
Punjab News: पठानकोट (पंजाब)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने देश में नफरत, हिंसा और भय का माहौल बना दिया है।
पंजाब में ‘‘भारत जोड़ो यात्रा’’ के अंतिम दिन यहां एक रैली के दौरान राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक जाति को दूसरी जाति से और एक भाषा को दूसरी भाषा से लड़ाने का काम कर रही है।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि वे भय पैदा करते हैं। उनकी सभी योजनाएं (नीतियां) किसी न किसी के लिए डर का कारण बनती हैं।
पिछली संप्रग सरकार की नीतियों की ओर इशारा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उस सरकार ने मनरेगा लागू किया, कृषि ऋण माफ किया, शहरी नवीनीकरण मिशन, हरित क्रांति और श्वेत क्रांति आदि की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि हम जो कुछ भी करते हैं वह डर को मिटाने के लिए होता है और वे (भाजपा) जो कुछ भी करते हैं, डर फैलाने के लिए करते हैं।
उन्होंने निरस्त किए गए तीन कृषि कानूनों को लेकर केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि उनसे किसानों के मन में डर पैदा हुआ।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि इनकी नीतियों को देखिए - किसान सुबह चार बजे उठकर कड़ी मेहनत करके देश का पेट भरते हैं। किसानों को बदले में कुछ नहीं चाहिए, उन्हें सिर्फ सम्मान चाहिए।
उन्होंने कहा कि लेकिन, भाजपा ने इनके लिए क्या किया - वे काले कृषि कानून लाए। इन कानूनों से किसानों के मन में डर पैदा हुआ।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता ने दावा किया कि किसानों को मौसम की मार के कारण खराब हुई उनकी फसल के नुकसान का मुआवजा नहीं मिल रहा है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि एक भी किसान ने मुझे यह नहीं बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल खराब होने पर उन्हें बीमा मुआवजा मिला हो।
उन्होंने अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि इस योजना ने रक्षा बलों में शामिल होने के इच्छुक युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि लाखों युवा सशस्त्र बलों में शामिल होने की इच्छा रखते हैं।
रैली के दौरान पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सांसद अमर सिंह और मोहम्मद सद्दीक के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, वरिष्ठ नेता जयराम रमेश समेत अन्य नेता भी उपस्थित रहे।