बिहार चुनाव में प्रशांत किशोर जीरो अथवा हीरो
भारत
चेतना मंच
13 Oct 2025 02:08 PM
राजनीति
की
रणनीति
बनाने
वाले
प्रशांत
किशोर
की
खूब
चर्चा
हो
रही
है।
राजनीतिक
रणनीतिकार
का
काम
छोडक़र
प्रशांत
किशोर
पहली
बार
खुद
चुनावी
मैदान
में
उतरे
हैं।
जन
सुराज
पार्टी
बनाकर
बिहार
विधानसभा
का
चुनाव
लड़
रहे
प्रशांत
किशोर
के
भविष्य
को
लेकर
बड़े
पैमाने
पर
अटकलें
लगाई
जा
रही
हैं।
Prashant Kishore
बिहार
से
लेकर
पूरे
देश
के
राजनीतिक
विश्लेषक
प्रशांत
किशोर
के
राजनीतिक
भविष्य
की
अपने
-
अपने
हिसाब
से
व्याख्या
कर
रहे
हैं।
इस
बीच
प्रशांत
किशोर
ने
बहुत
बड़ी
घोषणा
कर
दी
है।
बड़ी
राजनीतिक
घोषणा
करते
हुए
प्रशांत
किशोर
ने
अपने
राजनीतिक
भविष्य
के
विषय
में
बता
दिया
है।
Prashant Kishore
प्रशांत किशोर ने बताया अपना तथा जनसुराज का भविष्य
पहली
बार
राजनेता
बने
प्रशांत
किशोर
ने
अपना
तथा
अपनी
पार्टी
जन
सुराज
का
भविष्य
बताया
है।
बड़ी
राजनीतिक
घोषणा
करते
हुए
प्रशांत
किशोर
ने
कहा
है
कि
बिहार
चुनाव
के
नतीजों
के
बाद
वें
तथा
उनकी
पार्टी
जन
सुराज
या
तो
फर्श
(
जीरो
)
पर
रहेगी
या
अर्श
(
हीरो
)
तक
जाएगी।
प्रशांत
किशोर
ने
स्पष्ट
तौर
पर
कहा
कि
बिहार
चुनाव
के
नतीजों
में
उनके
तथा
उनकी
पार्टी
के
लिए
बीच
में
रहने
की
कोई
संभावना
नहीं
है।
या
तो
वें
फर्श
पर
रहेंगे
अथवा
अर्श
पर
रहेंगे।
प्रशांत
किशोर
ने
अपनी
फर्श
अथवा
अर्श
वाली
थ्योरी
को
डिटेल
में
समझाया
है।
प्रशांत किशोर की पार्टी को या तो 10 से कम सीट या 150 से ज्यादा सीट मिलेंगी
बिहार
के
चुनावी
नतीजों
में
प्रशांत
किशोर
या
तो
फर्श
पर
रहेंगे
या
फिर
अर्श
पर
जाएंगे।
इस
बात
को
स्पष्ट
करते
हुए
प्रशांत
किशोर
ने
पत्रकारों
को
बताया
कि
बिहार
में
चुनाव
में
उनकी
पार्टी
जन
सुराज
को
या
तो
10
से
कम
विधानसभा
की
सीटों
पर
विजय
मिलेगी
या
फिर
150
से
ज्यादा
विधानसभा
की
सीटों
पर
उनकी
पार्टी
के
प्रत्याशी
चुनाव
जीतकर
इतिहास
रचेंगे।
उन्होंने
पत्रकारों
से
स्पष्ट
कहा
कि
मैं
अब
तक
के
अपने
अनुभव
के
आधार
पर
यह
बता
रहा
हूं
कि
उनकी
पार्टी
जन
सुराज
को
या
तो
बिहार
की
जनता
पूरी
तरह
से
रिजैक्ट
करेगी
या
फिर
बिहार
की
जनता
जन
सुराज
पार्टी
के
हाथों
में
बिहार
की
सत्ता
सौंपकर
बिहार
के
अच्छे
दिन
लाने
का
काम
करेगी।
प्रशांत
किशोर
ने
साफ
कहा
कि
उनको
पूरा
यकीन
ही
नहीं
बल्कि
गारंटी
है
कि
बिहार
के
चुनाव
में
जन
सुराज
बीच
में
नहीं
रहेगी
या
तो
जन
सुराज
पार्टी
जीरो
रहेगी
या
फिर
हीरो
बनकर
नया
इतिहास
रचने
का
काम
करेगी।
Prashant Kishore
प्रशांत किशोर 20-30 विधायकों वाली पार्टी नहीं चलाएंगे
पत्रकारों
के
साथ
बातचीत
करते
हुए
प्रशांत
किशोर
ने
एक
और
बड़ी
घोषणा
की
है।
प्रशांत
किशोर
ने
कहा
है
कि
यदि
गलती
से
उनकी
पार्टी
के
20-30
विधायक
चुनाव
जीतकर
आ
जाते
हैं
तो
वें
उन
थोड़े
से
विधायकों
को
अपने
साथ
नहीं
रखेंगे।
वें
उन
विधायकों
को
खुली
छूट
दे
देंगे
कि
वें
विधायक
किसी
दूसरी
पार्टी
में
जाकर
शामिल
हो
जाएं।
प्रशांत
किशोर
ने
स्पष्ट
किया
कि
या
तो
बिहार
की
जनता
जन
सुराज
पार्टी
को
बिहार
की
सत्ता
सौंप
देगी
नहीं
तो
वें
दोबारा
सडक़ों
पर
संघर्ष
करेंगे।
20-30
विधायकों
को
साथ
लेकर
पार्टी
चलाने
का
उनका
कोई
इरादा
नहीं
है।
या
तो
वें
सडक़
पर
रहेंगे
या
बिहार
में
सरकार
बनाकर
बिहार
की
पूरी
व्यवस्था
को
ठीक
करने
का
काम
करेंगे।
प्रशांत
किशोर
ने
कहा
कि
बीच
का
रास्ता
उन्होंने
पहले
भी
कभी
नहीं
चुना
था
और
वें
आगे
भी
बीच
का
रास्ता
चुनने
वाले
नहीं
हैं।
Prashant Kishore
प्रशांत किशोर का नया नारा है ‘‘जय बिहार-जय-जय बिहार”
प्रशांत
किशोर
से
पूछा
गया
कि
प्रधानमंत्री
नरेन्द्र
मोदी
से
लेकर
तमाम
नेताओं
की
चुनावी
रणनीति
बनाने
के
दौरान
उन्होंने
अनेक
नारे
दिए
थे
,
इस
बार
वें
कौन
सा
नारा
दे
रहे
हैं
?
इस
प्रश्न
के
उत्तर
में
प्रशांत
किशोर
ने
बताया
कि
बिहार
की
जनता
ने
खुद
ही
बड़ा
नारा
दे
दिया
है।
बिहार
में
हर
जगह
‘‘
जय
बिहार
-
जय
-
जय
बिहार
”
का
नारा
लग
रहा
है।
उन्होंने
कहा
कि
वें
जहां
कहीं
भी
जा
रहे
हैं
हर
तरफ
‘‘
जय
बिहार
-
जय
-
जय
बिहार
”
का
नारा
सुनाई
पड़
रहा
है।
प्रशांत
किशोर
ने
कहा
कि
बिहार
की
जनता
30
वर्षों
से
NDA
तथा
RJD
के
बीच
में
फंसी
हुई
थी।
बदलाव
चाहते
हुए
भी
बिहार
की
जनता
के
पास
कोई
तीसरा
विकल्प
नहीं
था।
इस
बार
तीसरे
विकल्प
के
रूप
में
बिहार
की
जनता
के
सामने
जन
सुराज
पार्टी
मौजूद
है।
यही
कारण
है
कि
जन
सुराज
पार्टी
बिहार
की
जनता
की
पहली
पसंद
बन
गई
है।
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प्रशांत किशोर कर चुके हैं बहुत बड़े-बड़े काम
प्रशांत
किशोर
को
भविष्य
के
बड़े
नेता
के
रूप
में
देखा
जा
रहा
है।
ऐसे
में
प्रशांत
किशोर
का
पूरा
परिचय
जान
लेना
बेहद
जरूरी
है।
आपको
बता
दें
कि
34
साल
की
उम्र
में
संयुक्त
राष्ट्र
की
नौकरी
छोडक़र
भारत
आये
बक्सर
निवासी
प्रशांत
किशोर
जब
गुजरात
के
तत्कालीन
मुख्यमंत्री
नरेंद्र
मोदी
से
जुड़े
तब
उन्हें
आम
जनता
नहीं
जानती
थी।
प्रशांत
किशोर
ने
राजनीति
में
ब्रांडिंग
का
दौर
शुरू
किया
था।
जब
नरेंद्र
मोदी
को
भारतीय
जनता
पार्टी
ने
प्रधानमंत्री
पद
का
दावेदार
बनाया
तब
प्रशांत
किशोर
अपने
काम
में
जुट
गये।
लोकसभा
चुनाव
का
बिगुल
बजने
से
पहले
ही
प्रचार
का
दौर
शुरू
हुआ।
ऐसा
प्रचार
पहले
कभी
नहीं
देखा
गया
था।
साल
2014
में
प्रशांत
किशोर
ने
सिटीजन
फॉर
अकाउंटेबल
गवर्नेंस
(
कैग
)
नामक
कंपनी
की
स्थापना
की
थी।
कैग
भारत
की
पहली
राजनीतिक
एक्शन
कंपनी
माना
जाता
है।
यह
कंपनी
एक
NGO
है
जिसमें
IIT
और
IIM
में
पढऩे
वाले
युवा
प्रोफेशनल्स
काम
कर
रहे
थे।
प्रशांत
किशोर
को
नरेंद्र
मोदी
के
लिए
मार्केटिंग
और
विज्ञापन
अभियान
जैसे
कि
चाय
पर
चर्चा
, 3
डी
रैली
,
रन
फॉर
यूनिटी
,
मंथन
का
श्रेय
दिया
जाता
है।
2014
में
जब
भाजपा
ने
प्रचंड
जीत
हासिल
की
और
नरेंद्र
मोदी
देश
के
प्रधानमंत्री
बने
तब
पहली
बार
प्रशांत
किशोर
सुर्खियों
में
आये।
लोग
कहने
लगे
पीएम
मोदी
की
शानदार
जीत
में
प्रशांत
किशोर
का
अहम
योगदान
रहा।
नरेन्द्र
मोदी
के
प्रधानमंत्री
बनने
के
कुछ
दिन
बाद
ही
प्रशांत
किशोर
और
भाजपा
के
बीच
की
दूरी
बढऩे
लगी।
2015
में
प्रशांत
किशोर
ने
बिहार
विधानसभा
चुनाव
के
लिए
नीतीश
कुमार
-
लालू
यादव
के
महागठबंधन
का
साथ
थामा
था।
उन्हें
सफलता
मिली।
इसके
बाद
2017
में
वह
वाईएसआर
कांग्रेस
से
जुड़
गए।
पार्टी
के
प्रमुख
जगन
मोहन
रेड्डी
से
प्रशांत
किशोर
की
मुलाकात
पार्टी
के
बड़े
नेताओं
से
करवाई
थी।
बिहार
में
जिस
रणनीति
ने
काम
किया
था
वह
आंध्र
प्रदेश
में
कामयाबी
हासिल
नहीं
कर
पाई।
पश्चिम बंगाल में सरकार बनवाने का काम किया था प्रशांत किशोर ने
प्रशांत
किशोर
पश्चिम
बंगाल
में
ममता
बनर्जी
की
सरकार
बनवा
चुके
हैं।
आप
को
बता
दें
कि
2021
में
तृणमूल
कांग्रेस
की
मुखिया
ममता
बनर्जी
ने
प्रशांत
किशोर
को
पश्चिम
बंगाल
में
विधानसभा
सभा
चुनाव
की
जिम्मेदारी
सौंपी
थी।
प्रशांत
किशोर
ने
भी
इस
चुनाव
में
पीएम
मोदी
और
भाजपा
के
खिलाफ
पूरी
ताकत
झोंक
दी।
ममता
बनर्जी
फिर
से
मुख्यमंत्री
चुनी
गई
थी।
इस
बार
फिर
से
प्रशांत
किशोर
की
चर्चा
पूरे
देश
में
हुई।
Prashant Kishore
इसके
बाद
प्रशांत
किशोर
ने
बिहार
में
सक्रिया
राजनीति
करने
का
फैसला
किया।
वह
बिहार
लौटकर
आये।
दो
अक्टूबर
2022
को
गांधी
जयंती
के
अवसर
पर
उन्होंने
चंपारण
से
अपनी
पदयात्रा
शुरू
की।
दो
साल
तक
बिहार
के
गांव
-
गांव
घूमे
और
लोगों
से
मिले।
दो
साल
बाद
यानी
दो
अक्टूबर
2024
को
गांधी
जयंती
के
ही
दिन
अपनी
नई
पार्टी
जन
सुराज
पार्टी
बनाई।
बिहार
में
चल
रहे
विधानसभा
चुनाव
में
प्रशांत
किशोर
की
पार्टी
जन
सुराज
ने
सभी
243
सीटों
पर
प्रत्याशी
उतारने
की
घोषणा
की
है।
Prashant Kishore
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