
Presidential Election भारत में राष्ट्रपति चुनाव की सरगर्मी चल रही है। जैसा कि आज सुबह संभावना जताई जा रही थी कि एक नया चेहरा विपक्षी दलों की ओर से राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार हो सकता है, वैसा ही हुआ। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के नाम पर 19 विपक्षी दलों ने सहमति जताते हुए उन्हें राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार बनाया है। वह आगामी 27 जून की सुबह 11.30 बजे नामांकन पत्र दाखिल करेंगे।
आज संपन्न हुई विपक्षी दलों की बैठक में टीएमसी ने यशवंत सिन्हा का नाम का प्रस्ताव रखा, बढ़ाया, जिसे विपक्ष के 19 दलों का समर्थन मिला। बैठक से पहले यशवंत सिन्हा ने ट्वीट किया था कि TMC में उन्होंने मुझे जो सम्मान और प्रतिष्ठा दी, उसके लिए मैं ममता बनर्जी का आभारी हूं। उन्होंने आगे कहा कि अब एक समय आ गया है, जब एक बड़े राष्ट्रीय उद्देश्य के लिए मुझे पार्टी से हटकर विपक्षी एकता के लिए काम करना चाहिए। मुझे यकीन है कि पार्टी मेरे इस कदम को स्वीकार करेगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने इस मामले पर चर्चा करने के बाद सिन्हा ने प्रस्ताव पर सहमति जताई गई। यशवंत सिन्हा ने बैठक से पहले एक ट्वीट कर बड़े राष्ट्रीय कारणों के लिए पार्टी के काम से अलग हटने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
यशवंत सिन्हा नाम फाइनल होने के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बधाई देते हुए कहा कि आगामी राष्ट्रपति चुनाव के लिए सभी प्रगतिशील विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार बनाए जाने पर यशवंत सिन्हाजी को बधाई। वे कुशाग्र बुद्धि के व्यक्ति हैं, जो निश्चित रूप से हमारे राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मूल्यों को बनाए रखेंगे।
आपको बता दें कि विपक्ष की ओर से शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला और गोपाल कृष्ण गांधी का नाम भी चल रहा था, लेकिन यह तीनों ही नेता विपक्ष के प्रस्ताव को ठुकरा चुके हैं। महात्मा गांधी के पौत्र गोपाल कृष्ण गांधी ने सोमवार को ही विपक्ष के नेताओं को राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम सुझाने पर धन्यवाद देते हुए चुनाव लड़ने न लड़ने की इच्छा जताई थी। ऐसे में अब विपक्ष ने यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारने का फैसला किया है। यशवंत सिन्हा भाजपा का दामन छोड़कर TMC में शामिल हुए थे।
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