
Railway Recruitment 2023: नई दिल्ली: रेलवे में भर्ती होने का सपना देख रहे युवाओं को अब और भी अधिक परिश्रम करना होगा। रेलवे में भर्ती के लिए रेल विभाग की ओर से बड़े बदलाव किए गए हैं। 2023 से नए नियमों के तहत भर्ती होगी। रेल मंत्रालय ने यूपीएससी और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग से परामर्श कर निर्णय लिया है कि वर्ष 2023 से आयोजित की जाने वाली भारतीय रेल प्रबंधन सेवा (आईआरएमएस) में भर्ती यूपीएससी द्वारा विशेष रूप से डिजाइन की गई परीक्षा (आईआरएमएस परीक्षा) के माध्यम से की जाएगी।
आईआरएमएसई एक दो स्तरीय परीक्षा होगी - प्रारंभिक स्क्रीनिंग परीक्षा, तत्पश्चात मुख्य लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार होगा। परीक्षा के दूसरे चरण अर्थात आईआरएमएस (मुख्य) लिखित परीक्षा हेतु उम्मीदवारों की उपयुक्त संख्या की स्क्रीनिंग के लिए, सभी पात्र उम्मीदवारों को सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा में भाग लेना आवश्यक होगा तथा आईआरएमएस (मुख्य) परीक्षा हेतु उपयुक्त संख्या में उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग की जाएगी। आईआरएमएस (मुख्य) परीक्षा में निम्न निर्धारित विषयों में पारंपरिक निबंध प्रकार के 4 प्रश्न-पत्र शामिल होंगेः
अर्हक प्रश्न-पत्र प्रश्न-पत्र ए- संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में से उम्मीदवार द्वारा भारतीय भाषाओं में से किसी एक भाषा को चुनना होगा - 300 अंक प्रश्न-पत्र बी - अंग्रेजी - 300 अंक मेरिट के लिए पेपर की गणना की जायेगी 1- वैकल्पिक विषय - प्रश्न-पत्र 1 - 250 अंक 2- वैकल्पिक विषय - प्रश्न-पत्र 2 - 250 अंक 3- व्यक्तित्व परीक्षण - 100 अंक
वैकल्पिक विषयों की सूची जिसमें से उम्मीदवार को केवल एक वैकल्पिक विषय का चयन करना हैः (1) सिविल इंजीनियरिंग (2) मैकेनिकल इंजीनियरिंग, (3) इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (4) वाणिज्य और लेखा उक्त अर्हक प्रश्नपत्रों और वैकल्पिक विषयों का पाठ्यक्रम सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) के समान ही होगा। सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा और आईआरएमएस (मुख्य) परीक्षा के काॅमन उम्मीदवार इन दोनों परीक्षाओं के लिए उपर्युक्त वैकल्पिक विषयों में से किसी एक का विकल्प चुन सकते हैं या इन परीक्षाओं के लिए अलग-अलग वैकल्पिक विषयों का चयन कर सकते हैं (इन दो परीक्षाओं की योजनाओं के अनुसार एक सीएसई (मुख्य) के लिए और एक आईआरएमएसई (मुख्य) के लिए)।
अर्हता प्रश्न-पत्र और वैकल्पिक विषयों (प्रश्न पत्रों और उत्तर लिखने के लिए) के लिए भाषा का माध्यम और लिपि सीएसई (मुख्य) परीक्षा के समान ही होगी। विभिन्न श्रेणियों के लिए आयु सीमा और प्रयासों की संख्या सीएसई के समान ही होगी। न्यूनतम शैक्षिक योग्यता - भारत में केंद्रीय या राज्य विधानमंडल के अधिनियम द्वारा निगमित विश्वविद्यालय अथवा संसद के अधिनियम द्वारा स्थापित अन्य शैक्षणिक संस्थानों अथवा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 की धारा 3 के अंतर्गत घोषित मानक विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में डिग्री/वाणिज्य/चार्टर्ड एकाउंटेंसी में डिग्री। यूपीएससी पर आईआरएमएसई (150 सं.) के लिए एक मांग पत्र भेजा जा रहा है जिसमें चार विकल्पों की निम्नलिखित संख्या निहित होंगीः सिविल (30), मैकेनिकल (30), इलेक्ट्रिकल (60) और वाणिज्य तथा लेखा (30)।
परिणामों की घोषणा - यूपीएससी मेरिट के क्रम में चार विषयों से अंतिम रूप से अनुशंसित उम्मीदवारों की सूची तैयार और घोषित करेगा।
चूंकि प्रस्तावित परीक्षा योजना में आईआरएमएस (मुख्य) परीक्षा हेतु उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग के लिए सिविल सेवा (पी) परीक्षा का उपयोग करने की परिकल्पना की गई है और इसके अलावा, आईआरएमएसई के लिए काॅमन क्वालिफाइंग भाषा प्रश्नपत्रों और सीएसई के कुछ वैकल्पिक विषयों के प्रश्नपत्रों की परिकल्पना की गई है, इन दोनों परीक्षाओं के प्रारंभिक भाग और मुख्य लिखित भाग दोनों एक साथ आयोजित किये जाएंगे। आईआरएमएसई को सीएसई के साथ-साथ अधिसूचित किया जाएगा।
वर्ष 2023 के लिए यूपीएससी की परीक्षा के वार्षिक कार्यक्रम के अनुसार, सिविल सेवा (पी) परीक्षा - 2023 में 1 फरवरी 2023 और 28 मई 2023 को अधिसूचित और आयोजित की जानी निर्धारित है। चूँकि सीएसपी परीक्षा - 2023 का प्रयोग आईआरएमएस (मुख्य) परीक्षा के लिए उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग हेतु भी किया जाएगा, अतः आईआरएमएस परीक्षा - 2023 को उसी कार्यक्रम के अनुसार अधिसूचित किया जाएगा।