भगोड़ा निकला प्रशांत किशोर, मच गया बवाल
भारत
चेतना मंच
15 Oct 2025 02:04 PM
बिहार
के
चुनाव
में
चर्चा
का
विषय
बने
हुए
प्रशांत
किशोर
को
लेकर
बड़ी
खबर
सामने
आई
है।
प्रशांत
किशोर
बिहार
की
राजनीति
में
बड़ा
बदलाव
लाने
की
घोषणा
कर
चुके
हैं।
इसी
घोषणा
को
पूरा
करने
के
लिए
प्रशांत
किशोर
ने
जन
सुराज
पार्टी
बनाई
है।
प्रशांत
किशोर
दावा
कर
चुके
हैं
कि
उनकी
पार्टी
जन
सुराज
बिहार
के
चुनाव
में
‘‘
अर्श
पर
रहेगी
नहीं
तो
फर्श
पर
रहेगी
”
।
प्रशांत
किशोर
का
दावा
है
कि
उनकी
पार्टी
बिहार
के
विधान
सभा
चुनाव
में
या
तो
10
से
कम
सीट
जीतेगी
या
फिर
150
से
ज्यादा
सीट
जीतकर
बिहार
प्रदेश
में
सरकार
बनाएगी।
Prashant Kishor
प्रशांत किशोर बन गए भगोड़ा
बिहार
विधानसभा
के
चुनाव
को
लेकर
बड़े
-
बड़े
दावे
करने
वाले
प्रशांत
किशोर
चुनाव
से
पहले
ही
भगोड़े
साबित
हो
गए
हैं।
प्रशांत
किशोर
ने
खुद
चुनाव
ना
लडऩे
की
घोषणा
करके
यह
साबित
कर
दिया
है
कि
वें
राजनीति
की
पहली
पारी
खेलने
से
पहले
ही
भगोड़ा
साबित
हो
गए
हैं।
राजनीतिक
विश्लेषकों
का
दावा
है
कि
प्रशांत
किशोर
ने
खुद
चुनाव
ना
लडऩे
का
ऐलान
करके
यह
साबित
कर
दिया
है
कि
उन्हें
बिहार
की
जनता
के
वोट
मिलने
का
भरोसा
बिल्कुल
भी
नहीं
है।
यही
कारण
है
कि
प्रशांत
किशोर
ने
जैसे
ही
यह
घोषणा
की
कि
वें
खुद
विधानसभा
का
चुनाव
नहीं
लड़ेंगे
वैसे
ही
विरोधी
दलों
ने
उन्हें
भगोड़ा
कहना
शुरू
कर
दिया
है।
Prashant Kishor
प्रशांत किशोर ने कहा कि खुद चुनाव ना लडक़र पार्टी को जिताऊंगा
प्रशांत
किशोर
ने
विधानसभा
का
चुनाव
ना
लडऩे
का
कारण
भी
स्पष्ट
कर
दिया
है।
प्रशांत
किशोर
ने
कहा
है
कि
खुद
चुनाव
लडऩे
के
कारण
वें
एक
विधानसभा
क्षेत्र
तक
सीमित
नहीं
रहना
चाहते।
प्रशांत
किशोर
ने
स्पष्ट
किया
कि
वें
बिहार
के
सभी
243
विधानसभा
क्षेत्रों
में
घूम
-
घूमकर
अपनी
जन
सुराज
पार्टी
के
प्रत्याशियों
के
लिए
वोट
मांगने
का
काम
करेंगे।
पार्टी
के
हित
में
उन्होंने
खुद
चुनाव
नहीं
लडऩे
का
फैसला
किया
है।
प्रशांत
किशोर
चुनाव
ना
लडऩे
के
मुद्दे
पर
कितनी
भी
सफाई
क्यों
ना
दें
उनके
विरोधियों
ने
उन्हें
भगोड़ा
कहना
शुरू
कर
दिया
है।
प्रशांत
किशोर
के
चुनाव
ना
लडऩे
की
घोषणा
के
बाद
से
बिहार
की
राजनीति
में
बवाल
मच
गया
है।
अभी
तक
प्रशांत
किशोर
का
समर्थन
करने
वाले
बिहार
के
नागरिकों
को
प्रशांत
किशोर
का
चुनाव
ना
लडऩे
का
फैसला
पसंद
नहीं
आ
रहा
है।
वहीं
विरोधी
दल
प्रशांत
किशोर
के
इस
फैसले
को
प्रशांत
किशोर
के
खिलाफ
हथियार
की
तरह
इस्तेमाल
करने
के
काम
में
जुट
गए
हैं।
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विधान परिषद के रास्ते मुख्यमंत्री बन सकते हैं प्रशांत किशोर
प्रशांत
किशोर
के
चुनाव
ना
लडऩे
के
फैसले
के
बाद
उनकी
पार्टी
की
तरफ
से
भी
सफाई
आई
है।
जन
सुराज
पार्टी
के
नेताओं
से
जब
पूछा
गया
कि
चुनाव
ना
लडक़र
प्रशांत
किशोर
मुख्यमंत्री
कैसे
बनेंगे
तो
उनकी
पार्टी
के
नेताओं
ने
जवाब
दिया
कि
मुख्यमंत्री
बनने
के
लिए
विधानसभा
का
चुनाव
लडऩा
बिल्कुल
भी
जरूरी
नहीं
है।
बिहार
विधानसभा
के
चुनाव
में
उनकी
पार्टी
को
बहुमत
मिल
गया
तो
प्रशांत
किशोर
मुख्यमंत्री
बन
कर
6
महीने
के
अंदर
विधान
परिषद
के
सदस्य
बन
जाएंगे।
जनसुराज
के
नेताओं
का
यह
भी
कहना
है
कि
मुख्यमंत्री
बनने
के
बाद
किसी
विधानसभा
सीट
को
खाली
कराकर
प्रशांत
किशोर
उप
चुनाव
लडक़र
भी
विधानसभा
में
जा
सकते
हैं।
प्रशांत
किशोर
की
चुनाव
ना
लडऩे
की
घोषणा
ने
बिहार
की
राजनीति
में
खूब
बवाल
मचा
दिया
है।
कौन हैं प्रशांत किशोर?
प्रशांत
किशोर
के
परिचय
की
बात
करें
तो
आपको
बता
दें
कि
प्रशांत
किशोर
एक
प्रसिद्ध
चुनावी
रणनीतिकार
के
रूप
में
प्रसिद्ध
रहे
हैं।
प्रशांत
किशोर
मूल
रूप
से
बिहार
के
बक्सर
जिले
के
रहने
वाले
हैं।
प्रशांत
किशोर
को
भारत
की
राजनीति
में
राजनेताओं
की
ब्रॉडिंग
करने
का
श्रेय
प्राप्त
है।
प्रशांत
किशोर
भारत
के
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र
मोदी
को
एक
ब्रॉड
की
तरह
से
पेश
करके
भाजपा
को
वर्ष
-2014
का
लोकसभा
चुनाव
बम्पर
मेजॉरिटी
से
जितवाने
में
सफल
रहे
थे।
Prashant Kishor
इसी
प्रकार
वें
पश्चिमी
बंगाल
की
मुख्यमंत्री
ममता
बनर्जी
को
भी
बड़ी
जीत
दिलवाने
में
सफल
प्रयोग
कर
चुके
हैं।
पिछले
तीन
साल
पहले
प्रशांत
किशोर
चुनावी
रणनीतिकार
की
भूमिका
को
छोडक़र
खुद
राजनेता
बन
गए
हैं।
उन्होंने
जन
सुराज
पार्टी
का
गठन
किया
है।
जन
सुराज
पार्टी
की
सभी
243
सीटों
पर
चुनाव
लड़
रही
है।
प्रशांत
किशोर
नए
-
नए
नारे
बनाने
के
भी
माहिर
खिलाड़ी
हैं।
इन
दिनों
उन्होंने
‘‘
जय
बिहार
-
जय
जय
बिहार
”
का
नारा
दिया
है।
Prashant Kishor
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