अपने आप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छोटा भाई बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को पटियाला हाउस कोर्ट से तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिली है। जानिए CJP प्रदर्शन में मारपीट के आरोप, गिरफ्तारी और प्रधानमंत्री के छोटे भाई होने के दावे की पूरी कहानी।

National News : खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छोटा भाई बताने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के मामले में आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत ने तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। इस फैसले के बाद एक बार फिर स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सुर्खियों में आ गया है। स्वतंत्र भारद्वाज पर आरोप है कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान CJP से जुड़ी प्रदर्शनकारी निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई थी। इस मामले में पुलिस कार्रवाई, वायरल वीडियो और स्वतंत्र भारद्वाज के बयानों को लेकर पिछले कई दिनों से दिल्ली में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज है। National News
ताजा जानकारी के मुताबिक पटियाला हाउस कोर्ट ने स्वतंत्र भारद्वाज को तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दी है। अदालत की यह राहत स्थायी जमानत नहीं है, बल्कि सीमित अवधि के लिए मिली अंतरिम राहत है। मामले की कानूनी प्रक्रिया इसके बाद भी जारी रहेगी। रिपोर्टों के अनुसार, इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज पर CJP प्रदर्शन से जुड़े लोगों के साथ कथित मारपीट के आरोप हैं। उनके खिलाफ SC/ST एक्ट और POCSO एक्ट से जुड़ी धाराओं में भी मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। National News
स्वतंत्र भारद्वाज पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और राजनीतिक बहसों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। चेतना मंच ने इससे पहले भी स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर खबर प्रकाशित की थी, जिसमें उन्हें ऐसा व्यक्ति बताया गया था जो खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छोटा भाई बताता है। यही दावा स्वतंत्र भारद्वाज को लेकर चर्चा का सबसे दिलचस्प और विवादित पहलू रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि *उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वास्तविक या जैविक भाई साबित करने वाली कोई विश्वसनीय आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।इसलिए उन्हें खबर में प्रधानमंत्री का भाई बताने के बजाय उनके “ खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छोटा भाई बताने वाले " दावे के साथ ही संदर्भित करना उचित होगा। National News
मामला 23 जून 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए CJP प्रदर्शन से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ मारपीट हुई। इस घटना के बाद स्वतंत्र भारद्वाज का नाम सामने आया। मामले ने उस समय और ज्यादा तूल पकड़ लिया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो/पॉडकास्ट क्लिप वायरल हुई। इसमें स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा कथित तौर पर घटना में अपनी भूमिका का जिक्र किए जाने का दावा किया गया। इसके बाद CJP से जुड़े लोगों ने उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।
हालांकि, स्वतंत्र भारद्वाज ने घटना को अलग तरीके से पेश किया। उनका दावा रहा कि उन्हें कई लोगों ने घेर लिया था और उन्होंने अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई की थी। यानी एक तरफ शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से हमले का आरोप है, जबकि दूसरी ओर स्वतंत्र भारद्वाज इसे आत्मरक्षा से जोड़ते रहे हैं। National News
मामले में दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी को लेकर भी कानूनी लड़ाई शुरू हुई। स्वतंत्र भारद्वाज की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर कर गिरफ्तारी को चुनौती दी गई थी, लेकिन हाईकोर्ट से उन्हें तत्काल राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला पटियाला हाउस कोर्ट तक पहुंचा और अब अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत दे दी है। National News
इस पूरे मामले में पुलिस, शिकायतकर्ता और आरोपी के दावों में अंतर दिखाई देता है। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि संजय कुमार के सिर पर हमला किया गया था। वहीं स्वतंत्र भारद्वाज का कहना है कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि पुलिस ने कथित गंभीर चोट के दावों पर अलग स्थिति रखी थी। ऐसे में घटना के वीडियो, मेडिकल रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले अन्य साक्ष्य ही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि जंतर-मंतर पर उस दिन वास्तव में क्या हुआ था। National News
स्वतंत्र भारद्वाज के कुछ पुराने बयानों और सोशल मीडिया गतिविधियों के कारण मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। वायरल क्लिप में उनके द्वारा कथित तौर पर राजनीतिक नेताओं से अपने संबंधों का जिक्र किए जाने के बाद यह सवाल भी उठा कि क्या उन्हें किसी राजनीतिक प्रभाव के कारण पहले राहत मिली थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोपों को खारिज किए जाने की रिपोर्टें सामने आई हैं। दूसरी ओर, CJP से जुड़े लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। National News
पटियाला हाउस कोर्ट से तीन सप्ताह की अंतरिम जमानत मिलने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज को फिलहाल कानूनी राहत जरूर मिल गई है, लेकिन *जंतर-मंतर मारपीट का मूल मामला खत्म नहीं हुआ है। आगे जांच, अदालत में साक्ष्यों की समीक्षा और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर इस मामले की दिशा तय होगी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंतर-मंतर पर हुई मारपीट की घटना में वास्तविक रूप से क्या हुआ था और अदालत में उपलब्ध साक्ष्य किस पक्ष के दावे को मजबूत करते हैं। National News
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