पूरा पंजाब संकट में पड़ा है किन्तु सरकार लापता हो गई
भारत
RP Raghuvanshi
08 Sep 2025 01:52 PM
भारत का पंजाब प्रदेश इन दिनों बड़े संकट में पड़ा हुआ है। बाढ़ की भयानक त्रासदी ने पूरे पंजाब प्रदेश को अपनी चपेट में ले रखा है। पंजाब में आई हुई भयानक बाढ़ के बीच सरकार कहीं लापता हो गई है। पंजाब में सरकारी मदद के नाम पर कहीं भी कुछ नजर नहीं आ रहा है। पंजाब प्रदेश से सीधा ताल्लुक रखने वाले प्रसिद्ध पत्रकार रवि अरोरा ने पंजाब के हालात का पूरा विश्लेषण किया है। हम पंजाब के ऊपर किया गया पूरा विश्लेषण यहां प्रकाशित कर रहे हैं। Punjab Flood 2025
किसके भरोसे छोड़ दिया गया है पंजाब को
पंजाब के ताजा हालात पर किए गए विश्लेषण को रवि अरोरा ने ‘‘सोनू सूदों का पंजाब’’ शीर्षक दिया है। उन्होंने लिखा है कि किसी राज्य और केंद्र सरकार पर काबिज नेताओं की आपसी रस्साकसी का खामियाजा आम आदमी को कैसे और कितना भुगतना पड़ता है, यह जानना हो तो कृपया पंजाब का एक चक्कर लगा आइए । दशकों बाद आई ऐसी भयंकर बाढ़ में डूबते उतराते राज्य के लाखों लोगों का आज कोई वाली वारिस नहीं है । राज्य के सभी 23 जिलों को आपदा प्रभावी घोषित किया जा चुका है और अब तक 46 लोगों के मरने का समाचार है। राज्य की पौने चार लाख हेक्टेयर कृषि भूमि तबाह हो गई है। लगभग दो हजार गांव पानी में डूबे हुए हैं और लगभग चार लाख लोग उनमें फंसे हुए हैं। Punjab Flood 2025
मुख्यमंत्री भगवंत मान केंद्र से साठ हजार करोड़ रुपए का राहत पैकेज मांग रहे हैं मगर केंद्र ने अभी तक फूटी कौड़ी भी देना गवारा नहीं किया है। अपनी ओर से राज्य सरकार भी अभी तक केवल 71 करोड़ रुपए ही जारी कर पाई है। इस आपदा को लेकर नेता कितने गंभीर हैं , यह समझने के लिए यही तथ्य काफी है कि पंजाब के हालात को देखते हुए अपनी ओर से कोई पहल अथवा कोई दौरा इत्यादि तो दूर देश के बड़े नेताओं का कोई बयान तक नहीं आया है। नतीजा राहत कार्यों और अपने ज़ख्मों पर मरहम के लिए राज्य के लोग अब अपने नेताओं से अधिक उन फिल्मी कलाकारों और गायकों पर अधिक भरोसा कर रहे हैं जो पंजाब की मिट्टी से ही उठ कर ही शिखर तक पहुंचे और अब पंजाब के हालात देखकर स्वतः ही मदद को आगे आए हैं । Punjab Flood 2025
पंजाब की सवा तीन करोड़ आबादी पर संकट
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पुराने हास्य कलाकार हैं और चुटकियां लेने में सिद्धस्थ हैं। मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर उनकी तीखी बयानबाजी का फल राज्य की सवा तीन करोड़ की आबादी भोगेगी, यह किसी को उम्मीद नहीं थी । किसी को उम्मीद नहीं थी कि राज्य विधानसभा चुनावों में ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां करने वाले नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और जेपी नड्डा जैसे बड़े नेता मुसीबत के समय पंजाब से मुंह फेर लेंगे । बेशक इस बार मानसून में उत्तरी भारत के लगभग सभी राज्यों में पचास साल का दूसरा सर्वाधिक पानी बरसा है और जम्मू कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान जैसे राज्यों का भी काफी नुकसान हुआ है मगर केंद्र की ओर से इन सभी राज्यों की थोड़ी बहुत आर्थिक मदद तो की ही गई है लेकिन पंजाब से मुंह क्यों फेरा गया, यह कोई नहीं समझ पाया ।
यकीनन पंजाब में बाढ़ के हालात बनने का कारण केवल 37 फीसदी अधिक वर्षा होना ही नहीं है। राज्य की बदइंतजामियां भी इसके लिए जिम्मेदार हैं । सारा दोष सतलुज, ब्यास और घग्गर जैसी नदियों को देना भी भला कहां तक उचित है, ये तो पहले भी मानसून में लबालब रहती हैं। चलिए जो हुआ सो हुआ। अब आगे क्या ? क्या राज्य के करोड़ों लोगों को इस लिए भाग्य भरोसे छोड़ दिया जाए कि उन्होंने भाजपा की बजाय आम आदमी पार्टी को वोट दिया ? इसलिए उनकी मदद न की जाए कि उसके किसानों की अगुवाई में चले आंदोलन के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने कृषि कानून वापिस लेने पड़े ? चलिए मदद नहीं करनी तो मत करिए मगर वहां के लोगों को खालिस्तानी कहने से अधिक शर्मनाक कुछ और हो सकता है क्या ?
देश विदेश में जब कभी भी विपदा आई है पंजाब के लोगों ने आगे बढ़ कर सबकी मदद की है। इस बार भी वे किसी से सहयोग मांगने की बजाय अपनी और अपनों की मदद खुद कर रहे हैं। राज्य के तीस हजार से अधिक गुरुद्वारे तो सेवा कर ही रहे हैं आसपास के राज्यों के गुरुद्वारे भी पीछे नहीं हैं। विदेशों में रह रहे पंजाबी और देश भर के सिख पंजाबी संगठन भी आगे आए हैं। कोरोना काल में नाम कमा चुके फिल्मी अभिनेता सोनू सूद इस बार भी दिन रात लोगों की मदद कर रहे हैं। उनकी ओर से गांव गांव खाना, सेनेटरी किट, चिकित्सा वैन, दवाइयां और पशुओं के लिए चारा भेजा जा रहा है। उनकी बहन मालविका सूद स्वयं मैदान में हैं।
सोनू की देखादेखी एमी विर्क, दलजीत दोसांझ, जिप्पी ग्रेवाल, गुरू रंधावा और करण आहूजा जैसे दर्जनों पंजाबी कलाकार गांव गांव जाकर राहत कार्यों में सहयोग कर रहे हैं। किसी ने गांव गोद लिए हैं तो कोई खाना और मेडिकल किट भिजवा रहा है मगर सवाल तो वही है कि ऐसे में सरकारें क्या कर रही हैं, हम क्या कर रहे हैं ? पंजाब की जनता ने इन कलाकारों को तो सरकार चलाने के लिए नहीं चुना। क्या यह किसी सरकार अथवा उसके नेता के लिए शर्म की बात नहीं कि विपदा काल में कोई व्यक्ति किसी नेता अथवा अधिकारी के बजाय किसी सोनू सूद द्वारा संचालित हेल्प लाइन का नंबर डायल करे ? Punjab Flood 2025