बीएमसी चुनाव से पहले अंबरनाथ में राजनीतिक उबाल
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल तेज होता जा रहा है। ठाणे जिले की अंबरनाथ नगर परिषद एक बार फिर राजनीतिक घमासान का केंद्र बन गई है। उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर आज सोमवार (12 जनवरी) को हुई है।

बता दें कि आम सभा की बैठक के दौरान भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पार्षदों के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। बैठक के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि गुस्साए बीजेपी पार्षदों ने शिवसेना समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की और चप्पलें तक लहराईं, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।
सत्ता संघर्ष की जड़ में उपाध्यक्ष पद
बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में पिछले महीने हुए चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से अपनी उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटील को परिषद अध्यक्ष चुना था। हालांकि, उपाध्यक्ष पद का चुनाव अब सत्ता संघर्ष का नया केंद्र बन गया है।
‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ का गठन और टूटन
बता दें कि 20 दिसंबर को हुए नगर परिषद चुनावों के बाद भाजपा की स्थानीय इकाई ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) का गठन किया था। इस गठबंधन के जरिए शिवसेना को सत्ता से बाहर रखा गया, जबकि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 60 सदस्यीय नगर परिषद में शिवसेना के 27, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के 4 और दो निर्दलीय पार्षद थे। AVA के पास शुरुआत में 32 सदस्यों का बहुमत था। हालांकि, इस गठबंधन से नाराज कांग्रेस ने अपने पार्षदों को निलंबित कर दिया, जिसके बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए।
शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 32
बता दें कि राजनीतिक समीकरण उस समय बदले जब एनसीपी के चार पार्षदों ने बीजेपी से समर्थन वापस लेकर शिवसेना का दामन थाम लिया। इससे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की संख्या बढ़कर 32 हो गई और परिषद में उनका प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो गया।
व्हिप को लेकर विवाद
बता दें कि आज की बैठक के दौरान भाजपा ने AVA के सभी घटकों को अपने उम्मीदवार प्रदीप पाटिल के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया। हालांकि, एनसीपी ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया। स्थानीय शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने भी AVA के अस्तित्व को खत्म घोषित कर दिया।शिवसेना ने उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी के सदाशिव पाटिल को अपना उम्मीदवार बनाया है।
मतगणना के बाद आएगा फैसला
बता दें कि बैठक में हुए हंगामे के बावजूद उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। आधिकारिक परिणाम औपचारिक मतदान और मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। अंबरनाथ नगर परिषद का यह सियासी संग्राम आने वाले BMC चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है।
बता दें कि आम सभा की बैठक के दौरान भाजपा और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना के पार्षदों के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। बैठक के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई, जिसके बाद सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। आरोप है कि गुस्साए बीजेपी पार्षदों ने शिवसेना समर्थित उम्मीदवार के खिलाफ नारेबाजी की और चप्पलें तक लहराईं, जिससे कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित करनी पड़ी।
सत्ता संघर्ष की जड़ में उपाध्यक्ष पद
बता दें कि अंबरनाथ नगर परिषद में पिछले महीने हुए चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस और एनसीपी के समर्थन से अपनी उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटील को परिषद अध्यक्ष चुना था। हालांकि, उपाध्यक्ष पद का चुनाव अब सत्ता संघर्ष का नया केंद्र बन गया है।
‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ का गठन और टूटन
बता दें कि 20 दिसंबर को हुए नगर परिषद चुनावों के बाद भाजपा की स्थानीय इकाई ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर ‘अंबरनाथ विकास अघाड़ी’ (AVA) का गठन किया था। इस गठबंधन के जरिए शिवसेना को सत्ता से बाहर रखा गया, जबकि वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। 60 सदस्यीय नगर परिषद में शिवसेना के 27, भाजपा के 14, कांग्रेस के 12, एनसीपी के 4 और दो निर्दलीय पार्षद थे। AVA के पास शुरुआत में 32 सदस्यों का बहुमत था। हालांकि, इस गठबंधन से नाराज कांग्रेस ने अपने पार्षदों को निलंबित कर दिया, जिसके बाद वे बीजेपी में शामिल हो गए।
शिंदे गुट की ताकत बढ़कर 32
बता दें कि राजनीतिक समीकरण उस समय बदले जब एनसीपी के चार पार्षदों ने बीजेपी से समर्थन वापस लेकर शिवसेना का दामन थाम लिया। इससे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना की संख्या बढ़कर 32 हो गई और परिषद में उनका प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो गया।
व्हिप को लेकर विवाद
बता दें कि आज की बैठक के दौरान भाजपा ने AVA के सभी घटकों को अपने उम्मीदवार प्रदीप पाटिल के पक्ष में मतदान करने के लिए व्हिप जारी किया। हालांकि, एनसीपी ने इस व्हिप को मानने से इनकार कर दिया। स्थानीय शिवसेना विधायक डॉ. बालाजी किनिकर ने भी AVA के अस्तित्व को खत्म घोषित कर दिया।शिवसेना ने उपाध्यक्ष पद के लिए एनसीपी के सदाशिव पाटिल को अपना उम्मीदवार बनाया है।
मतगणना के बाद आएगा फैसला
बता दें कि बैठक में हुए हंगामे के बावजूद उपाध्यक्ष पद के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की गई। आधिकारिक परिणाम औपचारिक मतदान और मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे। अंबरनाथ नगर परिषद का यह सियासी संग्राम आने वाले BMC चुनावों से पहले राज्य की राजनीति में बड़े संकेत दे रहा है।












