महिलाओं के लिए बेहद जरूरी जानकारी, इन कारणों से शरीर में पनप रही है बड़ी बीमारी!
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 04:54 PM
अगर आपको ब्रेस्ट में दर्द, वजन बढ़ना, अनियमित पीरियड या हड्डियों में कमजोरी जैसी परेशानियां हो रही हैं तो सावधान हो जाइए। ये लक्षण आपके शरीर में प्रोलैक्टिन हार्मोन के असंतुलन की ओर इशारा कर सकते हैं। प्रोलैक्टिन जो सामान्यतः दूध बनने (लैक्टेशन) में सहायक होता है जब बढ़ जाता है तो यह धीरे-धीरे आपके शरीर को कमजोर करने लगता है और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। Prolactin Hormone Symptoms
प्रोलैक्टिन हार्मोन क्या है?
प्रोलैक्टिन मुख्य रूप से स्तनों में दूध बनाने की प्रक्रिया से जुड़ा होता है लेकिन इसका अत्यधिक बढ़ना (हाइपरप्रोलैक्टिनीमिया) महिलाओं के हार्मोन संतुलन को बिगाड़ता है। इससे शरीर में एक अन्य जरूरी हार्मोन GnRH का निर्माण प्रभावित होता है जो ओव्यूलेशन प्रक्रिया में बाधा डालता है। नतीजतन प्रेग्नेंसी में दिक्कतें, अनियमित पीरियड और हार्मोनल असंतुलन जैसी समस्याएं सामने आती हैं।
प्रोलैक्टिन असंतुलन के मुख्य लक्षण
अनियमित या बंद पीरियड।
गर्भधारण में समस्या (इनफर्टिलिटी)।
ब्रेस्ट में दर्द या निप्पल से दूध जैसा डिस्चार्ज।
वजन बढ़ना और मेटाबॉलिज्म का धीमा होना।
पेट और जांघों में चर्बी जमा होना।
मानसिक तनाव, डिप्रेशन और चिंता की वृद्धि।
हड्डियों में कमजोरी और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा।
कैसे करें प्रोलैक्टिन को कंट्रोल? एक्सपर्ट रमिता कौर के सुझाव
मैटरनल और चाइल्ड न्यूट्रिशनिस्ट रमिता कौर के अनुसार, सही पोषण और लाइफस्टाइल बदलाव से प्रोलैक्टिन हार्मोन को नेचुरली नियंत्रित किया जा सकता है। उनके अनुसार, इन चार पोषक तत्वों को अपनी डाइट में शामिल करना बहुत जरूरी है:
जिंक: डोपामाइन के स्तर को बढ़ाता है, जो प्रोलैक्टिन को नियंत्रित करता है। कद्दू के बीज, काजू, दालें और शकरकंद इसके बेहतरीन स्रोत हैं।
विटामिन B6: डोपामाइन के निर्माण में सहायक, छोले, केला, आलू और पालक से मिलता है।
विटामिन E: हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और तनाव कम करने में मददगार। पपीता, एवोकाडो और बादाम से प्राप्त होता है।
मैग्नीशियम: तनाव को कम करता है और हार्मोनल बैलेंस को सुधारता है। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और बीन्स इसके स्रोत हैं।
चेस्टबेरी टी भी प्रोलैक्टिन के स्तर को नेचुरली कम करने में मददगार साबित हुई है, साथ ही यह पीरियड को नियमित करने में भी कारगर है।अगर आप प्रोलैक्टिन बढ़ने के लक्षण महसूस कर रहे हैं तो देर न करें, जल्द से जल्द डॉक्टर से परामर्श लें। स्वस्थ जीवनशैली और सही खानपान से इस समस्या को काबू में रखा जा सकता है। Prolactin Hormone Symptoms