
Prashant Kishor : प्रशांत किशोर पहले राजनीति की रणनीति बनाते थे। अब प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) खुद राजनेता बन गए हैं। प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी बनाकर बिहार प्रदेश में राजनीतिक पारी शुरू कर रखी है। प्रशांत किशोर का बिहार में राजनीतिक भविष्य क्या होगा? इस सवाल का जवाब 23 नवंबर को मिल जाएगा। 23 नवंबर को सबको पता चल जाएगा कि बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर का भविष्य कैसा रहेगा।
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा की चार सीटों पर उप-चुनाव हो रहा है। बिहार की जिन विधानसभा सीटों पर उप चुनाव हैं उन विधानसभा सीटों के नाम तसरी, बेलागंज, इमामगंज तथा रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र हैं। इन चारों ही विधानसभा सीटों से प्रशांत किशोर ने अपनी पार्टी जन सुराज पार्टी (जसुपा) के प्रत्याशी मैंदान में उतारे हैं। यह पहला मौका है जब प्रशांत किशोर सीधे तौर पर राजनीति में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 23 नवंबर को बिहार के विधानसभा उप-चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। इन नतीजों से पता चल जाएगा कि प्रशांत किशोर का राजनीतिक भविष्य क्या होने वाला है।
यह भी संयोग ही है कि आप जैसी मंशा रखें, वैसा ही प्रतीक-चिह्न आवंटित हो जाए। बिहार में परिवर्तन का शंखनाद कर चुके जन सुराज पार्टी (जन सुराज पार्टी) के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) का सर्वाधिक फोकस शिक्षा और रोजगार पर है। इसी वादे के साथ बिहार में उपचुनाव वाले चारों विधानसभा क्षेत्रों (तरारी, रामगढ़, बेलागंज, इमामगंज) में जसुपा के प्रत्याशी उतरे हैं। अब निर्वाचन आयोग द्वारा उन्हें चुनाव-चिह्न के रूप में स्कूल बैग (Jan Suraaj Party Symbol) आवंटित किया गया है। जसुपा के चारों प्रत्याशी इसी चुनाव-चिह्न पर वोट मांग रहे है।
रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव (Ramgarh By-Election 2024) को लेकर जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर लगातार जन संवाद के माध्यम से जनता को उनके अधिकारों और वोट की ताकत के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को प्रशांत किशोर ने दुर्गावती रामगढ़ व नुआंव प्रखंड का दौरा किया।
प्रशांत किशोर ने आधा दर्जन जनसभाओं को संबोधित कर सरकार पर निशाना साधा। प्रशांत किशोर ने यज्ञशाला मैदान (कल्याणपुर) दुर्गावती, एस.एन. सिंह इंग्लिश स्कूल (रामगढ़), बड्ढा मैदान अकोल्ही, नुआंव, रामगढ़ के मध्य विद्यालय मैदान सदुल्लहपुर, डरवन और सिसौड़ा गांव की सभा में लोगों के साथ संवाद किया। शाम को जी.बी. होटल देवकली मोहनियां में लोगों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि बिहार में जमीन के सर्वे (Bihar Jamin Survey) के नाम पर भ्रष्टाचार फैलाया गया। जनता से रिश्वत वसूली गई। यदि जनता अपने वोट के अधिकार से इसे नहीं रोकेगी तो यह सर्वे दोबारा शुरू हो सकता है। Prashant Kishor :