
PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने लाखों लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें माइक्रो एंटरप्रेन्योर बनने का अवसर दिया है। 8 अप्रैल 2015 को शुरू हुई यह योजना आज देश की आर्थिक विकास यात्रा में एक मील का पत्थर बन चुकी है। आइए समझते हैं कि कैसे इस योजना ने आम आदमी की किस्मत बदल दी और भारत में एंटरप्रेन्योरशिप की लहर दौड़ा दी।
मुद्रा योजना का लक्ष्य उन लोगों को बिना गारंटी (कोलेटरल फ्री) लोन देना है, जो सीमित संसाधनों के कारण व्यापार शुरू नहीं कर पाते।
योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को हुई थी, और अब तक यह करोड़ों लोगों को लाभ दे चुकी है।
एक लाभार्थी बिंदु ने 50 झाड़ू प्रतिदिन बनाकर शुरुआत की थी।
आज वह प्रतिदिन 500 झाड़ू बनाने वाली यूनिट चला रही हैं।
यह उदाहरण बताता है कि कैसे एक छोटा आइडिया बड़े व्यवसाय में बदल सकता है।
अप्रैल 2015 से अब तक 52 करोड़ से अधिक लोन वितरित किए जा चुके हैं।
कुल राशि ₹32.61 लाख करोड़ को पार कर चुकी है।
इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में बिजनेस का विस्तार हुआ है।
चाय की दुकान, मोबाइल रिपेयरिंग, टेलरिंग यूनिट, सैलून, ऑटो मरम्मत जैसी सेवाएं अब छोटे शहरों और गांवों तक पहुंच चुकी हैं।
छोटे व्यवसायों ने आत्मनिर्भरता के साथ-साथ रोजगार सृजन में भी योगदान दिया है।
FY2014 में ₹8.51 लाख करोड़ के मुकाबले FY2024 में MSME लोन बढ़कर ₹27.25 लाख करोड़ हो चुका है।
FY2025 तक इसके ₹30 लाख करोड़ को पार करने की उम्मीद है।
बैंक लोन में MSME का हिस्सा अब 20% तक पहुंच गया है।
शिशु: ₹50,000 तक
किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख तक
तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक
तरुण प्लस: ₹10 लाख से ₹20 लाख (केवल योग्य और पिछला लोन चुकाने वालों को)
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2024 तक मुद्रा योजना के तहत बैंकों का ग्रॉस एनपीए मात्र 3.6% रहा।
इसका अर्थ है कि अधिकांश लाभार्थी समय पर लोन चुका रहे हैं।
अपने नजदीकी बैंक शाखा में जाकर फॉर्म भरें।
आवश्यक दस्तावेज़ (आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजनेस प्लान आदि) संलग्न करें।
बैंक द्वारा वैरिफिकेशन के बाद लोन स्वीकृत किया जाएगा।
संबंधित बैंक की वेबसाइट पर जाएं।
मुद्रा योजना का फॉर्म डाउनलोड कर भरें और दस्तावेज़ अपलोड करें।
फॉर्म सबमिट करने के बाद रेफरेंस आईडी प्राप्त होगी, जिससे आगे की प्रक्रिया ट्रैक की जा सकती है। PM Modi :