
Rajasthan News : इन दिनों बुलडोजर का क्रेज बढ़ता ही जा रहा रहा है। यूपी में जहां बाबा का बुलडोजर जहां अवैध अतिक्रमण और अपराधियों की संपत्ति पर चला रहा है, वहीं दूसरी ओर दिल्ली में भी बुलडोजर चल रहा है। अब राजस्थान में नगर पालिका ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ढाई सौ साल पुराने एक मंदिर समेत तीन मंदिरों पर बुलडोजर चला दिया गया है, जिससे ये तीनों मंदिर ध्वस्त हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के अलवर जनपद में अलवर नगर पालिका ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजगढ़ स्थित तीन मंदिरों को बुलडोजर से ढहा दिया है। मंदिरों पर बुलडोजर की इस कार्रवाई को लेकर भाजपा नेताओं ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए बुलडोजर से मंदिर गिराने की कार्यवाही को दिल्ली के जहांगीरपुरी में कथित अवैध निर्माण ध्वस्त करने का बदला लेना बताया गया है।
आपको बता दें कि पहले उत्तर प्रदेश के कुछ सपा विधायकों के निर्माण पर बुल्डोजर, फिर मध्य प्रदेश के खरगोन में, उसके बाद दिल्ली के जहांगीरपुरी और अब राजस्थान के अलवर में बुलडोजर कार्यवाही इसके उदाहरण हैं। अलवर स्थित राजगढ़ में राजस्थान की प्रदेश सरकार द्वारा बुलडोजर से तीन मंदिर गिराने के मामले के मद्देनज़र यह ज्ञात हुआ है कि मंदिर की छत और खंभों को नष्ट करने के लिए जेसीबी लाया गया था, जिसके चलते मंदिर की मूर्तियों और मंदिर के अंदर स्थापित शिवलिंग को भी उखाड़कर नुकसान पहुंचाया गया है।
अलवर में घटित इस मामले के मद्देनज़र स्थानीय कांग्रेस विधायक जौहरी लाल मीणा का एक बयान सामने आया है जिसमें वह कहते सुनवाई दे रहे हैं कि अगर 34 स्थानीय पार्षदों को उनके पास लाया जाता तो कांग्रेस द्वारा इस नगरपालिका विध्वंस अभियान को रोका जा सकता था। विधायक के इस बयान के बाद मामला और भी संजीदा हो गया है।
राजस्थान भाजपा ने राज्य की कांग्रेस सरकार द्वारा मंदिरों पर इस बुल्डोजर कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा है कि कांग्रेस ने अलवर में मंदिर गिराकर दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुई बुल्डोजर कार्यवाही का बदला लिया है। बतौर भाजपा राजस्थान की गहलोत सरकार द्वारा गिराया गया यह मंदिर करीब 300 साल पुराना है और इसे ध्वस्त करना हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ बताया है।