
भारत के अन्न भंडार और आर्थिक धुरी कहे जाने वाले पंजाब को इस समय ऐतिहासिक बाढ़ ने घेर लिया है। सतलुज नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और राज्य के कई हिस्सों में हालात गंभीर हो गए हैं। लुधियाना में बांध के कटाव के कारण 15 गांव पानी में डूबने के कगार पर हैं, जिससे स्थानीय किसानों और ग्रामीणों की ज़िंदगी संकट में है। अब तक बाढ़ से 43 लोगों की मौत हो चुकी है और लगभग 3.84 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। राहत और बचाव कार्य पूरे जोरों पर हैं, और 21,929 लोगों को सुरक्षित निकालकर 196 राहत शिविरों में रखा गया है। Punjab floods
लुधियाना के ससराली इलाके में सतलुज नदी के पास बने बांध में पिछले 48 घंटों से लगातार कटाव हो रहा है, और शुक्रवार तक इसकी ऊँचाई 16 फुट तक पहुँच चुकी है। इस कटाव के चलते किसानों के ट्यूबवेल बह गए और पानी मुख्य बांध से मात्र 700 मीटर की दूरी पर बने रिंग बांध तक पहुंच गया है। अगर जलस्तर इसी गति से बढ़ा, तो लुधियाना के 14 गांवों में बाढ़ का गंभीर खतरा है। स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन की कोशिशें अब तक सफल नहीं हो सकीं, और सेना एवं एनडीआरएफ की टीमें आपात प्रतिक्रिया में मौके पर तैनात हैं। शहरी इलाके जैसे राहों रोड, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, नूरवाला रोड और समराला चौक तक पानी पहुँचने की संभावना है। साहनेवाल के धनांसू इलाके में भी जलभराव का खतरा बना हुआ है, जिससे लगभग 50 हजार लोग प्रभावित हो सकते हैं।
पंजाब में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच होशियारपुर में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया। मगुवाल गांव के पास चिंतपूर्णी धर्मशाला नेशनल हाइवे पर मरीज को ले जा रही एंबुलेंस खाई में गिर गई, जिससे तीन लोगों की मौत हो गई। दो गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने जानकारी दी कि 4 सितंबर तक पंजाब के 14 जिलों में बाढ़ से अब तक 43 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में बाढ़ का कहर जारी है और 21,929 लोगों को सुरक्षित निकालकर 196 राहत शिविरों में शरण दी गई है, जिनमें 7,108 लोग रह रहे हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित फाजिल्का जिला रहा, जहां 2,548 लोग राहत शिविरों में सुरक्षित हैं। इसके बाद होशियारपुर (1,041), फिरोजपुर (776) और पठानकोट (693) जिले शामिल हैं। कुल मिलाकर अब तक लगभग 1.72 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ चुकी है।
पंजाब में बाढ़ का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक राज्य के 23 जिले और 1,948 गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं, जिससे 3.84 लाख लोग प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित हुए हैं। केंद्रीय टीमें प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही हैं और कृषि, ग्रामीण विकास, ऊर्जा, वित्त, सड़क और जल शक्ति विभाग के अधिकारियों के साथ राहत और स्थिति रिपोर्ट तैयार कर रही हैं। सतलुज नदी के तेज बहाव के कारण नंगल स्थित प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे सुरक्षित करने के लिए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नगर परिषद के माध्यम से 1.27 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की। वहीं, सामाजिक सुरक्षा विभाग ने अब तक 479 बुजुर्गों की पहचान की है और उन्हें रेड क्रॉस सोसाइटी और जिला प्रशासन की मदद से जरूरी सहायता मुहैया कराई जा रही है। Punjab floods