‘वोट चोर सरकार’ के खिलाफ राहुल की हुंकार, विपक्ष का कुनबा और मजबूत
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 09:10 PM
बिहार में इन दिनों 'वोटर अधिकार यात्रा' को लेकर जबरदस्त राजनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में निकाली जा रही यह यात्रा अब सिर्फ 'वोट चोरी' और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि बिहार से जुड़े अन्य अहम मुद्दों को भी इससे जोड़ा जाएगा। इस यात्रा का उद्देश्य मतदाता अधिकारों को लेकर जनता को जागरूक करना और चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को मजबूती से उठाना है। कांग्रेस और विपक्षी महागठबंधन इसे जन आंदोलन का रूप देने की दिशा में काम कर रहे हैं। Voter Adhikar Yatra
विपक्ष का कुनबा होगा और बड़ा
यात्रा में अब कई और प्रमुख नेताओं के शामिल होने की तैयारी है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि प्रियंका गांधी 26-27 अगस्त को यात्रा में भाग लेंगी। इसके अलावा 27 अगस्त को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और 30 अगस्त को समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव भी इस यात्रा में शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के भी आने की संभावना जताई जा रही है। यदि ऐसा होता है तो यह INDIA गठबंधन को बिहार में एकजुट और सशक्त करने की दिशा में बड़ा कदम होगा।
राहुल गांधी के तीखे हमले
यात्रा के छठे दिन भागलपुर में राहुल गांधी ने फिर से केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा, "ये जनांदोलन है अब जनता जाग गई है और समझ चुकी है कि चोरी से बनी सरकार, जनता की नहीं होती।" उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह गुस्सा बेरोजगारी, महंगाई, गरीबी और पलायन के खिलाफ है और यह क्रांति है मताधिकार की चोरी के विरुद्ध।
मुंगेर में आयोजित जनसभा के दौरान भी राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा था कि "इंडिया गठबंधन बिहार के लोगों से उनका मताधिकार छीनने की अनुमति नहीं देगा।" उन्होंने यह भी कहा कि "वोट की चोरी संविधान पर हमला है, और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।" बिहार में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के जरिए कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल जैसे विपक्षी दल अपना आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। INDIA गठबंधन के अन्य दलों को इस यात्रा से जोड़कर विपक्ष राज्य में मजबूत मोर्चा बनाना चाहता है। इस यात्रा से साफ है कि विपक्ष एकजुट होकर बिहार में राजनीतिक संदेश देने और मतदाताओं को जागरूक करने की दिशा में एक बड़ी रणनीति पर काम कर रहा है। Voter Adhikar Yatra