राहुल गांधी की डिनर डिप्लोमेसी से विपक्ष में फिर जान, INDIA ब्लॉक एक्टिव मोड में!
भारत
चेतना मंच
27 Nov 2025 02:06 AM
लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार को बहुमत से रोकने के बाद लंबे समय से निष्क्रिय रहा INDIA गठबंधन अब दोबारा सक्रिय होता दिख रहा है। राहुल गांधी ने गुरुवार को विपक्षी नेताओं को अपने आवास पर डिनर पर बुलाया जहां 24 पार्टियों के 50 से अधिक नेता शामिल हुए। इस बैठक का मकसद केवल रात्रिभोज नहीं था बल्कि इसका संदेश साफ था उपराष्ट्रपति चुनाव और बिहार-बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले विपक्ष एकजुट है और पूरी तैयारी में है। Rahul Gandhi
डिनर में दिखा विपक्ष का बदला मूड
कांग्रेस पर अक्सर हमलावर रही ममता बनर्जी की TMC इस बार राहुल की दावत में शामिल हुई जो बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है।सपा, आरजेडी, डीएमके, शिवसेना, एनसीपी और वाम दलों के नेता भी शामिल हुए जो विपक्ष की एकजुटता की नई तस्वीर पेश करता है।राहुल गांधी ने इस मुलाकात के जरिए विपक्ष को फिर से एक मंच पर लाने की कोशिश की, जो लोकसभा चुनाव के बाद बिखरा हुआ नजर आ रहा था।
उपराष्ट्रपति चुनाव बना नया ध्रुवीकरण का केंद्र
जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद 9 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव होना है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने मिलकर संयुक्त विपक्षी उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है, जिससे एनडीए पर दबाव बन सके। 2022 में कांग्रेस उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा पर सहमति नहीं बन पाई थी, लेकिन इस बार गठबंधन में ज्यादा सामंजस्य नजर आ रहा है।
बिहार-बंगाल चुनाव से पहले INDIA ब्लॉक की बड़ी रणनीति
बिहार में अगले 3 महीनों में और पश्चिम बंगाल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस इन चुनावों को विपक्षी एकता का ट्रायल मान रही है और BJP को सीधी चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है। SRl प्रक्रिया को लेकर विपक्ष एकजुट होकर हमला बोल रहा है और इसे मतदाताओं के अधिकार पर हमला करार दिया जा रहा है। राहुल गांधी 17 अगस्त से बिहार दौरे पर रहेंगे और RJD, CPI (माले) के साथ मिलकर बड़ी रैली करेंगे।
क्या राहुल गांधी बनेंगे INDIA गठबंधन का चेहरा?
इस बार की डिनर पार्टी में TMC, SP, NCP, CPI, DMK जैसे प्रमुख दल शामिल हुए, जो पहले राहुल गांधी को नेता मानने से हिचकते थे। ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल और अखिलेश यादव जैसे नेता पहले राहुल के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं, लेकिन मौजूदा बदले माहौल में समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने डिनर में भले हिस्सा न लिया हो लेकिन SRl जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राहुल के साथ खड़ी है।
संसद से बाहर लंबे समय से बिखरा नजर आ रहा विपक्ष अब दोबारा एकजुट रणनीति बनाता दिख रहा है। राहुल गांधी की पहल से INDIA ब्लॉक में नई ऊर्जा आई है, और आने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव व विधानसभा चुनावों में इसका असर दिख सकता है। बड़ा सवाल अब यही है कि क्या राहुल गांधी INDIA ब्लॉक का स्थायी चेहरा बन पाएंगे? Rahul Gandhi