नई दिल्ली। रेल में सफर करने वालों को जल्द ही राहत की खबर मिल सकती है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने इसके संकेत दिए हैं। रेलवे बोर्ड के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार त्योहारी सीजन के बाद रेलवे बोर्ड रेल के बढ़े हुए किराए में कटौती करने पर विचार कर रहा है। स्थित की समीक्षा कर जल्द ही इस पर कोई फैसला लिया जा सकता है। हालांकि त्योहारी सीजन रेलवे की कमाई का सीजन है। इसलिए फिलहाल इसमें किसी तरह के संशोधन की उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है। पर त्योहारी सीजन के बाद बोर्ड स्तर पर इस पर फैसला किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार बंद पड़ी ट्रेनों को चलाने को लेकर विस्तृत फीडबैक के बाद ही इस पर कोई फैसला होगा। इनमें वे ट्रेनें जो कोरोना काल से पहले भी कम यात्रियों के साथ चलती थीं, उन ट्रेनों को स्थायी तौर पर बंद किया जा सकता है या फेरे कम कर चलाने जैसे निर्णय लिए जा सकते हैं।
किराया कम होने के पीछे क्या है तर्क
जैसा कि हम जानते हैं, कोरोना की पहली लहर के बाद रेलवे ने 22 मार्च, 2021 को सभी ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया था। इसके बाद धीरे-धीरे कर ट्रेनों का परिचालन एक बार फिर शुरू किया गया। उस समय जो भी ट्रेनें चलाई गईं उन्हें स्पेशल का दर्जा दे दिया गया। अभी जितनी भी ट्रेनें चल रहीं हैं सब स्पेशल हैं। इन सभी ट्रेनों के नंबर के आगे 0 लगाकार चलाया जा रहा है। 0 नंबर स्पेशल ट्रेन की पहचान है। स्पेशल ट्रेनों का किराया अधिक होता है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो रेलवे स्पेशल का दर्जा समाप्त कर सकता है। अगर ऐसा होता है कि ट्रेनों का किराया स्वतः ही कम हो जाएगा।
समीक्षा के बाद होगा निर्णय
रेलवे बोर्ड के चेयरमैन सुनीत शर्मा ने सभी जोनल मुख्यालय और रेल मंडलों के अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। उसी दौरान वे मीडिया से भी रूबरू हुए थे। इस वीडियो कांफ्रेंसिंग के बाद से ही रेल किराए को घटाए जाने और बंद ट्रेनों को एक बार फिर से चलाए जाने के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर अगले दो-तीन माह अहम है। इसके बाद ही ट्रेनों के पूरी तरह से सामान्य होने या किराए से जुड़े निर्णय की संभावना है।