पीएम मोदी के बचपन के दोस्त असगर अली वोहरा की 2,810 वर्ग मीटर जमीन के विवाद में नया मोड़। प्रधानमंत्री से 8 सितंबर को मुलाकात के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही।

National News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन के मित्र और गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल के पूर्व सहपाठी असगर अली वोहरा एक बार फिर राष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। करीब 15 वर्ष से चले आ रहे जमीन विवाद को लेकर 81 वर्षीय असगर अली ने 8 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। अब इस मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद विवादित जमीन को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। ताजा मीडिया रिपोर्टों के अनुसार महाराष्ट्र के भायंदर क्षेत्र में विवादित जमीन पर कब्जे से जुड़े मामले में भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने जमीन का कब्जा छोड़ने और संबंधित निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही है। साथ ही असगर अली के खिलाफ पहले की गई पुलिस शिकायत वापस लेने की बात भी सामने आई है। आपको बता दें कि चेतना मंच ने वर्ष 2022 में सबसे पहले प्रधानमंत्री मोदी के बचपन के दोस्त व स्कूल के सहपाठी असगर अली के बारे में बताया था। National News
रिपोर्टों के मुताबिक असगर अली वोहरा ने 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने भायंदर ईस्ट के नवघर इलाके की करीब **2,810 वर्ग मीटर जमीन** से जुड़े पुराने विवाद को रखा था। असगर अली का कहना है कि उन्होंने वर्ष 1989 में यह जमीन खरीदी थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2011 में उनकी जमीन पर कब्जे की स्थिति पैदा हुई और इस विवाद को लेकर वह लंबे समय से विभिन्न सरकारी अधिकारियों के यहां शिकायत करते रहे। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप तथा जांच की मांग की थी। National News
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद मामले में प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां तेज हुईं। टाइम्स ऑफ इंडिया और लल्लूराम की रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रधान सचिव श्रीकर परदेशी की अध्यक्षता में मंत्रालय में बैठक हुई, जिसमें असगर अली वोहरा, नरेंद्र मेहता, मीरा-भायंदर नगर निगम की आयुक्त राधा विनोद शर्मा और टाउन प्लानर पुरुषोत्तम शिंदे शामिल हुए। बैठक के बाद नरेंद्र मेहता की ओर से टाउन प्लानिंग विभाग को पत्र दिए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक पत्र में विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और उस प्लॉट के लिए मिली निर्माण अनुमति सरेंडर करने की बात कही गई है। इसके अलावा पुलिस आयुक्त को भेजे गए अलग पत्र में असगर अली वोहरा के खिलाफ पहले की शिकायत वापस लेने की बात भी कही गई है। बताया गया है कि दोनों पक्षों के बीच समझौते की बात सामने आई है। National News
असगर अली वोहरा की पहचान अब केवल जमीन विवाद से नहीं है। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने स्कूलमेट के रूप में भी चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार असगर अली और नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडनगर स्थित बीएन स्कूल में पढ़ाई की थी। असगर अली की उम्र 81 वर्ष बताई गई है। प्रधानमंत्री से उनकी हालिया मुलाकात ने उनके पुराने संबंधों को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। National News
इस पूरे घटनाक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू **चेतना मंच** से भी जुड़ा है। वर्ष 2022 में चेतना मंच ने असगर अली वोहरा का इंटरव्यू सामने लाया था। उस समय चेतना मंच की टीम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बचपन और वडनगर से जुड़े लोगों से बातचीत के दौरान असगर अली से मुलाकात की थी। असगर अली ने उस इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने बचपन और स्कूल के दिनों से जुड़े संस्मरण साझा किए थे। चेतना मंच ने उनके इंटरव्यू को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और यूट्यूब चैनल के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाया था। उस समय असगर अली से जुड़ी इस कहानी को लेकर सवाल भी उठे थे। लेकिन वर्ष 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और असगर अली की मुलाकात के बाद राष्ट्रीय मीडिया में उनका नाम फिर सामने आया है। राष्ट्रीय मीडिया की ताजा रिपोर्टों में भी उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का पूर्व स्कूलमेट बताया गया है। National News
चेतना मंच के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी खास है क्योंकि जिस असगर अली को वर्ष 2022 में उसके कैमरे ने देश के सामने प्रस्तुत किया था, वही असगर अली चार साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के कारण राष्ट्रीय खबर बन गए हैं। चेतना मंच की वर्ष 2022 की रिपोर्ट और इंटरव्यू में असगर अली ने स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपने बचपन के संबंधों के बारे में बातचीत की थी। अब जब राष्ट्रीय मीडिया में उनकी प्रधानमंत्री से मुलाकात और जमीन विवाद प्रमुखता से प्रकाशित हो रहा है, तब चार वर्ष पुराना वह वीडियो एक बार फिर प्रासंगिक हो गया है। National News
असगर अली के अनुसार उन्होंने 1989 में भायंदर ईस्ट के नवघर क्षेत्र में लगभग 2,810 वर्ग मीटर जमीन खरीदी थी। उनका आरोप है कि वर्ष 2011 में इस जमीन पर कब्जे से जुड़ा विवाद खड़ा हुआ। वह लंबे समय तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे। इस मामले में निर्माण कंपनियों तथा भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता से जुड़े होने के आरोप असगर अली की ओर से लगाए गए थे। ये आरोप उनके पक्ष के दावे हैं; संबंधित पक्षों के बयानों और दस्तावेजों के आधार पर कानूनी स्थिति अलग से तय होगी। ताजा रिपोर्टों में नरेंद्र मेहता की ओर से विवादित जमीन का कब्जा छोड़ने और निर्माण अनुमति वापस करने की बात सामने आई है। National News
प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद जमीन विवाद में आए इस नए मोड़ ने पूरे मामले को राष्ट्रीय चर्चा में ला दिया है। असगर अली की ओर से लंबे समय से उठाए जा रहे सवालों, संबंधित पक्षों के बीच हुए समझौते और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की कानूनी स्थिति अब आगे की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण रहेगी। एक तरफ असगर अली की प्रधानमंत्री से मुलाकात और उसके बाद घटनाक्रम तेज होने की खबर है, वहीं दूसरी तरफ वर्ष 2022 में चेतना मंच द्वारा उनका इंटरव्यू सामने लाया जाना इस कहानी का ऐसा अध्याय है, जो अब चार साल बाद फिर चर्चा में आ गया है। चेतना मंच का 2022 का इंटरव्यू इस खबर के साथ इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उसमें असगर अली ने स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने बचपन के संबंधों की कहानी साझा की थी। National News
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