चारधाम यात्रा पर जाने वालों के लिए अलर्ट, रजिस्ट्रेशन से पहले जान लें ये जरूरी बातें

अगर आप भी इस साल चारधाम यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो समय रहते रजिस्ट्रेशन, यात्रा की तैयारी और जरूरी सावधानियों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इस बार सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और ऑफलाइन चारों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है।

Chardham Yatra Registration
चारधाम यात्रा रजिस्ट्रेशन कैसे करें
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Mar 2026 04:07 PM
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उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। साल 2026 की चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के दर्शन के लिए इस यात्रा में शामिल होते हैं। यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि आध्यात्मिक अनुभव भी मानी जाती है। अगर आप भी इस साल चारधाम यात्रा का प्लान बना रहे हैं तो समय रहते रजिस्ट्रेशन, यात्रा की तैयारी और जरूरी सावधानियों के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इस बार सरकार ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन, मोबाइल ऐप, व्हाट्सएप और ऑफलाइन चारों माध्यमों से पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई है।

कब खुलेंगे चारधाम के कपाट?

चारधाम यात्रा 2026 का शुभारंभ अक्षय तृतीया के पावन अवसर से होगा। यात्रा का शेड्यूल इस प्रकार है-

19 अप्रैल 2026- यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलेंगे

22 अप्रैल 2026- केदारनाथ धाम के कपाट खुलेंगे

23 अप्रैल 2026- बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे

इन तिथियों के साथ श्रद्धालुओं के लिए यात्रा के पवित्र मार्ग खुल जाएंगे और दर्शन की शुरुआत होगी।

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

चारधाम यात्रा 2026 के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 6 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है। रजिस्ट्रेशन करने के लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो करें-

  • आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
  • Register या Sign In पर क्लिक करें
  • अपना नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करें
  • लॉग इन कर Create/Manage Tour विकल्प चुनें
  • यात्रा की तारीख और धाम का चयन करें
  • सभी यात्रियों की जानकारी भरें
  • पहचान पत्र अपलोड करें
  • रजिस्ट्रेशन नंबर डाउनलोड करें
  • रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको QR कोड के साथ यात्रा पास मिलेगा।

व्हाट्सएप से आसान रजिस्ट्रेशन

अगर आप वेबसाइट का उपयोग नहीं करना चाहते तो व्हाट्सएप के जरिए भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

  • 8394833833 नंबर सेव करें
  • WhatsApp पर YATRA लिखकर भेजें
  • पूछी गई जानकारी भरें
  • रजिस्ट्रेशन पूरा करें
  • यह तरीका उन लोगों के लिए खास तौर पर आसान है जो मोबाइल से ही पंजीकरण करना चाहते हैं।

मोबाइल ऐप से करें रजिस्ट्रेशन

चारधाम यात्रा के लिए मोबाइल ऐप के जरिए भी पंजीकरण किया जा सकता है-

  • Tourist Care Uttarakhand ऐप डाउनलोड करें
  • ऐप में जानकारी भरें
  • यात्रा की तारीख और धाम चुनें
  • रजिस्ट्रेशन पूरा करें

यह तरीका तेज और सुविधाजनक माना जाता है।

ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा

ऑनलाइन के अलावा ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की भी व्यवस्था की गई है।

  • ऑफलाइन काउंटर 17 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे
  • हरिद्वार, ऋषिकेश और यात्रा मार्ग पर काउंटर मिलेंगे
  • मौके पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं

यह सुविधा उन श्रद्धालुओं के लिए है जो ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं कर पाए हैं।

रजिस्ट्रेशन क्यों जरूरी है?

चारधाम यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका उद्देश्य है-

  • यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • भीड़ प्रबंधन करना
  • आपातकालीन स्थिति में सहायता देना
  • यात्रा को व्यवस्थित बनाना
  • यात्रा पर जाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

चारधाम यात्रा पहाड़ी क्षेत्रों में होती है इसलिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।

  • मौसम की जानकारी पहले से लें
  • स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं
  • जरूरी दवाइयां साथ रखें
  • गर्म कपड़े और रेनकोट रखें
  • पहचान पत्र साथ रखें
  • यात्रा का प्लान पहले से बनाएं

श्रद्धालुओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। पोर्टल खुलने के पहले 24 घंटों में ही 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कर लिया था। इससे साफ है कि इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा में शामिल होंगे। चारधाम यात्रा सिर्फ एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक अनुभव का संगम है। अगर आप भी इस पवित्र यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं तो समय रहते रजिस्ट्रेशन कर लें और अपनी यात्रा की तैयारी शुरू कर दें।

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रामनवमी छुट्टी पर सस्पेंस खत्म, जानिए स्कूल बंद होने की सही तारीख

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रामनवमी छुट्टी पर बड़ी अपडेट
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locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Mar 2026 11:18 AM
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Ram Navami 2026 : चैत्र नवरात्रि के समापन के साथ भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी को लेकर देशभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। हालांकि वर्ष 2026 में रामनवमी की तिथि को लेकर बने मतभेद की वजह से अलग-अलग राज्यों में अवकाश की तारीखें भी अलग तय की गई हैं। यही कारण है कि कहीं 26 मार्च को छुट्टी घोषित की गई है तो कहीं 27 मार्च को स्कूल और सरकारी दफ्तर बंद रखने का फैसला लिया गया है। हिंदू पंचांग के मुताबिक नवमी तिथि 26 मार्च की सुबह से प्रारंभ होकर 27 मार्च की सुबह तक प्रभावी रहेगी। इसी आधार पर कई राज्यों ने उदया तिथि, धार्मिक परंपरा और स्थानीय मान्यता को ध्यान में रखते हुए अवकाश का निर्धारण किया है। ऐसे में छात्रों, अभिभावकों और कर्मचारियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर उनके राज्य में रामनवमी की छुट्टी किस दिन रहेगी।

रामनवमी की छुट्टी किस दिन है?

देश के अलग-अलग राज्यों ने अपने-अपने प्रशासनिक और धार्मिक आधार पर अवकाश घोषित किया है। कुछ राज्यों में 26 मार्च को मुख्य अवकाश रखा गया है, जबकि कुछ राज्यों में 27 मार्च को छुट्टी दी गई है। उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे अलग नजर आ रहा है, जहां सरकार ने दो दिनों का सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।

उत्तर प्रदेश में दो दिन की छुट्टी

उत्तर प्रदेश सरकार ने रामनवमी को लेकर बड़ा निर्णय लेते हुए 26 और 27 मार्च, दोनों दिन सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। अयोध्या में रामलला के दर्शन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। खास बात यह है कि 28 मार्च को चौथा शनिवार और 29 मार्च को रविवार पड़ रहा है, जिससे प्रदेश के छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को लगातार चार दिन का लंबा अवकाश मिल रहा है।

आज किन राज्यों में बंद हैं स्कूल?

दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड जैसे राज्यों में 26 मार्च को रामनवमी का प्रमुख अवकाश माना गया है। इन राज्यों में सरकारी स्कूलों के साथ-साथ अधिकांश निजी शिक्षण संस्थान भी बंद हैं। हालांकि कुछ निजी स्कूलों ने स्थानीय परिस्थितियों और अपने प्रबंधन के आधार पर अलग निर्णय लिया है। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल के आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें। बिहार, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में 27 मार्च को रामनवमी का अवकाश रखा गया है। बिहार के शिक्षा विभाग के अवकाश कैलेंडर के अनुसार सरकारी स्कूलों में 27 मार्च को छुट्टी निर्धारित है। वहीं वैष्णव परंपरा का पालन करने वाले समुदाय और ISKCON से जुड़े कई संस्थानों में भी 27 मार्च को ही राम जन्मोत्सव मनाया जाएगा, जिसके चलते वहां अगले दिन अवकाश रहेगा।

पश्चिम और दक्षिण भारत में अलग तस्वीर

महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक में रामनवमी को लेकर अवकाश व्यवस्था एक समान नहीं है। महाराष्ट्र के कुछ बड़े शहरों, जैसे मुंबई और नागपुर में 26 मार्च को स्कूलों और बैंकों में छुट्टी देखी जा रही है। दूसरी ओर गुजरात और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में इसे वैकल्पिक अवकाश के रूप में रखा गया है। वहीं तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में सामान्यतः रामनवमी पर स्कूल बंद नहीं किए जाते और शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य रूप से चलती रहती हैं। Ram Navami 2026

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दुनिया के सबसे पसंदीदा नेता बने पीएम मोदी, ग्लोबल सर्वे में फिर मारी बाजी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ने एक बार फिर विश्व मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। अमेरिका की जानी-मानी डेटा एनालिटिक्स संस्था मॉर्निंग कंसल्ट के ताजा वैश्विक सर्वे में पीएम मोदी 68 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बनकर उभरे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar26 Mar 2026 09:32 AM
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PM Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता ने एक बार फिर विश्व मंच पर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। अमेरिका की जानी-मानी डेटा एनालिटिक्स संस्था मॉर्निंग कंसल्ट के ताजा वैश्विक सर्वे में पीएम मोदी 68 फीसदी अप्रूवल रेटिंग के साथ दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता बनकर उभरे हैं। यह सर्वे 2 से 8 मार्च 2026 के बीच जुटाए गए आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें विभिन्न देशों के वयस्क नागरिकों की राय को सात दिनों के मूविंग एवरेज के रूप में शामिल किया गया। इस ताजा रिपोर्ट ने न केवल मोदी की घरेलू सियासी पकड़ को रेखांकित किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता और प्रभाव लगातार मजबूत हो रहा है।

पीएम मोदी 68% अप्रूवल के साथ शीर्ष पर

रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल घरेलू राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ी है। यही वजह है कि वे एक बार फिर इस वैश्विक सूची में सबसे आगे दिखाई दिए। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाय पार्मेलिन और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग 62 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। अगर अन्य बड़े नेताओं की बात करें तो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 39 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग मिली, जो पीएम मोदी से काफी पीछे है। वहीं ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर को 24 प्रतिशत समर्थन मिला। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों केवल 17 प्रतिशत अप्रूवल के साथ सूची के निचले हिस्से में रहे, जबकि उनके खिलाफ 75 प्रतिशत डिसअप्रूवल दर्ज किया गया।

लोकप्रियता के साथ रिकॉर्ड भी बना रहे हैं पीएम मोदी

सर्वे यह भी बताता है कि प्रधानमंत्री मोदी की नेट अप्रूवल रेटिंग भी मजबूत बनी हुई है। उनके खिलाफ असहमति जताने वालों का प्रतिशत 26 रहा, जो कई अन्य वैश्विक नेताओं की तुलना में कम है। इससे साफ संकेत मिलता है कि मोदी की जनस्वीकृति अभी भी मजबूत आधार पर टिकी हुई है। इससे पहले जुलाई 2025 में जारी मॉर्निंग कंसल्ट की रिपोर्ट में भी पीएम मोदी 75 प्रतिशत अप्रूवल रेटिंग के साथ सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता रहे थे। राजनीतिक उपलब्धियों के लिहाज से भी प्रधानमंत्री मोदी का दौर रिकॉर्ड दर्ज कर रहा है। 25 जुलाई 2025 को उन्होंने लगातार कार्यकाल के मामले में इंदिरा गांधी को पीछे छोड़ दिया और भारत के दूसरे सबसे लंबे समय तक बिना रुकावट प्रधानमंत्री पद संभालने वाले नेता बन गए। इस सूची में अब उनसे आगे केवल पंडित जवाहरलाल नेहरू हैं। PM Modi

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