स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बने 'राष्ट्र मंदिर' का हुआ भव्य उद्घाटन

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने अपने संबोधन में युवा शक्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "कोई भी परिवार, समाज या राष्ट्र युवाओं के कारण ही चलता है। आज आर्य समाज के साथ युवाओं को जोड़ने की अत्यंत आवश्यकता है।

Rashtra Mandir
राष्ट्र मंदिर के उद्घाटन को सफल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar26 Feb 2026 06:28 PM
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Rashtra Mandir : ऐतिहासिक नवलखा महल में सत्यार्थ प्रकाश न्यास के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय आर्य सम्मेलन का भव्य समापन स्वतंत्रता सेनानियों की याद में बने 'राष्ट्र मंदिर' के उद्घाटन के साथ हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण इसी 'राष्ट्र मंदिर' का उद्घाटन रहा, जिसे एमडीएच के अध्यक्ष महाशय राजीव गुलाटी ने किया। इस अवसर पर एमडीएच के अध्यक्ष महाशय राजीव गुलाटी ने कहा कि यह तीर्थ स्थल दीर्घकाल तक देश के स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता रहेगा। उन्होंने कहा, "यह मंदिर नई पीढ़ी को हमारे वीर सेनानियों के बलिदान से अवगत कराएगा और उनमें देशभक्ति की भावना जगाएगा।" उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए वीरों को नमन करते हुए इस पहल की सराहना की।

युवाओं पर राष्ट्र का भविष्य निर्भर: अनिल आर्य

केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने अपने संबोधन में युवा शक्ति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "कोई भी परिवार, समाज या राष्ट्र युवाओं के कारण ही चलता है। आज आर्य समाज के साथ युवाओं को जोड़ने की अत्यंत आवश्यकता है। केवल तभी महर्षि दयानन्द सरस्वती के सपनों का भारत बन पाएगा।" उन्होंने युवाओं से आर्य समाज के सिद्धांतों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

महर्षि दयानन्द की तपोभूमि का महत्व

उल्लेखनीय है कि नवलखा महल उदयपुर वह पावन स्थल है, जहां रहकर महर्षि दयानन्द सरस्वती ने आर्य समाज के मूल ग्रंथ 'सत्यार्थ प्रकाश' की रचना की थी। इस ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए इस सम्मेलन में देशभर से बड़ी संख्या में आर्य प्रतिनिधि शामिल हुए।

विशिष्ट उपस्थिति एवं संचालन

कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व सांसद स्वामी सुमेधा नंद सरस्वती ने की, जबकि कुशल संचालन अशोक आर्य ने किया। इस दौरान प्रमुख रूप से सांसद एवं विधायक ताराचंद जैन, जीव वर्धन शास्त्री, विमलेश बंसल एवं विनोद बंसल आदि गणमान्य लोगों ने अपने शुभकामनाएं व विचार व्यक्त किए। Rashtra Mandir

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10वीं की परीक्षा के बीच छात्रा ने दिया बच्चे को जन्म, परिवार को नहीं थी गर्भावस्था की जानकारी

10वीं बोर्ड की गणित परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। परीक्षा दे रही एक छात्रा को अचानक तेज पेट दर्द हुआ। उसने कक्ष निरीक्षक से अनुमति लेकर वॉशरूम जाने की बात कही। कुछ ही देर बाद वॉशरूम से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी।

garbh
छात्रा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar26 Feb 2026 01:23 PM
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Baby in Washroom : मध्यप्रदेश के पीथमपुर में 10वीं बोर्ड की गणित परीक्षा के दौरान एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। परीक्षा दे रही एक छात्रा को अचानक तेज पेट दर्द हुआ। उसने कक्ष निरीक्षक से अनुमति लेकर वॉशरूम जाने की बात कही। कुछ ही देर बाद वॉशरूम से नवजात शिशु के रोने की आवाज सुनाई दी। जब स्कूल स्टाफ वहां पहुंचा तो पता चला कि छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है। घटना से परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी मच गई।

एंबुलेंस बुलाकर छात्रा और नवजात को अस्पताल भेजा

तुरंत एंबुलेंस बुलाकर छात्रा और नवजात को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल स्थिर है और चिकित्सकीय निगरानी में रखकर आवश्यक उपचार किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि छात्रा के परिजनों को उसकी गर्भावस्था के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि छात्रा ने अपनी स्थिति किसी को नहीं बताई थी।

पुलिस जांच शुरू

मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। जीरो एफआईआर दर्ज कर प्रकरण को आगे की जांच के लिए बेतमा क्षेत्र की पुलिस को सौंपा गया है। चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए संबंधित कानूनी धाराओं के तहत जांच की जा रही है। यह घटना केवल एक अप्रत्याशित प्रसंग नहीं है, बल्कि किशोरावस्था में स्वास्थ्य जागरूकता, पारिवारिक संवाद और यौन शिक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सवाल उठाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से बचाव के लिए परिवार और स्कूल दोनों स्तर पर खुला संवाद और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन बेहद जरूरी है।

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जाने एक ऐसी जगह जहाँ महिलाओं का राज, पुरुषों की भूमिका तय नियमों से

अदर वर्ल्ड किंगडम' किसी असली देश जैसा नहीं है। इसे एक वैकल्पिक सामाजिक मॉडल के रूप में पेश किया गया है। इसका अपना झंडा, प्रतीक, पासपोर्ट और करेंसी है, लेकिन ये सभी केवल प्रतीकात्मक हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध नहीं हैं।

Czech Republic
चर्चा में है 'अदर वर्ल्ड किंगडम' (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar26 Feb 2026 01:09 PM
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Czech Republic: महिलाओं के अधिकार और सुरक्षा को लेकर दुनिया में लगातार बहस चल रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक ऐसी भी जगह है, जहां दावा किया जाता है कि वहां सिर्फ महिलाओं का राज चलता है? यहां पुरुषों के लिए अलग और कड़े नियम बनाए गए हैं। हम बात कर रहे हैं 'अदर वर्ल्ड किंगडम' (Other World Kingdom) की, जो अपनी अनोखी व्यवस्था के कारण चर्चा में बना हुआ है।

कहां है यह जगह और कौन हैं शासक?

'अदर वर्ल्ड किंगडम' चेक रिपब्लिक (Czech Republic) में स्थित एक निजी माइक्रोनेशन के रूप में जाना जाता है। इसे 1996 में एक निजी पहल के तौर पर शुरू किया गया था। यह किसी मान्यता प्राप्त संप्रभु देश की तरह संयुक्त राष्ट्र या अन्य देशों द्वारा मान्य नहीं है। यहां की शासक को 'रानी पैट्रिसिया-1' (Queen Patricia I) के नाम से जाना जाता है। इसकी अपनी एक राजधानी भी है, जिसे 'ब्लैक सिटी' कहा जाता है।

पुरुषों के लिए हैं खास नियम

इस जगह की सबसे खास बात यहां का थीम आधारित ढांचा है। यहां महिलाओं को सर्वोच्च स्थान दिया गया है, जबकि पुरुषों को अधीन भूमिका में रखा गया है। यहां के नियमों के अनुसार, कानून में बदलाव का अधिकार सिर्फ रानी के पास होता है। पुरुषों के लिए कुछ प्रतीकात्मक और सख्त नियम बताए जाते हैं, जैसे कि पुरुषों को महिलाओं का सम्मान करना अनिवार्य है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां पुरुषों को कॉलर पहनना पड़ता है और उन्हें कोई भी काम करने के लिए 'मालकिन' की अनुमति लेनी होती है। यहां तक कि पुरुषों की पहचान के लिए विशेष निशान भी बनाए जाते हैं।

क्या है असली सच?

दरअसल, 'अदर वर्ल्ड किंगडम' किसी असली देश जैसा नहीं है। इसे एक वैकल्पिक सामाजिक मॉडल के रूप में पेश किया गया है। इसका अपना झंडा, प्रतीक, पासपोर्ट और करेंसी है, लेकिन ये सभी केवल प्रतीकात्मक हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध नहीं हैं। यह क्षेत्र असल में निजी संपत्ति है और चेक रिपब्लिक के कानूनों के तहत ही आता है। यहां आने वाले या रहने वाले लोगों पर चेक रिपब्लिक के ही राष्ट्रीय कानून लागू होते हैं। Czech Republic

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