
पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री मोदी(Prime Minister) ने भारत और चीन के बीच के रिश्तों को वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पड़ोसी देशों के बीच मतभेद स्वाभाविक होते हैं, लेकिन इन मतभेदों को टकराव में नहीं बदलना चाहिए। 2020 में गलवान घाटी में हुई घटना पर प्रधानमंत्री मोदी(Prime Minister) ने गहरी चिंता व्यक्त की और कहा कि बातचीत के जरिए ही इन समस्याओं का समाधान संभव है। मोदी ने बताया कि पिछले साल अक्टूबर में चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ हुई बैठक के बाद सीमा पर सामान्य स्थिति की वापसी देखने को मिली है और अब दोनों देश 2020 से पहले की स्थिति को बहाल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री (Prime Minister)ने यह भी कहा कि भारत और चीन के रिश्ते नए नहीं हैं, क्योंकि दोनों देशों की सभ्यताएं और संस्कृति प्राचीन हैं। उनका मानना है कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंध हैं और दोनों देशों ने एक-दूसरे से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एक समय भारत और चीन वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 50 प्रतिशत हिस्सा रखते थे, जो दोनों देशों के गहरे योगदान को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री मोदी(Prime Minister) ने भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर भी अपने विचार साझा किए, लेकिन उन्होंने शांति और संवाद की प्रक्रिया को महत्व दिया। वहीं, गोधरा कांड पर भी उन्होंने अपनी स्थिति स्पष्ट की और बताया कि यह मामला भारतीय समाज के लिए एक दुखद घटना थी, लेकिन इसे किसी भी रूप में हिंसा को बढ़ावा देने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
इस पॉडकास्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया कि भारत हमेशा शांति और संवाद की दिशा में काम करेगा और यही उसकी प्राथमिकता रहेगी।Prime Minister: