पर्यावरण के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने जंगलों में लगी आग और अंधाधुंध कटाई के कारण औषधीय पौधों के नष्ट होने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारे बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का खजाना तेजी से खत्म हो रहा है।

Draupadi Murmu at the National Health Fair in Shegaon : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के शेगांव में चार दिवसीय 'नेशनल आरोग्य मेला 2026' का भव्य उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने देश के नागरिकों के स्वास्थ्य और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए औषधीय खेती को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राष्ट्र की नींव होते हैं। उन्होंने किसानों से औषधीय पौधों की खेती को अपनाने की अपील करते हुए स्पष्ट किया कि यह न केवल उनकी आय बढ़ाने का जरिया बनेगी, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगी। उन्होंने पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक कृषि तकनीकों के संगम को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने वाला माध्यम बताया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने जीवनशैली पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया आज तनाव मुक्त और स्वस्थ जीवन के लिए योग को अपना रही है। उन्होंने निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि इलाज से बेहतर बचाव है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और अच्छी जीवनशैली ही अच्छे स्वास्थ्य की आधारशिला हैं।
पर्यावरण के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने जंगलों में लगी आग और अंधाधुंध कटाई के कारण औषधीय पौधों के नष्ट होने पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हमारे बहुमूल्य जड़ी-बूटियों का खजाना तेजी से खत्म हो रहा है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि इन पौधों को संरक्षित करने की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की है और इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे।
इस उद्घाटन समारोह में महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। यह चार दिवसीय आयोजन आयुष प्रणालियों के माध्यम से आम जनता को निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक करने के लिए समर्पित है। Draupadi Murmu at the National Health Fair in Shegaon