सारे राजनीतिक समीकरणों को तोड़ते हुए प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उसकी परम्परागत सीट को छीन लिया है। पिछले तीन दशक से भाजपा की स्थाई सीट रही बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज की है।

Bankipur by-election Result : नए नवेले राजनेता प्रशांत किशोर ने नया इतिहास रच दिया है। सारे राजनीतिक समीकरणों को तोड़ते हुए प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से उसकी परम्परागत सीट को छीन लिया है। पिछले तीन दशक से भाजपा की स्थाई सीट रही बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर प्रशांत किशोर ने शानदार जीत दर्ज की है। प्रशांत किशोर ने बांकीपुर सीट के उप चुनाव में भाजपा के प्रत्याशी नीरज कुमार को 15 हजार से अधिक वोटों से हरा दिया है। बिहार की बांकीपुर सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे से खाली हुई थी। Bankipur by-election Result
आपको बता दें कि बिहार के बांकीपुर क्षेत्र में उप चुनाव की घोषणा होते ही प्रशांत किशोर ने चुनाव लडऩे की घोषणा की थी। इस घोषणा में प्रशांत किशोर ने कहा था कि जनसुराज पार्टी की तरफ से वें उप-चुनाव लड़ेंगे। प्रशांत किशोर की इस घोषणा की राजनीतिक विश्लेषकों ने जमकर आलोचना की थी। बांकीपुर का उप-चुनाव जीतकर प्रशांत किशोर ने आलोचकों के मुंह पूरी तरह से बंद कर दिए हैं। प्रशांत किशोर की इस जीत को बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। Bankipur by-election Result
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट का इतिहास बेहद शानदार रहा है। वर्ष 2008 के परिसीमन से पहले यह सीट पटना पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के नाम से जानी जाती थी। यहां पहला विधानसभा चुनाव 1957 में हुआ था, जिसमें कांग्रेस के रामशरण साव विधायक चुने गए थे। इसके बाद 1962 में कांग्रेस के कृष्ण बल्लभ सहाय ने जीत दर्ज की। 1967 में महामाया प्रसाद सिन्हा ने चुनाव जीता। उनके इस्तीफे के बाद 1969 में हुए उपचुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के ए.के. सेन विजयी हुए। 1972 में सीपीआई के सुनील मुखर्जी ने इस सीट पर कब्जा जमाया। 1977 की जनता लहर में जनता पार्टी के ठाकुर प्रसाद ने जीत हासिल की, जबकि 1980 में कांग्रेस के रणजीत सिन्हा ने पार्टी की वापसी कराई। Bankipur by-election Result
बांकीपुर के राजनीतिक इतिहास में 1985 का चुनाव सबसे अलग माना जाता है। इस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार रामानंद यादव ने सभी प्रमुख दलों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की थी। यह परिणाम इस बात का उदाहरण बना कि पटना पश्चिम की सीट पर मतदाता कभी भी अचानक राजनीतिक बदलाव का फैसला दे सकते हैं। Bankipur by-election Result
1995 के विधानसभा चुनाव के बाद इस सीट की राजनीति पूरी तरह बदल गई। भाजपा के नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा ने जीत दर्ज की और इसके बाद वर्ष 2000, फरवरी 2005 और अक्टूबर 2005 के चुनाव में भी लगातार विजयी रहे। इस दौर में पटना पश्चिम भाजपा के मजबूत गढ़ के रूप में स्थापित हुआ। वर्ष 2006 में नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद हुए उपचुनाव में उनके पुत्र नितिन नवीन पहली बार विधायक बने। वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद पटना पश्चिम सीट का नाम बदलकर बांकीपुर कर दिया गया, लेकिन भाजपा का दबदबा कायम रहा। Bankipur by-election Result
बांकीपुर सीट बनने के बाद वर्ष 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में वर्तमान में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन लगातार जीतते रहे। 2010 में उनकी जीत का अंतर 60,840 वोट रहा था। 2015 में उन्होंने 39,767 वोटों से जीत दर्ज की, जबकि 2020 में जीत का अंतर 39,036 वोट रहा। 2025 के चुनाव में भी उन्होंने 63 प्रतिशत मत हासिल कर बड़ी जीत दर्ज की। तीन दशक से अधिक समय से भाजपा का कब्जा रहने के कारण बांकीपुर को पार्टी का सुरक्षित गढ़ माना जाता था। इस बार प्रशांत किशोर ने भाजपा की जीत पर बड़ा ब्रेक लगा दिया है। बांकीपुर सीट कई चर्चित चेहरों की हार की भी गवाह रही है। 2020 के विधानसभा चुनाव में अभिनेता और सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा भाजपा के नितिन नवीन से हार गए थे। इसी चुनाव में पुष्पम प्रिया चौधरी भी मैदान में थीं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री कृष्ण बल्लभ सहाय भी इस क्षेत्र से चुनाव हार चुके हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव भी पटना पश्चिम सीट से हारने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल रहे हैं। Bankipur by-election Result
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