पवई अपहरण कांड: सरकार से मदद न मिलने पर उठाया खतरनाक कदम
भारत
चेतना मंच
30 Oct 2025 05:37 PM
पवई में 17 बच्चों के अपहरण और बंधक बनाए जाने के मामले में आरोपी की पहचान सामने आई है। आरोपी रोहित आर्य पुणे का निवासी है, और उसने यह खतरनाक कदम उठाने के पीछे अपनी असंतुष्टि और सरकारी नीतियों के प्रति गहरी नाराजगी को जिम्मेदार ठहराया है। Mumbai News
रोहित आर्य ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उसने सरकारी परियोजनाओं में लाखों रुपये लगाए थे, लेकिन उसे भारी नुकसान उठाना पड़ा। इसके बाद वह सरकार और संबंधित विभागों से सहायता की उम्मीद कर रहा था, लेकिन उसकी मदद नहीं की गई। रोहित ने दावा किया कि इस नाइंसाफी के चलते वह मानसिक तनाव से गुजर रहा था, और यही कारण था कि उसने बच्चों को बंधक बना कर सरकार से अपनी मांगों को पूरा करने का प्रयास किया।
शिक्षा मंत्री दीपक केसरकर से जुड़ा मामला
एक और अहम जानकारी यह सामने आई है कि रोहित आर्य ने शिक्षा मंत्री रहे दीपक केसरकर के कार्यकाल के दौरान एक स्कूल के मरम्मत का ठेका लिया था। लेकिन वह दावा करता है कि उसे उस ठेके का भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद उसने कई बार मंत्री के आवास के बाहर धरना भी दिया था।रोहित का कहना था कि जब उसके पास आर्थिक परेशानी आई, तो सरकार से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। यह स्थिति उसे मानसिक रूप से इतना परेशान कर गई कि वह आत्महत्या करने के बारे में भी सोचने लगा था।
रोहित आर्य के अनुसार, उसने बच्चों को ऑडिशन के बहाने बुलाया था और फिर उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद उसने एक वीडियो भेजकर धमकी दी कि यदि उसकी मांगें नहीं मानी जातीं तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा। इस वीडियो के सामने आते ही पुलिस और दमकल कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और बच्चों को सुरक्षित बचा लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और मामले की जांच जारी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी से बातचीत के जरिए उसे काबू किया। पुलिस की सूझबूझ के कारण बच्चों की जान बचाई जा सकी और एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया गया। फिलहाल, पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसके इस कृत्य में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
यह घटना मुंबई जैसे बड़े शहर में इस तरह की अपराधिक मानसिकता का एक उदाहरण पेश करती है, जहां सरकारी नीतियों और प्रशासनिक लापरवाहियों के कारण लोग इस तरह के खतरनाक कदम उठा सकते हैं।