राजस्थान के अजमेर में चल रहा अंतरराष्ट्रीय पुष्कर मेला इस बार भी अद्भुत नजारों और शाही पशुओं की वजह से सुर्खियों में है। यहां करोड़ों रुपये कीमत वाले घोड़े, भैंसे और दुर्लभ नस्ल की गायें लोगों को आकर्षित कर रही हैं। मेले की सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना है बादल नाम का घोड़ा, जिसकी कीमत 11 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह घोड़ा सिर्फ पांच साल का है लेकिन अब तक 285 बच्चों का पिता बन चुका है। मालिक राहुल के मुताबिक, बादल की ब्रीडिंग क्वालिटी और नस्ल पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसकी शानदार बनावट, ऊँचाई और दमदार चाल ने हर दर्शक को मंत्रमुग्ध कर दिया है। Pushkar Fair :
15 करोड़ का शाहबाज बना भीड़ का केंद्र
हरियाणा के पशुपालक गेरी अपने 15 करोड़ रुपये के शाहबाज नाम के घोड़े के साथ पुष्कर पहुंचे हैं। 65 इंच ऊँचा शाहबाज दिखने में जितना आकर्षक है, उतना ही इसकी ब्रीडिंग की कीमत भी चौंकाने वाली है, प्रति बार लगभग 2 लाख रुपये। गेरी ने बताया कि शाहबाज के अलावा वे 39 अन्य घोड़े भी लेकर आए हैं, जो अलग-अलग नस्लों और खूबसूरती के लिए मशहूर हैं। जयपुर के पशुपालक अभिनव तिवारी ने इस बार मेले में दुनिया की सबसे छोटी नस्ल शेटलैंड पोनी प्रदर्शित की है। इन घोड़ों की ऊँचाई मात्र ढाई फीट होती है। ये खासकर बच्चों और विदेशी खरीदारों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
बीकानेर से आया 10 लाख का मुर्रा भैंसा
बीकानेर से आए एक पशुपालक अपने 800 किलो वजनी मुर्रा नस्ल के भैंसे को लेकर पहुंचे हैं, जिसकी कीमत 10 लाख रुपये है। मुर्रा नस्ल को भारत की सबसे ताकतवर और अधिक दूध देने वाली प्रजाति माना जाता है। मेले में पुगनुर और मिली माउस नस्ल की बौनी गायें भी प्रदर्शित की गई हैं। पुगनुर गाय की ऊँचाई मात्र 16 इंच, जबकि मिली माउस नस्ल की गायें सिर्फ 12 इंच ऊँची हैं। पहली बार इतने छोटे आकार की गायों को देखने के लिए आगंतुकों की भीड़ उमड़ रही है।
संस्कृति और परंपरा का संगम
पुष्कर मेला हर साल की तरह इस बार भी राजस्थान की संस्कृति, परंपरा और पशुधन के गौरव का प्रतीक बना हुआ है। एक ओर करोड़ों की कीमत वाले शाही घोड़े हैं, तो दूसरी ओर लघु आकार की दुर्लभ नस्लें। पशुपालक उम्मीद कर रहे हैं कि इस बार मेला न सिर्फ आकर्षण में, बल्कि व्यापार के लिहाज से भी रिकॉर्ड तोड़ेगा।