अब तक 25 मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से 7 की मौत हो गई है जबकि 3 मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं।

उत्तराखंड के चमोली जिले के पिपलकोटी में गुरुवार रात बड़ा हादसा हो गया। टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में अचानक पानी और मलबा घुसने से कई मजदूर अंदर फंस गए। हादसे के बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अब तक 25 मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाला जा चुका है। इनमें से 7 की मौत हो गई है जबकि 3 मजदूर अभी भी सुरंग के अंदर फंसे हुए हैं। हादसे के बाद मौके पर प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। घटनास्थल पर जरूरी मशीनरी और चिकित्सा व्यवस्था भी की गई है।
जानकारी के मुताबिक, पिपलकोटी क्षेत्र में टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग में गुरुवार रात मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पानी के साथ मलबा सुरंग के अंदर आ गया। पानी और मलबा इतनी तेजी से अंदर आया कि वहां मौजूद मजदूरों को संभलने और बाहर निकलने का ज्यादा मौका नहीं मिला। हादसे के बाद सुरंग के अंदर अफरा-तफरी मच गई। कुछ मजदूर बाहर निकलने में सफल रहे जबकि कई अंदर फंस गए।
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 25 लोगों को सुरंग से बाहर निकाला है। इन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। गोपेश्वर जिला अस्पताल के मुताबिक, अस्पताल लाए गए लोगों में से 7 को मृत घोषित कर दिया गया। दस घायल मजदूरों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक मजदूर की हालत गंभीर बताई गई है जिसे श्रीनगर बेस अस्पताल रेफर किया गया है। सुरंग में फंसे 3 अन्य मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन अभी जारी है।
एनडीआरएफ टीम के कमांडर अमृत लाल मीणा के मुताबिक, जब बचाव दल मौके पर पहुंचा तो सुरंग के अंदर काफी पानी भरा हुआ था। सुरंग के किनारों से भी लगातार पानी रिस रहा था। ऐसे हालात में रेस्क्यू टीमों को काफी सावधानी के साथ काम करना पड़ा। विशेष उपकरणों की मदद से पानी और मलबे के बीच फंसे मजदूरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
टीएचडीसी के कार्यकारी निदेशक (परियोजना) कुमार शरद ने बताया कि हादसे के समय सुरंग के अंदर करीब 28 मजदूर काम कर रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को मौके पर बुलाया गया और बचाव अभियान शुरू किया गया। अब तक 25 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 7 की मौत हो चुकी है जबकि 3 मजदूरों को निकालने की कोशिश जारी है। प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरंग में अचानक इतनी मात्रा में पानी और मलबा कैसे पहुंचा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रेस्क्यू किए गए मजदूरों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की और उनका हाल जाना। उन्होंने मजदूरों का हौसला बढ़ाते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ है और उनके इलाज व आगे की जरूरतों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने आपदा परिचालन केंद्र से चमोली जिला प्रशासन और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी एजेंसियों के अधिकारियों से लगातार जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सुरंग में फंसे हर व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना सबसे पहली प्राथमिकता है।
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार खुद घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं। जिला प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य एजेंसियों की टीमें मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के अंदर फंसे 3 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालना है। रेस्क्यू टीमों का अभियान लगातार जारी है।
विज्ञापन