
पीएम गरीब कल्याण योजना आगामी 31 दिसंबर 2023 को खत्म हो रही थी, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ में एक चुनावी रैली के दौरान इस योजना को आगे बढ़ाने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री की इस घोषणा पर मंगलवार को केबिनेट की बैठक में फैसला लिया गया। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि 1 जनवरी 2024 से इस योजना को अगले पांच सालों के लिए आगे बढ़ाया गया है। यानि अगले पांच सालों तक देश के 81 करोड़ लोगों को मुफ्त अन्न मिलेगा। उन्होंने बताया कि पिछले पांच सालों में मोदी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि रही है। मोदी सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से पिछले पांच सालों में देश के 13.50 करोड़ लोग गरीबी के स्तर से ऊपर उठे हैं।
इस योजना की शुरुआत 17 दिसंबर 2016 को हुई और 7 जून 2021 को पीएम मोदी ने इसका विस्तार किया। यह योजना 81 करोड़ गरीब लोगों को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल और 1 किलो पसंदीदा दाल मुफ्त में देने के लिए बनी थी। इसके अलावा इसमें प्रत्येक परिवार को प्रति माह 1 किलो मुफ्त साबुत चना प्रदान किया जाता है। इस योजना में बीपीएल परिवारों को मुफ्त सिलेंडर प्रदान किया जाता था। कोविड़ के समय पीएम मोदी गरीब कल्याण योजना के तहत गरीबों के लिए 1.70 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज जारी किया गया था। उय समय इस योजना में 20 करोड़ महिला जन धन खाताधारकों को तीन महीनों के लिए 500 रुपये प्रति माह दिए गए।
गरीबी रेखा से नीचे के सभी परिवार इस योजना के लिए पात्र हैं।
अंत्योदय अन्न योजना वाले परिवार
प्राथमिकता वाले परिवार
विधवा
अंतिम रूप से बीमार व्यक्ति
विकलांग व्यक्ति
60 वर्ष या उससे अधिक आयु के व्यक्ति
एकल महिला या एकल पुरुष
सभी आदिम आदिवासी परिवार पात्र हैं।
भूमिहीन खेतिहर मजदूर
सीमांत किसान
ग्रामीण कारीगर/शिल्पकार
अनौपचारिक क्षेत्र के व्यक्ति
सभी एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति जो गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों से संबंधित हैं।
इसके अलावा ग्रामीण कारीगर/शिल्पकार, चर्मकार, बुनकर, लोहार, बढ़ई, झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले और अनौपचारिक क्षेत्र में दैनिक आधार पर अपनी आजीविका कमाने वाले व्यक्ति जैसे कुली, रिक्शा चालक, हाथ गाड़ी खींचने वाले, फल और फूल विक्रेता, सपेरे, कूड़ा बीनने वाले, मोची भी इस योजना के लिए पात्र हैं।