
जनसुराज पार्टी के संस्थापक और राजनीतिक विश्लेषक प्रशांत किशोर ने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। प्रशांत किशोर ने 1,200 एंबुलेंस की खरीद में अनियमितताओं का पर्दाफाश करते हुए कहा कि बिहार के भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव से भी अधिक भ्रष्ट हैं। उन्होंने दोनों नेताओं से इस विवादित मामले में पूरी स्पष्टता के साथ जवाब देने की मांग की है। Prashant Kishore
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में किशोर ने बिहार भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के साथ-साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर एक-दूसरे के फायदे के लिए ग़ैरकानूनी कृत्यों को अंजाम देने का आरोप लगाया। किशोर ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1,200 एंबुलेंस के लिए जो टेंडर जारी किया गया था, उसकी प्रति वाहन लागत लगभग 28 लाख रुपये निर्धारित की गई, जो पड़ोसी राज्यों ओडिशा और उत्तर प्रदेश की तुलना में दोगुनी थी।
प्रशांत किशोर ने यह भी आरोप लगाया कि पांडे ने किशनगंज के एक मेडिकल कॉलेज को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया, जिसमें जायसवाल की बड़ी हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि 6 अगस्त 2019 को जायसवाल ने पांडे के पिता के खाते में 25 लाख रुपये ट्रांसफर किए, जिसका उपयोग तत्कालीन मंत्री की पत्नी के नाम पर दिल्ली के द्वारका में फ्लैट खरीदने में हुआ। फ्लैट के कागजात में जायसवाल ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर भी किए हैं।
किशोर ने सवाल उठाया कि यदि यह रकम उधार ली गई थी, तो 2020 के विधानसभा चुनाव के चुनावी हलफनामे में इसे ‘असुरक्षित ऋण’ के रूप में क्यों दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा, “भाजपा नेता खुद को भ्रष्टाचार मुक्त बताते हैं, लेकिन हकीकत में वे लालू प्रसाद यादव से भी कहीं अधिक भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, जिनपर वे चारा घोटाला, रेलवे घोटाला और नौकरियों के मामले में आरोप लगाते हैं।
किशोर ने कहा कि इस घोटाले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और पांडे व जायसवाल को सार्वजनिक रूप से इस मामले की सफाई देनी चाहिए। बार-बार संपर्क करने के बावजूद, दोनों नेताओं ने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। साथ ही, किशोर ने हाल ही में राजस्थान की अदालत द्वारा बिहार के मंत्री जिबेश मिश्रा को नकली दवाओं के मामले में दोषी ठहराए जाने का जिक्र भी किया। Prashant Kishore
प्रशांत किशोर ने हरियाणा में एक बिहारी मजदूर के साथ हुई बेरहमी की घटना पर भी गहरी चिंता जताई और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने पूछा कि मजदूर के मालिक द्वारा किए गए इस निर्दय प्रहार में उसके हाथ काट दिए गए, और वह अंबाला के अस्पताल में इलाजाधीन है, बावजूद इसके हरियाणा पुलिस ने अभी तक कोई गिरफ्तारी क्यों नहीं की।
किशोर ने कहा, “मेरे व्यक्तिगत संबंधों के बावजूद, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि एक ऐसा मुख्यमंत्री जो पुलिस को बूट पहने लात मारने की अनुमति देता है, वह जनता के दुख को समझने में असफल है।” उन्होंने विपक्ष की मांग का हवाला देते हुए कहा कि आरोपित भाजपा नेता अभी भी नीतीश कुमार के मंत्रिमंडल में बने हुए हैं, जबकि उन्हें इस्तीफा देना चाहिए या बर्खास्त किया जाना चाहिए। Prashant Kishore