बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे के बाद एक दिलचस्प सियासी संयोग सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर अब पटना के विधायक आवास में रहने जा रहे हैं।

Bihar News : बिहार की राजनीति में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजे के बाद एक दिलचस्प सियासी संयोग सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के मजबूत गढ़ माने जाने वाले बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर अब पटना के विधायक आवास में रहने जा रहे हैं। खास बात यह है कि उनका नया ठिकाना बिहार सरकार के मंत्री और दानापुर विधायक रामकृपाल यादव के आवास के ठीक बगल में है। चुनाव प्रचार के दौरान रामकृपाल यादव ने प्रशांत किशोर की राजनीतिक पहचान पर सवाल उठाते हुए पूछा था कि आखिर वह हैं कौन। अब वही प्रशांत किशोर उनके पड़ोसी बन गए हैं। Bihar News
बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ मानी जाती रही है। पूर्व विधायक नितिन नवीन के इस क्षेत्र से हटने के बाद हुए उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने चुनावी मैदान में उतरकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। उन्होंने करीब 19 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज कर राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव किया। इस जीत के बाद प्रशांत किशोर को विधायक के तौर पर पटना स्थित सरकारी आवास मिला है। अब उनका नया ठिकाना राजधानी के उस इलाके में है, जहां कई प्रमुख विधायक और मंत्री पहले से रह रहे हैं। ऐसे में विधायक आवास परिसर आने वाले दिनों में राजनीतिक गतिविधियों का अहम केंद्र बन सकता है। Bihar News
बांकीपुर उपचुनाव के दौरान प्रशांत किशोर की राजनीतिक पकड़ और स्थानीय जुड़ाव को लेकर सवाल उठाए गए थे। मंत्री रामकृपाल यादव ने चुनाव प्रचार के दौरान यह सवाल उठाया था कि प्रशांत किशोर आखिर कौन हैं और बाहरी व्यक्ति को जनता क्यों स्वीकार करेगी। अब चुनावी नतीजों के बाद परिस्थितियां पूरी तरह बदल गई हैं। प्रशांत किशोर विधायक बन चुके हैं और उनका सरकारी आवास रामकृपाल यादव के घर के पास ही है। पड़ोसी बनने पर रामकृपाल यादव ने भी इसे सहजता से लिया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर अब उनके विधायक और पड़ोसी हैं तथा जरूरत पड़ने पर वह अपनी समस्याएं लेकर उनके पास जाएंगे। Bihar News
पटना के विधायक आवास परिसर में कई महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के आवास हैं। प्रशांत किशोर के आसपास रहने वाले प्रमुख नेताओं में रामकृपाल यादव के अलावा दीघा के विधायक संजीव चौरसिया भी शामिल हैं। इसके साथ ही कुम्हरार, पटना साहिब और फतुहा विधानसभा क्षेत्रों के विधायक भी इसी परिसर में रहते हैं। ऐसे में प्रशांत किशोर का नया ठिकाना राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशांत किशोर के विधायक बनने के बाद पटना का एमएलए आवास एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों की मौजूदगी के कारण यहां लगातार राजनीतिक गतिविधियां होती रहती हैं। अब प्रशांत किशोर की मौजूदगी से इस परिसर की सियासी अहमियत और बढ़ने की संभावना है। Bihar News
बांकीपुर में प्रशांत किशोर की जीत को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस सीट को लंबे समय से भाजपा के प्रभाव वाले क्षेत्र के तौर पर देखा जाता रहा है। नितिन नवीन के राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी संभालने के बाद सीट खाली हुई और उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने करीब एक महीने के अभियान के दौरान अपनी राजनीतिक जमीन तैयार की। करीब 19 हजार वोटों की जीत ने न केवल बांकीपुर के चुनावी समीकरण को बदला, बल्कि प्रशांत किशोर के लिए बिहार की सक्रिय राजनीति में एक नई भूमिका भी तय कर दी। Bihar News
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