
PhonePe IPO : डिजिटल भुगतान क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ बना चुकी कंपनी फोनपे अब पूंजी बाजार में कदम रखने को तैयार है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह फिनटेक दिग्गज कंपनी करीब 1.5 अरब डॉलर के आईपीओ की तैयारी में जुटी है और अगस्त 2025 के पहले सप्ताह में सेबी के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल कर सकती है।
वॉलमार्ट समर्थित इस डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म का अनुमानित वैल्यूएशन आईपीओ के बाद 15 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह वही कंपनी है जिसने 2023 में रिबिट कैपिटल, टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट और टीवीएस कैपिटल फंड्स जैसे निवेशकों से 100 मिलियन डॉलर जुटाकर खुद को 12 अरब डॉलर के मूल्य पर पहुंचाया था।
फोनपे ने इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ को प्रबंधित करने के लिए चार दिग्गज वित्तीय संस्थानों से संपर्क साधा है — कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन चेस एंड कंपनी, सिटीग्रुप इंक, और मॉर्गन स्टेनली। ये चारों नाम न केवल भारतीय, बल्कि वैश्विक पूंजी बाजार में अपनी विश्वसनीयता और प्रभाव के लिए जाने जाते हैं। जानकार सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कंपनी आईपीओ को लेकर विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रही है और रणनीति में बदलाव की गुंजाइश बनी हुई है।
2015 में स्थापित फोनपे आज भारत के यूपीआई लेनदेन क्षेत्र की निर्विवाद अगुवा बन चुकी है। कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक, इसके पास 610 मिलियन (61 करोड़) से अधिक रजिस्टर्ड उपयोगकर्ता हैं और प्रतिदिन 34 करोड़ रुपये से अधिक का डिजिटल लेनदेन इसके प्लेटफॉर्म के जरिये होता है। भारतीय बाजार में यूपीआई ट्रांजैक्शन का लगभग 50% हिस्सा अकेले फोनपे के खाते में जाता है। इस क्षेत्र में उसका मुख्य प्रतिस्पर्धी गूगल पे है, जिसके साथ मिलकर फोनपे की कुल बाजार हिस्सेदारी करीब 80% है। पेटीएम, जो कभी इस दौड़ में अग्रणी था, अब तीसरे स्थान पर खिसक चुका है। PhonePe IPO