंच पर उठाते हुए सवाल खड़े किए थे। इसके बाद सरमा की पत्नी ने इन आरोपों को झूठा और मानहानिकारक बताते हुए कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया और असम में एफआईआर दर्ज कराई।
एफआईआर दर्ज होने के बाद असम पुलिस की एक टीम जांच के सिलसिले में दिल्ली पहुंची। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम ने पवन खेड़ा से पूछताछ या नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की है। यह कदम कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने जो भी सवाल उठाए हैं, वे सार्वजनिक हित में हैं। उनका कहना है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव बनाने के लिए की जा रही है। इस मामले में बीजेपी की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पहले ही पवन खेड़ा पर निशाना साध चुके हैं और इसे झूठ फैलाने की राजनीति बताया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस इस कार्रवाई को लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रही है।
असम में चुनावी माहौल के बीच यह विवाद और भी संवेदनशील हो गया है। एक तरफ बीजेपी इसे झूठ के खिलाफ कार्रवाई बता रही है। वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई कह रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले चुनाव में बड़ा राजनीतिक नैरेटिव बन सकता है। पवन खेड़ा और हिमंता बिस्वा सरमा के बीच यह विवाद अब केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कानूनी और राजनीतिक टकराव में बदल गया है।