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राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर को लेकर बड़ी खबर आई है। प्रशांत किशोर के विषय में बड़ी खबर यह है कि प्रशांत किशोर ने घर छोडक़र आश्रम का रास्ता पकड़ लिया है। प्रशांत किशोर बिहार की राजधानी पटना के जिस घर में रह रहे थे उन्होंने उस घर को खाली कर दिया है।

Prashant Kishore : राजनीतिक रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर को लेकर बड़ी खबर आई है। प्रशांत किशोर के विषय में बड़ी खबर यह है कि प्रशांत किशोर ने घर छोडक़र आश्रम का रास्ता पकड़ लिया है। प्रशांत किशोर बिहार की राजधानी पटना के जिस घर में रह रहे थे उन्होंने उस घर को खाली कर दिया है। घर छोडऩे के बाद प्रशांत किशोर ने अपना नया ठिकाना एक नवनिर्मित आश्रम को बना लिया है। प्रशांत किशोर ने घोषणा की है कि अब आश्रम ही उनका घर है। Prashant Kishore
प्रशांत किशोर जन सुराज पार्टी के संस्थापक हैं। अभी तक प्रशांत किशोर पटना में स्थित शेखपुरा हाउस में रह रहे थे। शेखपुरा हाउस प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह का निजी मकान है। वर्ष-2025 से प्रशांत किशोर उदय सिंह के इसी घर में रहकर जन सुराज पार्टी का संचालन करने का काम कर रहे थे। प्रशांत किशोर ने उदय सिंह का मकान खाली करके पटना से 40 किलोमीटर दूर स्थित बिहार नव निर्माण आश्रम को अपना ठिकाना बना लिया है। Prashant Kishore
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर बिहार नव निर्माण आश्रम में रहने लगे हैं। इस आश्रम का निर्माण उनकी जन सुराज पार्टी ने ही कराया है। यह आश्रम पटना शहर से 40 किलोमीटर दूर पटना आईआईटी.... के पास बनाया गया है। आश्रम का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। प्रशांत किशोर के नव निर्माण आश्रम का निर्माण तकरीबन 15 बीघा जमीन में हो रहा है। इसका निर्माण कार्य अभी तेजी से चल रहाहै और माना जा रहा है कि अगले तीन से चार महीने में यह आश्रम पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। हालांकि प्रशांत किशोर इसमें अभी से रहने लगे हैं और पार्टी का संचालन यही से हो रहा है। पार्टी के करीबी लोगों ने बताया कि यह आश्रम का इस्तेमाल पार्टी की बैठकों, राजनीतिक चर्चा, ट्रेनिंग और कार्यकर्ताओं व समर्थकों के साथ मुलाकात के लिए किया जाएगा। Prashant Kishore
बिहार के विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बावजूद भी प्रशांत किशोर में बिहार को बदलने और परिवर्तन लाने की मुहिम को जारी रखा है। वह लगातार बिहार के सभी जिलों का दौरा भी कर रहे हैं। प्रशांत किशोर मानते हैं कि बिहार को बदलने का उनका प्रयास शॉर्ट टर्म नहीं बल्कि लॉन्ग टर्म है। ऐसा नहीं है कि प्रशांत किशोर पहली बार किसी आश्रम में रह रहे हो। दिसंबर 2024 में भी प्रशांत किशोर पटना के मरीन ड्राइव इलाके में एक आश्रम में शिफ्ट हो गए थे। यह आश्रम उनके पार्टी का कुछ दिनों तक के लिए ठिकाना था। बाद में इस आश्रम को भी खाली कर दिया गया। जानकारों का मानना है कि बिहार नवनिर्माण आश्रम में शिफ्ट होकर प्रशांत किशोर यह संदेश देना चाहते हैं कि बिहार को बदलने की उनकी मुहिम 2030 विधानसभा चुनाव तक जारी रहेगी। Prashant Kishore
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