
इससे पहले चीन को लेकर कांग्रेस की ओर से मोदी सरकार पर कई हमले किए गए। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय की भाषा कमजोर हो चुकी है। कांग्रेस पार्टी की मांग बहुत स्पष्ट है कि 5 मई 2020 से पहले भारत की सीमा पर जो स्थिति थी, वो बहाल होना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि मोदी जी कहां गई आपकी लाल आंखें? कहां गया आपका 56 इंच का सीना? आप चीन का नाम लेने से इतना डरते क्यों हैं? ये आप कैसा संदेश दे रहे हैं कि रक्षा मंत्रालय एक चीज कहता है, विदेश मंत्रालय एक चीज कहता है और भारत के प्रधानमंत्री कुछ और कहते हैं, जबकि वास्तविक स्थिति कुछ और ही है।
गोगोई ने आगे कहा कि ये क्या संदेश जा रहा है, हमारे भारत के सीमा सुरक्षा बल को, हमारे नागरिकों को कि भारत के प्रधानमंत्री अपनी छवि बचाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को गिरवी रख सकते हैं। ऐसा क्या विशेष लगाव है चीन के साथ? उन्होंने कहा कि मोदी जी ने चीन की सरकार के साथ 18 बार मुलाकात की है। उन्होंने ऐसा क्या रिश्ता बनाया कि जिससे चीन आज तक भी ये कबूल नहीं करता कि उनसे कोई गलती हुई है। चीन आज भी हमारी सीमा सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेता। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की अर्थनीति चीन निर्भर है। चीन से आयात बढ़ा है और निर्यात घटा है, जिसका असर भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहा है। प्रधानमंत्री अनर्थनीति पर चुप्पी कब तोड़ेंगे?