राकेश अस्थाना की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाएं हाईकोर्ट में खारिज
भारत
चेतना मंच
12 Oct 2021 07:44 AM
नई दिल्ली। गुजरात काडर के आईपीएस अधिकारी व दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना को आज हाईकोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए आज उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्ति और उनकी सेवा में एक साल के विस्तार को चुनौती दी गई थी। बता दें कि हाईकोर्ट इस मामले में लंबे समय से सुनवाई कर रहा था। इससे पहले राकेश अस्थाना आरोप लगा चुके हैं कि जब से उन्हें सीबीआई का विशेष निदेशक नियुक्त किया गया है तब से कुछ संगठन और सोशल मीडिया उन्हें लगातार निशाना बना रही है। अपनी नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिका पर उन्होने कहा था कि दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में उनकी नियुक्ति को चुनौती कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है तथा इसके पीछे बदले की भावना है।
बता दें कि एक गैर सरकारी संगठन सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआइएल) के साथ कई अन्य सगंठननों ने दिल्ली हाई कोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर की थी। इन याचिकाओं में राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस आयुक्त के पद पर नियुक्ति का विरोध किया गया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि राकेश अस्थाना की नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन किया गया है। याचिका के माध्यम से यह साफ किया गया है कि किसी अधिकारी की नियुक्ति तभी की जा सकती है, जब रिटायमेंट में कम से कम 3 महीने बाकी हों। इस पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पक्ष रखने के लिए कहा था। इसके साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर राकेश अस्थाना की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका पर राकेश अस्थाना को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
राकेश अस्थाना 31 जुलाई को बतौर बीएसएफ डायरेक्टर सेवानिवृत्त हो रहे थे। लेकिन, इससे कुछ दिन पहले 27 जुलाई को गृह मंत्रालय ने उन्हें दिल्ली पुलिस कमिश्नर नियुक्त कर दिया। अब राकेश अस्थाना अगले एक साल तक इस पद पर बने रहेंगे। लेकिन, 2018 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से प्रकाश सिंह मामले में एक फैसला सुनाया गया था। इसके तहत सेवानिवृत्ति में कम से कम तीन माह बचे होने पर ही किसी को पुलिस प्रमुख के पद पर नियुक्त किया जा सकता है। लेकिन, राकेश अस्थाना के मामले में इस फैसले की अनदेखी की गई। इसी फैसले का हवाला देकर उनके खिलाफ याचिका दायर की गई थी।
गौरतलब है कि राकेश अस्थाना का पूर्व सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा के साथ भी लंबा विवाद रहा है। सीबीआई के विशेष निदेशक रहते हुए राकेश अस्थाना ने निदेशक आलोक वर्मा पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद आलोक वर्मा की ओर से भी राकेश अस्थाना पर घूसखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। दिल्ली विधानसभा में भी प्रस्ताव पास कर दिल्ली कमिश्नर पद से राकेश अस्थाना को हटाने की मांग की गई थी।