स्वतंत्र भारद्वाज जो खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “छोटा भाई” कहता है। उसे अदालत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता से मारपीट के मामले में एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। जानिए पूरा मामला और अब तक की बड़ी कार्रवाई।

National News : जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नाबालिग छात्रा के पिता से मारपीट के मामले में गिरफ्तार किए गए स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत ने एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई। बताया जा रहा है कि स्वतंत्र भारद्वाज को कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में संबंधित जज के आवास पर पेश किया गया। सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। National News
यह मामला 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, एक 14 वर्षीय छात्रा अपने पिता के साथ प्रदर्शन में पहुंची थी। शाम करीब 5:30 बजे छात्रा के पिता अपने मोबाइल फोन से वीडियो बना रहे थे। इसी दौरान एक युवक से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद बढ़ने के बाद 2-3 युवकों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनके साथ घूंसे-मुक्कों से मारपीट करने के अलावा सिर पर लोहे के कड़े जैसी किसी ठोस वस्तु से भी हमला किया गया। मारपीट के बाद घायल व्यक्ति को इलाज के लिए राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल ले जाया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मेडिकल जांच में उनके सिर पर दो कटे हुए घाव दर्ज किए गए थे। National News
पुलिस की कार्रवाई के पीछे एक वायरल पॉडकास्ट क्लिप को भी अहम वजह बताया जा रहा है। आरोप है कि इस क्लिप में स्वतंत्र भारद्वाज ने छात्रा के पिता के साथ मारपीट करने की बात कथित तौर पर स्वीकार की थी। इसी मामले में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 4 सितंबर को स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से गिरफ्तार किया गया।
मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दर्ज केस में बाद में SC-ST एक्ट की धाराएं भी जोड़े जाने की बात सामने आई। इसके अलावा उनके खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी FIR दर्ज की गई है। मामले की जांच अब दिल्ली पुलिस कर रही है और पुलिस कस्टडी के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों, वायरल वीडियो/पॉडकास्ट क्लिप तथा घटना के अन्य पहलुओं की जांच की जा सकती है।
स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी सामने आए। शनिवार को समर्थक पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर जुटे। समर्थकों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कार्रवाई सभी पक्षों को सुनने के बाद की जानी चाहिए। वहीं पुलिस की कार्रवाई मामले में सामने आए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बताई जा रही है।
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