PM Modi : महाकुंभ पर पीएम मोदी के बयान के बाद विपक्ष का हंगामा
PM Modi
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:14 PM
PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को लोकसभा में महाकुंभ के महत्व और इसकी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक धरोहर पर अपना संबोधन दिया। उन्होंने इस आयोजन को केवल एक धार्मिक समागम नहीं, बल्कि जनता की श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने महाकुंभ की सफलता के लिए इसमें योगदान देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
महाकुंभ पर पीएम मोदी का संबोधन
पीएम मोदी ने कहा कि जिस प्रकार भगीरथ ने अथक प्रयास कर गंगा को धरती पर अवतरित किया था, उसी प्रकार महाकुंभ का आयोजन भी एक व्यापक जनसहयोग और प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ भारत की सांस्कृतिक चेतना और एकता का अद्वितीय उदाहरण है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश में जो आत्मविश्वास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण देखने को मिला, वही महाकुंभ में भी परिलक्षित हुआ। उन्होंने महाकुंभ को भारत की राष्ट्रीय चेतना के जागरण का प्रतीक बताया और कहा कि यह आयोजन देश की आस्था, परंपरा और गौरवशाली विरासत को सशक्त करने का कार्य करता है।
विपक्ष का विरोध और स्पीकर की प्रतिक्रिया
पीएम मोदी के इस बयान के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने सदन में विरोध जताया और बयान पर सवाल उठाने की मांग की। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी उपस्थित थे। विपक्षी सांसदों का कहना था कि उन्हें महाकुंभ के संदर्भ में कुछ प्रश्न पूछने की अनुमति दी जानी चाहिए।
हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने नियम 372 का हवाला देते हुए विपक्ष को स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री और मंत्रियों द्वारा दिए गए बयान स्वेच्छा से होते हैं, और इन पर सवाल नहीं उठाए जा सकते। उन्होंने विपक्ष को नियमों का अध्ययन करने की सलाह दी और सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से आगे बढ़ाने की अपील की।
महाकुंभ पर पीएम मोदी के प्रमुख बिंदु
महाकुंभ एक महान आध्यात्मिक आयोजन है, जो संपूर्ण विश्व को भारतीय संस्कृति और एकता का परिचय देता है।
इस आयोजन की सफलता के लिए सभी श्रद्धालुओं, प्रशासनिक अधिकारियों और सेवा कर्मियों का योगदान महत्वपूर्ण है।
महाकुंभ का आयोजन भगीरथ प्रयास के समान है, जहां विभिन्न वर्गों का सहयोग सम्मिलित होता है।
इस भव्य आयोजन ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को जाग्रत किया है और विश्व पटल पर उसकी पहचान को और मजबूत किया है।
महाकुंभ ने यह प्रमाणित किया है कि भारत अपनी परंपराओं और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकता है।
इस आयोजन में देशभर से करोड़ों श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने कठिनाइयों की परवाह किए बिना अपनी आस्था का प्रदर्शन किया।
महाकुंभ के पवित्र जल को मॉरीशस के गंगा तालाब में अर्पित किए जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संस्कृति की महत्ता को बल मिला। PM Modi