प्रशांत किशोर ने कर डाला बड़ा कमाल, रच दिया इतिहास
भारत
चेतना मंच
20 Oct 2025 11:39 AM
प्रशांत
किशोर
की
चर्चा
बिहार
से
लेकर
पूरे
देश
में
हो
रही
है।
रणनीतिकार
से
राजनेता
बने
प्रशांत
किशोर
ने
बड़ा
कमाल
कर
दिया
है।
प्रशांत
किशोर
ने
अपने
प्रयास
तथा
सरस्वती
माता
की
कृपा
से
बिहार
में
नया
इतिहास
रच
दिया
है।
प्रशांत
किशोर
के
विरोधी
भी
इस
बात
को
स्वीकार
कर
रहे
हैं
कि
प्रशांत
किशोर
ने
बिहार
ही
नहीं
भारत
की
राजनीति
में
इतिहास
का
एक
नया
अध्याय
लिख
दिया
है।
Prashant Kishore
प्रशांत किशोर ने साढ़े तीन साल में वह कर दिया जो पहले कभी नहीं हुआ
चेतना
मंच
की
टीम
ने
पूरे
बिहार
का
दौरा
करने
के
बाद
एक
बड़ी
रिपोर्ट
भेजी
है।
चेतना
मंच
की
रिपोर्ट
में
बताया
गया
है
कि
बिहार
में
चल
रहे
विधानसभा
के
चुनाव
में
प्रशांत
किशोर
की
पार्टी
जन
सुराज
तीसरी
सबसे
बड़ी
ताकत
बन
गई
है।
बिहार
की
जमीनी
हकीकत
यह
हो
गई
है
कि
बिहार
में
NDA
तथा
महागठबंधन
के
सीधे
मुकाबले
को
प्रशांत
किशोर
ने
त्रिकोणीय
मुकाबला
बना
दिया
है।
मात्र
साढ़े
तीन
साल
के
प्रयास
में
बिहार
जैसे
प्रदेश
में
तीसरी
ताकत
बनकर
सामने
आना
किसी
चमत्कार
से
कम
नहीं
माना
जा
रहा
है।
राजनीतिक
विश्लेषकों
का
दावा
है
कि
यह
पहला
उदाहरण
है
जब
कोई
राजनीतिक
पार्टी
मात्र
साढ़े
तीन
साल
में
इतनी
बड़ी
राजनीतिक
ताकत
बनकर
उभरी
है।
प्रशांत
किशोर
की
पार्टी
ना
केवल
बिहार
की
सभी
243
सीटों
पर
चुनाव
लड़
रही
है
बल्कि
प्रत्येक
सीट
पर
अपनी
मजबूत
उपस्थिति
दर्ज
करा
रही
है।
Prashant Kishore
चुनाव से पहले ही जीत गए हैं प्रशांत किशोर
चेतना
मंच
टीम
की
रिपोर्ट
में
बताया
गया
है
कि
बिहार
में
6
तथा
11
नवंबर
को
वोट
पड़ेंगे।
चुनाव
के
नतीजे
14
नवंबर
को
आएंगे।
इस
स्थिति
के
बीच
प्रशांत
किशोर
ने
चुनाव
से
पहले
ही
बड़ी
जीत
हासिल
कर
ली
है।
बिहार
प्रदेश
में
पिछले
चार
दशक
से
पूरी
राजनीति
NDA
तथा
महागठबंधन
के
नेताओं
के
इर्द
-
गिर्द
झूमती
रही
है।
मात्र
साढ़े
तीन
साल
मेहनत
करके
प्रशांत
किशोर
ने
बिहार
की
राजनीति
में
त्रिकोणीय
मुकाबला
खड़ा
कर
दिया
है।
इतने
कम
समय
में
पार्टी
का
गठन
करना
,
पार्टी
के
साथ
डेढ़
करोड़
से
अधिक
सदस्यों
को
जोडऩा
पार्टी
का
मजबूत
ढांचा
तैयार
करना
तथा
243
सीटों
पर
प्रत्याशी
उतारना
दर्शाता
है
कि
प्रशांत
किशोर
ने
राजनीति
में
बहुत
बड़ी
उपलब्धि
हासिल
कर
ली
है।
इससे
पहले
भारत
की
राजनीति
में
किसी
राजनीतिक
दल
का
इस
प्रकार
का
उदय
कभी
नहीं
देखा
गया।
तमाम
राजनीतिक
विश्लेषक
प्रशांत
किशोर
की
इस
उपलब्धि
को
बड़ी
राजनीतिक
जीत
बता
रहे
हैं।
प्रशांत
किशोर
के
विरोधी
दल
भारतीय
जनता
पार्टी
,
जनता
दल
यूनाईटेड
,
राष्ट्रीय
जनता
दल
तथा
कांग्रेस
पार्टी
के
नेता
भी
स्वीकार
कर
रहे
हैं
कि
इस
बार
बिहार
के
चुनाव
में
त्रिकोणीय
मुकाबला
हो
रहा
है।
प्रशांत
किशोर
की
जन
सुराज
पार्टी
बिहार
की
प्रत्येक
विधानसभा
सीट
पर
मजबूती
के
साथ
चुनाव
लड़
रही
है।
यह भी पढ़े: मोकामा में अनंत सिंह ने RJD को दिया खुला चुनौती, कहा- ‘फिर हारेंगे ’
आम आदमी पार्टी के साथ तुलना को गलत बता रहे हैं प्रशांत किशोर
प्रशांत
किशोर
ने
बिहार
में
जो
राजनीति
प्रयोग
किया
है
उसकी
तुलना
दिल्ली
में
हुए
आम
आदमी
पार्टी
के
प्रयोग
के
साथ
की
जा
रही
है।
प्रशांत
किशोर
आम
आदमी
पार्टी
के
साथ
अपनी
पार्टी
की
तुलना
को
गलत
बता
रहे
हैं।
प्रशांत
किशोर
का
कहना
है
कि
आम
आदमी
पार्टी
एक
आंदोलन
के
द्वारा
खड़ी
हुई
थी।
वह
आंदोलन
अन्ना
हजारे
ने
किया
था
और
उसका
फायदा
अरविंद
केजरीवाल
ने
उठा
लिया
था।
प्रशांत
किशोर
का
कहना
है
कि
जन
सुराज
पार्टी
किसी
प्रकार
के
आंदोलन
के
रास्ते
से
खड़ी
नहीं
हुई
है।
जन
सुराज
पार्टी
बिहार
की
कड़वी
हकीकत
के
कारण
खड़ी
हुई
है।
Prashant Kishore
इस
कारण
जन
सुराज
पार्टी
के
साथ
किसी
दूसरी
पार्टी
की
तुलना
करना
पूरी
तरह
से
गलत
है।
प्रशांत
किशोर
का
कहना
है
कि
बिहार
का
बेटा
होने
के
कारण
वें
बिहार
की
जनता
की
दशा
बदलने
के
लिए
मैंदान
में
उतरे
हैं।
प्रशांत
किशोर
ने
घोषणा
की
है
कि
जब
तक
बिहार
को
पलायन
मुक्त
विकसित
प्रदेश
नहीं
बना
देते
उनका
अभियान
जारी
रहेगा।
राजनीतिक
विश्लेषकों
का
स्पष्ट
मत
है
कि
प्रशांत
किशोर
ने
बड़ा
कमाल
करते
हुए
नया
इतिहास
रच
दिया
है।
प्रशांत
किशोर
ने
बड़ा
दावा
करते
हुए
कहा
है
कि
14
नवंबर
को
बिहार
विधानसभा
के
चुनाव
के
नतीजे
बेहद
चौंकाने
वाले
होंगे।
उन्होंने
कहा
कि
14
नवंबर
के
चुनावी
नतीजों
के
बाद
बिहार
में
पहली
बार
बिहार
की
पूरी
जनता
की
पसंद
वाली
सरकार
बनेगी।
अभी
तक
बिहार
में
मात्र
35
से
36
प्रतिशत
जनता
के
समर्थन
से
सरकार
बनती
रही
है।
Prashant Kishore
संबंधित खबरें
अगली खबर पढ़ें
संबंधित खबरें
चेतना दृष्टि