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यह हादसा मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पास हुआ जहां ट्रेन के दो कोच आग की चपेट में आ गए।

रविवार सुबह देश के सबसे व्यस्त रेल रूट में शामिल दिल्ली-मुंबई मार्ग पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब त्रिवेंद्रम-निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस में अचानक भीषण आग लग गई। यह हादसा मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पास हुआ जहां ट्रेन के दो कोच आग की चपेट में आ गए। घटना इतनी डरावनी थी कि सो रहे यात्रियों की नींद चीख-पुकार और धुएं से खुली। हालांकि राहत की बात यह रही कि रेलवे कर्मचारियों की तेजी और समझदारी के कारण सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जानकारी के मुताबिक, गाड़ी संख्या 12431 राजधानी एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम से दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्टेशन की ओर जा रही थी। रविवार सुबह करीब 5:15 बजे नागदा-कोटा रेलखंड पर लूणी रीछा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन के बीच ट्रेन के बी-1 एसी कोच में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पास की बोगी तक फैल गई। उस समय ज्यादातर यात्री गहरी नींद में थे। अचानक धुआं भरने लगा और ट्रेन के अंदर लगे सेफ्टी अलार्म बज उठे। कुछ ही पलों में पूरे कोच में भगदड़ जैसे हालात बन गए। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
हादसे के दौरान ट्रेन मैनेजर और गार्ड ने बेहद समझदारी दिखाई। जैसे ही आग की लपटें दिखाई दीं तुरंत लोको पायलट को सूचना दी गई। ड्राइवर ने बिना देरी किए ट्रेन रोक दी। इसके बाद रेलवे कर्मचारियों ने सबसे पहले यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू किया। रेलवे अधिकारियों ने आग को पूरी ट्रेन में फैलने से रोकने के लिए प्रभावित कोचों को मुख्य ट्रेन से अलग कर दिया। साथ ही ओवरहेड बिजली सप्लाई भी तुरंत बंद कर दी गई ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो।
रेलवे की शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बी-1 कोच के एसएलआर हिस्से के पास तकनीकी खराबी हुई जिसके बाद अचानक आग भड़क उठी। हालांकि रेलवे ने साफ कहा है कि असली कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच कराई जाएगी।
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। रेलवे की एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन और मेडिकल टीम भी तुरंत घटनास्थल पर भेजी गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित कोच में मौजूद सभी 68 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। किसी भी यात्री के घायल होने या जान जाने की खबर नहीं है। यात्रियों को ट्रैक किनारे सुरक्षित जगह पर बैठाया गया जहां उन्हें पानी, चाय और जरूरी सहायता उपलब्ध कराई गई।
इस हादसे के बाद दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हो गई। कई ट्रेनों को बीच रास्ते में रोकना पड़ा। मुंबई-जयपुर सुपरफास्ट समेत कई ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं। रेलवे की टीमें ट्रैक को जल्द सामान्य करने में जुटी रहीं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को ज्यादा परेशानी न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई। राजधानी एक्सप्रेस को कोटा तक ले जाया जाएगा जहां नए कोच जोड़कर यात्रियों को आगे भेजा जाएगा।
हादसे के बाद यात्रियों के चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था। कई यात्रियों ने बताया कि अचानक धुआं भरने लगा और कुछ समझने से पहले लोग चिल्लाने लगे। कुछ बच्चों और बुजुर्गों की हालत घबराहट की वजह से खराब हो गई थी। हालांकि रेलवे कर्मचारियों ने सभी को शांत कराया और सुरक्षित बाहर निकाला।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं। रतलाम रेल मंडल और कोटा मंडल के अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। रेलवे का कहना है कि तकनीकी जांच के बाद ही आग लगने की असली वजह सामने आएगी। पश्चिम मध्य रेलवे के CPRO हर्षित श्रीवास्तव ने बताया कि समय रहते कार्रवाई होने से बड़ा हादसा टल गया। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित यात्रियों की हर संभव मदद की जा रही है।
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