महाराष्ट्र में तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में FDA की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। IRCTC से जुड़े फूड सप्लायर का लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि ISKCON के तीन खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई हुई। जांच में खाने की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आईं है।

National News : महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों को लेकर FDA ने अब ऐसा अभियान छेड़ा है, जिसकी गूंज रेलवे यात्रियों से लेकर धार्मिक संस्थानों तक सुनाई दे रही है। महाराष्ट्र के FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे की निगरानी में चल रही कार्रवाई के दौरान मुंबई और नवी मुंबई में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी कड़ी IRCTC से जुड़े खाद्य सप्लायर और मुंबई के जुहू स्थित ISKCON के तीन खाद्य प्रतिष्ठानों तक पहुंची है। महाराष्ट्र FDA ने IRCTC से जुड़े पांच बेस किचन और फूड प्लाजा का निरीक्षण किया। इनमें कुर्ला स्थित R. K. Associates & Hoteliers Pvt. Ltd. के फूड लाइसेंस को निलंबित कर दिया गया, जबकि चार अन्य प्रतिष्ठानों को सुधार संबंधी नोटिस जारी किए गए। यह कार्रवाई इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इन बेस किचन से रेलवे यात्रियों के लिए भोजन की आपूर्ति होती है। National News
FDA की जांच में 2 सितंबर को कुर्ला स्थित IRCTC से जुड़े सप्लायर के प्रतिष्ठान में कई गंभीर खामियां सामने आने का दावा किया गया। निरीक्षण के दौरान कॉकरोच की मौजूदगी, खुले में रखा भोजन, कचरे के पास भोजन तैयार किया जाना, क्षतिग्रस्त फर्श की टाइलें और दीवारों की खराब स्थिति जैसी कमियां दर्ज की गईं। खाद्य सुरक्षा के लिहाज से यह मामला इसलिए गंभीर है क्योंकि यहां तैयार होने वाला भोजन रेलवे यात्रियों तक पहुंचता है। ऐसे में रसोई की स्वच्छता में लापरवाही सीधे तौर पर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ जाती है। National News
कार्रवाई का दूसरा बड़ा केंद्र मुंबई का जुहू स्थित ISKCON परिसर रहा। यहां FDA ने तीन खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए। इनमें चर्चित गोविंदा'स रेस्टोरेंट सहित तीन खाद्य प्रतिष्ठान शामिल हैं।
जांच के दौरान कथित तौर पर कीड़े-मकोड़ों की मौजूदगी, खराब स्वच्छता, अनुचित खाद्य भंडारण और रिकॉर्ड से जुड़ी कमियां सामने आईं। रिपोर्टों के अनुसार कुछ स्थानों पर नालियां जाम थीं और कोल्ड स्टोरेज क्षेत्र के आसपास गंदा पानी जमा होने जैसी स्थिति भी मिली। National News
ISKCON के खाद्य प्रतिष्ठान लंबे समय से सात्विक और शाकाहारी भोजन के लिए पहचाने जाते हैं। ऐसे में FDA की कार्रवाई ने खाद्य सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण सवाल खड़ा किया है क्या धार्मिक या प्रतिष्ठित संस्था से जुड़े खाद्य प्रतिष्ठानों को भी वही खाद्य सुरक्षा मानक पूरे करने होंगे जो किसी सामान्य होटल या रेस्टोरेंट पर लागू होते हैं? FDA की कार्रवाई का स्पष्ट संदेश यही दिखाई देता है कि खाद्य सुरक्षा के नियम प्रतिष्ठान की पहचान देखकर नहीं, बल्कि निर्धारित कानूनी मानकों के आधार पर लागू किए जाएंगे। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार FDA ने इस कार्रवाई को सभी खाद्य सेवा इकाइयों पर समान वैधानिक मानकों के अनुपालन की मुहिम के रूप में पेश किया है। National News
रिपोर्ट के मुताबिक कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य उत्पादों की अनिवार्य जांच इन-हाउस या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से नियमित रूप से नहीं कराई जा रही थी। पीने के पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच नहीं होने और कच्चे, पके तथा शाकाहारी खाद्य पदार्थों को अलग रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की बात भी सामने आई। खाद्य पदार्थों को अलग-अलग तापमान और परिस्थितियों में सुरक्षित रखना खाद्य सुरक्षा की बुनियादी आवश्यकता है। यदि कच्चे और तैयार भोजन के बीच उचित अंतर नहीं रखा जाता तो क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है। National News
IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे ने इस वर्ष मई में महाराष्ट्र FDA आयुक्त का पद संभालने के बाद खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई तेज की है। हाल के दिनों में उनके नेतृत्व में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और लाइसेंस संबंधी कार्रवाई लगातार सुर्खियों में रही है। मुंढे की कार्यशैली का मूल संदेश साफ है जनता को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। National News
इस पूरे घटनाक्रम को केवल IRCTC सप्लायर या ISKCON के प्रतिष्ठानों पर हुई कार्रवाई के रूप में देखना शायद पर्याप्त नहीं होगा। मामला देश के करोड़ों लोगों की रोजमर्रा की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा है।
रेलवे में सफर करने वाला यात्री यह मानकर भोजन खरीदता है कि अधिकृत सप्लायर द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा खाना निर्धारित मानकों के अनुरूप होगा। इसी तरह किसी प्रतिष्ठित धार्मिक संस्था के परिसर में भोजन करने वाला व्यक्ति भी स्वच्छता और गुणवत्ता की अपेक्षा करता है। ऐसे में महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई एक बड़ा संदेश देती है कि नाम, प्रतिष्ठा, संस्था या कारोबार का आकार कुछ भी हो—खाद्य सुरक्षा के नियमों का पालन करना अनिवार्य है। National News
महाराष्ट्र में FDA का अभियान अभी थमता दिखाई नहीं दे रहा है। रिपोर्टों के अनुसार विभाग की निगरानी और जांच का दायरा आगे भी बढ़ सकता है। इस कार्रवाई का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि खाद्य सुरक्षा को केवल कागजी औपचारिकता मानने वाले प्रतिष्ठानों पर नियामक एजेंसियां अब सीधे कार्रवाई का रास्ता अपना रही हैं। IRCTC से जुड़े सप्लायर का लाइसेंस निलंबित होना और ISKCON के तीन खाद्य प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई इस अभियान की गंभीरता को स्पष्ट करता है। National News
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