राजस्थान के युवाओं के लिए बड़ी राहत: कोर्ट ने भर्ती पर लगी रोक हटाई, जल्द होगी 6433 नियुक्तियां
भारत
चेतना मंच
04 Aug 2025 09:04 PM
राजस्थान के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राजस्थान हाईकोर्ट ने पशु परिचर (एनिमल अटेंडेंट) भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक हटा दी है। इस फैसले के साथ 6433 पदों पर होने वाली नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। इस भर्ती के लिए 17 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिससे राज्य के युवाओं में रोजगार की नई उम्मीद जगी है।
कोर्ट ने क्यों हटाई रोक?
भर्ती प्रक्रिया पर रोक इसलिए लगी थी क्योंकि कुछ अभ्यर्थियों ने राजस्थान अधीनस्थ एवं मंत्रालयिक सेवा चयन बोर्ड (RSMSSB) द्वारा अपनाए गए स्केलिंग फॉर्मूले को गलत बताते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उनका कहना था कि भर्ती विज्ञापन में स्केलिंग या नॉर्मलाइजेशन का कोई उल्लेख नहीं था, केवल नेगेटिव मार्किंग की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा, रॉ मार्क्स और कैटेगरी वाइज कट-ऑफ सार्वजनिक नहीं किए गए थे।
कोर्ट का तर्क और फैसला
जस्टिस रेखा बोराणा की अदालत ने इन सभी तर्कों को खारिज करते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा के पहले ही यह बता दिया गया था कि परीक्षा कई शिफ्टों में होगी और नॉर्मलाइजेशन का तरीका अपनाया जाएगा। 5 जून 2024 को जारी सर्कुलर में इस बारे में जानकारी दी गई थी, जो भर्ती विज्ञापन का हिस्सा माना गया।
इसके साथ ही कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी उम्मीदवार, जो बिना आपत्ति के चयन प्रक्रिया में शामिल होता है, वह असफल होने के बाद प्रक्रिया को चुनौती नहीं दे सकता। इसी आधार पर 24 जुलाई 2025 को कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया और सभी स्टे तथा लंबित आवेदनों को समाप्त कर दिया।
स्केलिंग फॉर्मूले पर क्या कहा गया?
RSMSSB की ओर से बताया गया कि इतने बड़े स्तर की परीक्षा को एक ही शिफ्ट में कराना संभव नहीं था। जब परीक्षा कई शिफ्टों में कराई गई तो सभी उम्मीदवारों के बीच निष्पक्षता बनाए रखने के लिए स्केलिंग या नॉर्मलाइजेशन लागू करना जरूरी था। विशेषज्ञों की समिति द्वारा तैयार किए गए इस फॉर्मूले ने छह शिफ्टों के प्रश्नपत्रों की कठिनाई का मूल्यांकन कर संतुलन बनाया। बाद में असफल उम्मीदवारों के रॉ मार्क्स भी सार्वजनिक किए गए ताकि पारदर्शिता बनी रहे।