
PM Modi friend: आज देश के लोग हिन्दू मुस्लिम की बात करते हैं। कौमवाद को लेकर देश में नफरत फैलाने का काम किया जा रहा है, लेकिन देश के PM नरेंद्र मोदी का एक मुस्लिम दोस्त ऐसा भी है, जो आज भी उनके लिए आंखों से आंसू बहाता है। PM Modi की लंबी उम्र और तरक्की की कामना करते हुए यह दोस्त आज भी भावुक हो जाता है। जब पीएम के इस दोस्त से चेतना मंच की टीम ने बात की तो वह अपनी आंखों से आंसू को नहीं रोक पाया।
वडनगर है पीएम का गांव आपको बता दें कि प्रधानमंत्री के गुजरात प्रदेश में स्थित उनके पैतृक गांव वडनगर में आज भी एक ऐसा दोस्त है, जो पीएम के बचपन से ही उनका दोस्त है। एक ही स्कूल में वें दोनों साथ-साथ पढ़े हैं। वडनगर, गुजरात के मेहसाणा जनपद का गांव है। इस गांव में ही पीएम का जन्म हुआ था। इस गांव के रेलवे स्टेशन पर ही प्रधानमंत्री ने बचपन मेन चाय बेची थी।
एक साथ पढ़े है फिरोज और मोदी पिछले दिनों चेतना मंच की टीम ने गुजरात का भ्रमण किया और पीएम मोदी के बारे में वें सब रोचक जानकारियां जुटाई, जिनसे आज भी बहुत काम लोग वाकिफ हैं। इस गांव के रेलवे स्टेशन पर हमें एक शख्स मिले, जिनका नाम है फिरोज खान- हुसैन खान पठान। फिरोज खान पीएम मोदी के साथ पढ़े हैं, उनके साथ खेले हैं और कूदे हैं। यहां तक कि दोनों ने एक दूसरे के दुख सुख भी साझा किये हैं। आज नरेंद्र मोदी देश की सर्वोच्च कुर्सी पर विराजमान है और उनके दोस्त फिरोज खान गाँव में ही नजर आते हैं।
नरेंद्र ने गरीबी को नजदीक से देखा फिरोज खान बताते हैं कि नरेंद्र दामोदर दास मोदी और मैं साथ ही में एक ही स्कूल में पढ़ते थे। पांच साल साथ में पढ़े हुए हैं। उन दिनो गरीबी बहुत थी। मैंने उनकी मुफलिसी को करीब से देखा है। चाय बनाते थे, भजिया बनाते थे, हम खाने के लिए भी जाते थे।
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बचपन में आक्रमक नहीं थे नरेंद्र फिरोज खान ने बताया कि नरेंद्र बचपन में सादे और सिंपल थे। जितने आक्रमक अब हैं, बचपन में ऐसे नहीं थे। उन्होंने बताया कि वो मेरे से चार महीने बड़े हैं। कक्षा में बहुत तौल माप के बोलते थे, कोई उलझन सुलझन नहीं। स्कूल में कान पर मास्टर जी पट्टी लगा देते थे, गलती करने पर।
मेरा दोस्त सलामत रहे, दोस्ती सलामत रहे एक सवाल के जवाब में फिरोज खान ने कहा कि मोदी को मेरी सलाह की जरूरत नहीं है। वह बहुत समझदार है। इसी दरम्यान एक याद को ताजा करते हुए फिरोज खान की आंखों से आंसू निकल आते हैं। वह कहते हैं कि ये खुशी के आंसू हैं, आज उसका दोस्त इतनी बड़ी कुर्सी पर बैठा है, इससे बड़ी बात मेरे लिए क्या हो सकती है। वह कहते हैं कि मेरा दोस्त सलामत रहे, हमारी दोस्ती सलामत रहे। यही दुआ परवदिगार से करता हूं।
ये बहुत आगे निकल गया है फिराज खान ने बताया कि वर्ष 2000 में नरेंद्र वडनगर स्टेशन पर आया था। उसके हाथ में एक ब्रीफकेस था। मेरे साथ टीनू भाई साथ थे। मैंने पूछा कहां जा रहा है तो बोला दिल्ली जा रहा हूं। यहां से अहमदाबाद जाउंगा और वहां से प्लेन में जाउंगा। मोदी की इस बात को सुनकर उस वक्त टीनू भाई ने कहा था कि ये बहुत आगे निकल गया है। इसके बाद 2002-03 में नरेंद्र से मुलाकात हुई थी।
हिन्दू मुस्लिम की बात नहीं करते मोदी बकौल फिरोज खान, मोदी हिन्दू मुस्लिम की बात नहीं करते। हिन्दुस्तान में कौमवाद नहीं है। आपस के झगडे होते हैं, जिन्हें बड़ा कर दिया जाता है। कुछ लोग हिन्दुस्तान को खराब कर रहे हैं। जितना पब्लिक मिलकर रहेगी , उतना नेता भी मजबूत और हिन्दुस्तान भी मजबूत रहेगा। अंत में फिरोज खान कहते हैं, सोच को बदल दो तो सितारे बदल जाएंगे, कश्ती बदल दो तो किनारे बदल जाएंगे। प्रधानमंत्री व उनके गांव तथा क्षेत्र के किस्से जानने के लिए आप चेतना मंच के साथ अवश्य जुड़े रहे, शीघ्र ही आपको और रोचक किस्सों से अवगत कराएंगे।