Political : संसद में एक नहीं दो जिन्न, दोनों ही बोतल में जाने को राजी नहीं
Not one but two genie in Parliament, both are not ready to go in the bottle
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:05 AM
नई दिल्ली। 'ये इश्क नहीं आसां, इतना तो समझ लीजे। ये आग का दरिया है, और डूब के जाना है।' देश की मौजूदा सियासत पर ये लाइनें बिल्कुल सटीक बैठती हैं। बजट सत्र के दूसरे चरण में एक नहीं दो—दो जिन्न बोतल से बाहर निकल आए हैं। दिलचस्प है कि दोनों ही बोतल में बंद होने को राजी नहीं हैं। एक तरफ अडाणी समूह मामले में जेपीसी की मांग और दूसरी तरफ लंदन में की गई राहुल गांधी की टिप्प्णी। सत्ता और विपक्ष दोनों ही इस मसले पर अपने कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं हैं। गुरुवार को कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए आगे की रणनीति पर चर्चा की।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद भवन स्थित कक्ष में बृहस्पतिवार को हुई बैठक में खरगे के अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, द्रमुक के टीआर बालू, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।
उधर, राज्यसभा में कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन और कुछ अन्य सदस्यों ने अडाणी समूह के मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) गठित किए जाने की मांग करते हुए कार्यस्थगन के नोटिस दिए। गत 13 मार्च से शुरू हुए संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा एवं राज्यसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही लगातार बाधित हुई और कोई महत्वपूर्ण विधायी कार्य नहीं हो सका।
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जेपीसी बनाम माफी
विपक्षी दल अडाणी समूह के मामले में जेपीसी गठित करने की मांग पर अड़े हुए हैं। दूसरी तरफ, सत्तापक्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लंदन में दिए गए एक बयान को लेकर उनसे माफी की मांग कर रहा है।
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