नए-नए राजनेता बने प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। बिहार के विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने कहा था कि चुनाव के बाद वें या तो फर्श पर रहेंगे या फिर अर्श पर रहेंगे। बिहार की जनता ने प्रशांत किशोर तथा उनकी जन सुराज पार्टी को बुरी तरह से हरा दिया है।

नए-नए राजनेता बने प्रशांत किशोर एक बार फिर चर्चाओं में हैं। बिहार के विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने कहा था कि चुनाव के बाद वें या तो फर्श पर रहेंगे या फिर अर्श पर रहेंगे। बिहार की जनता ने प्रशांत किशोर तथा उनकी जन सुराज पार्टी को बुरी तरह से हरा दिया है। बिहार के चुनाव में बहुत बुरी तरह हारने वाले प्रशांत किशोर इन दिनों फर्श पर पड़े हुए हैं। फर्श पर पड़े हुए प्रशांत किशोर अब जल्दी ही अदालत का दरवाजा खटखटाने वाले हैं।
प्रशांत किशोर ने मंगलवार को घोषणा की थी कि यदि सम्राट चौधरी जैसे नेताओं को सरकार में शामिल किया जाएगा तो वें उनके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। बुधवार को तय हो गया कि सम्राट चौधरी एक बार फिर बिहार के उप मुख्यमंत्री बन रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया है। अब बारी प्रशांत किशोर की है। यदि प्रशांत किशोर अपने बयान पर कायम रहते हैं तो वें जल्दी ही सम्राट चौधरी के विरुद्ध अदालत में केस दर्ज करा देंगे। यह बड़ा सवाल है कि प्रशांत किशोर सम्राट चौधरी के विरुद्ध अदालत में कब जाएंगे? सवाल यह भी पूछा जा रहा है कि प्रशांत किशोर अदालत में सम्राट चौधरी के विरुद्ध कौन सा केस लेकर लड़ेंगे?
सम्राट चौधरी तथा भाजपा के कुछ और नेताओं के विरूद्ध प्रशांत किशोर ने चुनाव में बड़े-बड़े आरोप लगाए थे। इन आरोपों में भ्रष्टाचार तथा हत्या जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मंगलवार को प्रशांत किशोर ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि, हमें उम्मीद थी कि सरकार एक्शन लेगी। लेकिन, लोगों ने उन्हें फिर से चुना है और उन्हें बहुत बड़ा मैंडेट दिया है। अब ये सरकार की जिम्मेदारी है कि वो उन्हें कैबिनेट में शामिल न करें। न तो नीतीश कुमार और न ही बीजेपी, किसी ने भी प्रशांत किशोर के आरोपों को कोई तवज्जो दी थी। जिन नेताओं पर प्रशांत किशोर ने आरोप लगाए थे, सभी ने अपनी तरफ से खारिज कर दिया था। सम्राट चौधरी ने भी, और अशोक चौधरी ने भी। अशोक चौधरी ने तो नोटिस भी भेजा था, लेकिन बाद में ये कह कर कदम पीछे खींच लिए कि चुनाव का वक्त है, और ऐसी चीजों पर वो समय बर्बाद नहीं करना चाहते हैं। प्रशांत किशोर कह रहे हैं, अगर ऐसे नेताओं को फिर से सरकार में शामिल किया जाता है तो हम लोगों के पास जाएंगे और जरूरत पडऩे पर कोर्ट भी जाएंगे। जिन चार लोगों के बारे में हमने पहले बताया था, अगर वे फिर से मिनिस्टर बनते हैं तो हम कोर्ट जाएंगे।
प्रशांत किशोर का आरोप है कि अशोक चौधरी ने अपनी बेटी शांभवी चौधरी के लिए पैसे देकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के टिकट खरीदे थे। लेकिन, जब चिराग पासवान को लेकर सवाल पूछा जाने लगा तो प्रशांत किशोर ने समझाया था कि जरूरी नहीं कि ये जानकारी चिराग पासवान को रही हो। हो सकता है, चुनाव में कुछ हासिल हो गया होता तो प्रशांत किशोर के लिए भी वे आरोप जुमला साबित होते, लेकिन अब जबकि प्रशांत किशोर को राजनीति से संन्यास नहीं लेना है और बिहार में भी बने भी रहना है तो कुछ न कुछ तो करना ही होगा। प्रशांत किशोर का आरोपों के साथ मैदान में बने रहना आसान भी नहीं होगा।