पिथौरागढ़ में दर्दनाक सड़क हादसा : गहरी खाई में गिरी टैक्सी, सात लोगों की मौत, कई घायल
Pithoragarh (Uttarakhand)
भारत
चेतना मंच
16 Jul 2025 01:50 PM
Pithoragarh (Uttarakhand) : उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले पिथौरागढ़ से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मंगलवार की शाम मुवानी से बकटा की ओर जा रही एक टैक्सी वाहन नियंत्रण खो बैठी और लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण हादसे में सात यात्रियों की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि अन्य छह लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। दुर्घटना सोनी पुल के समीप उस समय हुई जब टैक्सी सर्पीले पहाड़ी रास्तों से गुजर रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, वाहन अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में समा गया। हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंच गया और तुरंत बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया। घायलों को खाई से निकालकर प्राथमिक उपचार के लिए समीपवर्ती अस्पतालों में भेजा गया है।
रेस्क्यू कार्य में स्थानीय ग्रामीणों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू कार्य में स्थानीय ग्रामीणों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पहाड़ी और संकरी पगडंडियों के चलते राहत कार्य में कठिनाई आई, लेकिन सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में वाहन के अनियंत्रित होकर फिसलने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा शोक
इस हृदयविदारक घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संदेश साझा करते हुए कहा कि "जनपद पिथौरागढ़ के मुवानी क्षेत्र में वाहन दुर्घटना की अत्यंत दु:खद सूचना प्राप्त हुई। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिजनों को इस दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। जिला प्रशासन को घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए गए हैं।"
स्थानीय लोगों ने दिखाई तत्परता
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टैक्सी गिरते ही घटनास्थल पर कोहराम मच गया। राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों ने बिना देर किए खाई में उतरकर घायलों की मदद शुरू कर दी। जब तक प्रशासनिक सहायता पहुंची, तब तक कई लोगों को बाहर निकाला जा चुका था। ऐसे समर्पण और सहयोग ने राहत कार्य को गति दी। पिथौरागढ़ प्रशासन ने इस दुखद घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सड़कों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए हैं। साथ ही, टैक्सी के फिटनेस, चालक की स्थिति और मार्ग की परिस्थितियों को लेकर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए हैं। यह हादसा एक बार फिर से उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित यातायात और मजबूत सड़क संरचना की आवश्यकता को रेखांकित करता है।