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उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम एक बार फिर लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। बाबा नीम करौली महाराज की तपोभूमि माने जाने वाले इस पावन धाम में 13 से 16 जून तक स्थापना दिवस और वार्षिक मेले का आयोजन किया जा रहा है।

Kainchi Dham Fair : उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित प्रसिद्ध कैंची धाम एक बार फिर लाखों श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए तैयार है। बाबा नीम करौली महाराज की तपोभूमि माने जाने वाले इस पावन धाम में 13 से 16 जून तक स्थापना दिवस और वार्षिक मेले का आयोजन किया जा रहा है। हर वर्ष की तरह इस बार भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। बढ़ती भीड़ और यातायात दबाव को देखते हुए प्रशासन ने विशेष ट्रैफिक और पार्किंग व्यवस्था लागू की है।
Kainchi Dham Fair
स्थापना दिवस के दौरान सबसे बड़ा बदलाव यह है कि श्रद्धालु अपनी निजी गाड़ियों से सीधे कैंची धाम मंदिर तक नहीं पहुंच सकेंगे। प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए मंदिर मार्ग पर निजी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। श्रद्धालुओं को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़े करने के बाद शटल सेवा का उपयोग करना होगा।
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हल्द्वानी, काठगोदाम और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु अपनी गाड़ियां भीमताल स्थित विकास भवन पार्किंग में खड़ी कर सकेंगे। यहां से प्रशासन द्वारा संचालित विशेष शटल बसें और मिनी बसें लगातार कैंची धाम तक यात्रियों को पहुंचाएंगी। भीड़ के अनुसार शटल सेवाओं की संख्या बढ़ाने की भी व्यवस्था की गई है।
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रेल और बस के जरिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत दी गई है। हल्द्वानी बस अड्डा, हल्द्वानी रेलवे स्टेशन और काठगोदाम रेलवे स्टेशन से विशेष शटल सेवाएं संचालित की जा रही हैं। इससे बाहर से आने वाले यात्रियों को कैंची धाम तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। नैनीताल और रामनगर मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी अलग पार्किंग व्यवस्था बनाई गई है। प्रशासन ने नैनीताल के मेट्रोपोल पार्किंग और डीएसए फ्लैट पार्किंग क्षेत्रों को वाहन पार्किंग के लिए चिन्हित किया है। यहां से श्रद्धालु शटल बसों और अधिकृत टैक्सियों के माध्यम से मंदिर तक पहुंच सकेंगे।
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मेले के दौरान यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए 13 से 16 जून तक भारी और मालवाहक वाहनों के आवागमन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। ऐसे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना और जाम की स्थिति को रोकना है। मेले के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस, पीएसी और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगे। भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक संचालन के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। श्रद्धालुओं से प्रशासन के निदेर्शों का पालन करने की अपील की गई है।
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कैंची धाम की स्थापना बाबा नीम करौली महाराज ने वर्ष 1960 के दशक में की थी। आज यह देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है। हर वर्ष 15 जून को स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल भंडारा और धार्मिक आयोजन होते हैं, जिनमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निजी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें, शटल सेवाओं का उपयोग करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि सभी व्यवस्थाएं श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की गई हैं, ताकि हर व्यक्ति शांतिपूर्वक दर्शन कर सके।
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