महाराष्ट्र में धर्मांतरण पर कड़ा कानून लाने की तैयारी, कैबिनेट ने दी मंजूरी

महाराष्ट्र विधानसभा में पेश होने के बाद इस विधेयक पर व्यापक बहस की संभावना है, जिससे राज्य की सियासत और सामाजिक विमर्श दोनों में नई हलचल देखी जा सकती है।

देवेंद्र फडणवीस
देवेंद्र फडणवीस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Mar 2026 07:40 PM
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Maharashtra News : महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को एक अहम मोड़ आया, जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में हुई मंत्रिमंडल बैठक में धर्मांतरण निषेध से जुड़े प्रस्तावित विधेयक को हरी झंडी दे दी गई। लंबे समय से चर्चा में रहे इस मुद्दे पर सरकार ने निर्णायक रुख अपनाते हुए संकेत दिया है कि अब इसे विधायी प्रक्रिया के जरिए कानून का रूप देने की तैयारी है। महाराष्ट्र विधानसभा में पेश होने के बाद इस विधेयक पर व्यापक बहस की संभावना है, जिससे राज्य की सियासत और सामाजिक विमर्श दोनों में नई हलचल देखी जा सकती है।

बल और छल से धर्म परिवर्तन पर कड़ी कार्रवाई

सरकार के प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति दबाव, धोखाधड़ी, या किसी प्रकार के लालच के जरिए किसी का धर्म परिवर्तन कराता है, तो उसके खिलाफ गैर-जमानती अपराध के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। ऐसे मामलों में पुलिस को तत्काल कार्रवाई का अधिकार होगा और आरोपी को नियमित प्रक्रिया के तहत ही जमानत मिल सकेगी। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि विधेयक के विस्तृत कानूनी प्रावधान और प्रक्रियात्मक दिशानिर्देश शीघ्र सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को इसके दायरे और प्रभाव की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

कैबिनेट के फैसले के बाद मंत्री नितेश राणे ने कहा कि राज्य में धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग काफी समय से की जा रही थी। उनके अनुसार, विभिन्न सामाजिक और हिंदुत्व संगठनों ने इस विषय को लेकर लगातार आवाज उठाई थी। अब मंत्रिमंडल की मंजूरी के साथ इस दिशा में औपचारिक कदम बढ़ा दिया गया है और जल्द ही इसका शासनादेश (जीआर) जारी किया जाएगा। नितेश राणे ने यह भी कहा कि प्रस्तावित कानून की संरचना ऐसी बनाई गई है कि यह अन्य राज्यों के समान कानूनों से अधिक प्रभावी सिद्ध होगा। उन्होंने विशेष रूप से मध्य प्रदेश और गुजरात का उल्लेख करते हुए दावा किया कि महाराष्ट्र का विधेयक उनसे अधिक सख्त प्रावधानों वाला होगा।

नमाज से जुड़े मुद्दे पर टिप्पणी

मुंबई हाई कोर्ट के हालिया निर्णय पर प्रतिक्रिया देते हुए नितेश राणे ने कहा कि न्यायालय के आदेशों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने सार्वजनिक स्थलों पर नमाज अदा करने की आवश्यकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मस्जिदों में पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है, तो सड़कों या हवाई अड्डों जैसे स्थानों पर धार्मिक गतिविधियों की जरूरत पर विचार होना चाहिए। Maharashtra News

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कामठी में सनसनीखेज वारदात, मामूली विवाद ने लिया खूनी रंग, गिरफ्तार

विवाद बढ़ता गया और अक्षय ने रवि का गला पकड़ लिया। इसी बीच, उसने अपने हाथ में पहने लोहे के भारी कड़े से रवि के सिर पर दो जबरदस्त घूसे मार दिए। इतना ही नहीं, जब मोहनीश कार से उतरकर बीच-बचाव में आया, तो अक्षय ने उसे भी मारना शुरू कर दिया।

Nagpur Road Rage
नागपुर में सनसनीखेज सड़क विवाद (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Mar 2026 06:03 PM
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Nagpur News: नागपुर के कामठी इलाके में सड़क किनारे साइड मांगने के विवाद ने एक युवक की जान ले ली। होली के त्योहार पर मस्ती कर रहे दो दोस्तों के साथ जब उन्होंने साइड मांगने के लिए हॉर्न बजाया, तो तमंचे बढ़ गए। सड़क के बीचों-बीच चल रहे युवक ने न सिर्फ गाली-गलौज किया, बल्कि विवाद बढ़ने पर उसने अपने हाथ में पहने लोहे के कड़े से हमलावर के सिर पर जबरदस्त वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है।

जाने क्या है पूरा मामला?

मृतक की पहचान बजरंगपार, कामठी निवासी रवि शिवकुमार अंगुथलेवार (30) के रूप में हुई है, जबकि आरोपी अक्षय धनराज गेडाम (30), निवासी न्यू खलासी लाइन, कामठी है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को रवि अपने दोस्त मोहनीश सुनैन आंबटवार (25) के साथ होली का त्योहार मनाने गया था। दोपहर लगभग 3 बजे दोनों दोस्त मोहनीश की कार से रवि के घर लौट रहे थे। रास्ते में न्यू खलासी लाइन परिसर के पास पहुंचते समय आरोपी अक्षय अपनी भाभी के साथ सड़क के बीचों-बीच चल रहा था।

हॉर्न बजाने पर उठा अहंकार

कार चला रहे मोहनीश ने जैसे ही साइड देने के लिए हॉर्न बजाया, अक्षय आग बबूला हो गया। उसने तुरंत कार में सवार युवकों को गालियां देनी शुरू कर दीं और कहा- 'चल निकल यहां से।' इस पर रवि ने कार से उतरकर उसे सड़क के बीच से चलने को लेकर टोका और शांत रहने की सलाह दी।

दो घूसों में थम गई जान

विवाद बढ़ता गया और अक्षय ने रवि का गला पकड़ लिया। इसी बीच, उसने अपने हाथ में पहने लोहे के भारी कड़े से रवि के सिर पर दो जबरदस्त घूसे मार दिए। इतना ही नहीं, जब मोहनीश कार से उतरकर बीच-बचाव में आया, तो अक्षय ने उसे भी मारना शुरू कर दिया। इस हमले में रवि गंभीर रूप से घायल होकर वहीं जमीन पर गिर गया और बेहोश हो गया। इलाके के लोगों ने बीच-बचाव किया और रवि को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उसे मेयो अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रवि ने दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई

इस घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। नागपुर पुलिस ने शुरू में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर गंभीर चोट के कारण मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने बुधवार को अक्षय के खिलाफ हत्या (धारा 302) का मामला दर्ज किया। पुलिस ने आरोपी अक्षय गेडाम को गिरफ्तार कर लिया है और गुरुवार को उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा। इस दर्दनाक घटना से मृतक रवि के परिजनों में कोहराम मच गया है और वे गहरे सदमे में हैं। Nagpur News

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इन देशों में नल का पानी है बोतलबंद मिनरल वॉटर से भी शुद्ध

दुनिया में पानी की गुणवत्ता मापने के लिए 'एनवायर्नमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स' (EPI) का इस्तेमाल होता है। येल यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा जारी इस सूचकांक में पानी की स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट और जल प्रबंधन जैसे मानकों पर देशों को अंक दिए जाते हैं।

Freshwater
शुद्ध जल की बहार (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Mar 2026 02:22 PM
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Many large countries have access to clean drinking water : भारत समेत दुनिया के कई बड़े देशों में लोग साफ पानी पीने के लिए आरओ (RO) फिल्टर लगवाते हैं या पानी को उबालकर पीते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में कुछ ऐसे भी देश हैं, जहां घर के नल (टैप) से निकलने वाला पानी सीधे पीने योग्य होता है? वहां लोगों को न तो पानी उबालने की जरूरत होती है और न ही बोतलबंद पानी खरीदने की। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन देशों का नल का पानी बोतलबंद मिनरल वॉटर से भी ज्यादा साफ और सुरक्षित माना जाता है।

साफ पानी एक बड़ी चुनौती

संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, धरती पर कुल पानी का सिर्फ 2.5% से 3% हिस्सा ही मीठा पानी (Freshwater) है। इसमें से भी बहुत कम हिस्सा सीधे पीने लायक होता है। ऐसे में साफ और सुरक्षित पेयजल आज पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। जहां कई देश पानी की गुणवत्ता को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, वहीं कुछ देश जल प्रबंधन में दुनिया को मात दे रहे हैं।

कैसे तय होती है पानी की गुणवत्ता?

दुनिया में पानी की गुणवत्ता मापने के लिए 'एनवायर्नमेंटल परफॉर्मेंस इंडेक्स' (EPI) का इस्तेमाल होता है। येल यूनिवर्सिटी और कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा जारी इस सूचकांक में पानी की स्वच्छता, सीवेज ट्रीटमेंट और जल प्रबंधन जैसे मानकों पर देशों को अंक दिए जाते हैं। हालिया रिपोर्ट्स में यूरोप और नॉर्डिक देशों ने इस मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां नल का पानी 100% सुरक्षित है:

1. स्विट्जरलैंड (Switzerland)

स्विट्जरलैंड को दुनिया के सबसे साफ पानी वाले देश का दर्जा मिला है। यहां का पानी सीधे ग्लेशियर, पहाड़ों और झीलों से आता है। सरकार ने जल गुणवत्ता पर बेहद सख्त नियम बनाए हैं। यहां नल का पानी नियमित रूप से जांचा जाता है और बिना उबाले पीने योग्य होता है।

2. फिनलैंड (Finland)

फिनलैंड को 'हजार झीलों का देश' कहा जाता है। यहां प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाला पानी प्रदूषण मुक्त है। EPI में फिनलैंड को जल गुणवत्ता के मामले में बहुत उच्च अंक मिले हैं। यहां के लोग बिना किसी हिचक के सीधे नल का पानी पीते हैं।

3. नॉर्वे (Norway)

नॉर्वे में पानी की साफ-सफाई का स्तर बेहद ऊंचा है। यहां पहाड़ी स्रोतों और बर्फ से पिघलने वाले पानी का इस्तेमाल होता है। कम औद्योगिक प्रदूषण और सख्त सरकारी नियंत्रण की वजह से यहां का पानी बेहद शुद्ध माना जाता है।

 4. आइसलैंड (Iceland)

आइसलैंड का पानी सबसे अनूठा है। यहां का पानी ज्वालामुखीय चट्टानों से होकर गुजरता है, जो एक प्राकृतिक फिल्टर का काम करती हैं। इस कारण यहां का पानी बेहद साफ और खनिज युक्त होता है। यहां बोतलबंद पानी की खपत बहुत कम है और पर्यटक भी सीधे नल का पानी पी सकते हैं।

अन्य प्रमुख देश

इनके अलावा, ऑस्ट्रिया, ग्रीस, आयरलैंड, माल्टा, नीदरलैंड और यूके (UK) में भी नल का पानी बेहद साफ और पीने योग्य है। इन देशों में पानी को लेकर लोगों को कोई दिक्कत नहीं होती और वे बिना किसी डर के टैप वॉटर का इस्तेमाल करते हैं। Many large countries have access to clean drinking water

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